Tuesday, 22 August 2023

बड़ा अद्भुत नजारा तेरे धाम का

Main to diwana Prabhu Ram ka

बड़ा अद्भुत नजारा तेरे धाम का
मैं तो दीवाना प्रभु राम का
अनमोल तुमने बना दिया
मैं तो नहीं था किसी काम का

दुनिया प्रभु तेरी अजब निराली
कहीं पर अँधेरा कहीं पर दिवाली
कहीं सुबह का नजारा कहीं शाम का
मैं तो दीवाना प्रभु राम का .......

कहीं उत्सव कहीं मातम छाया
हर घट बसती है तेरी माया
कहीं गूंजे जयकारा प्रभु नाम का
मैं तो दीवाना प्रभु राम का .......

तेरी दी हुई सांस मैं लेता
सांस सांस "शुभ" नाम मैं लेता
नहीं लेना समय विश्राम का
मैं तो दीवाना प्रभु राम का .......

रचयिता : अभिषेक मैत्रेय "शुभ"
X (twitter): @abhimaitrey

Saturday, 19 August 2023

ऑंखें बंद करूँ या खोलूँ, मुझको दर्शन दे देना - माता

Aankhen band karu ya kholu

ऑंखें बंद करूँ या खोलूँ, मुझको दर्शन दे देना ll
दर्शन दे देना, मात मुझे दर्शन दे देना ll
ऑंखें बंद करूँ या खोलूँ .....

मैं नाचीज़ हूँ बन्दा तेरा, "तू सबकी माता है" ll (मईया)
तेरे हाथ में सारी दुनियाँ, "मेरे हाथ में क्या है" ll
तुझको देखूँ जिसमे ऐसा, दर्पण दे देना ll
ऑंखें बंद करूँ या खोलूँ .....

मेरे अन्दर तेरी ज्योति, "रिश्ता है सदियों का" ll (मईया)
जैसे इक नाता होता है, "सागर से नदियों का" ll
करूँ साधना तेरी ऐसा, साधन दे देना ll
ऑंखें बंद करूँ या खोलूँ .....

हम सब हैं भक्तन माँ तेरे, "तू है मात हमारी" ll (मईया)
एक ही बिनती सुन लो मईया, "हम सब शरण तुम्हारी" ll
तेरे दर पे आते रहें हम, शक्ति दे देना ll
ऑंखें बंद करूँ या खोलूँ .....

एक प्रार्थना तुमसे मईया, "मन में आते रहना" ll (मईया)
हर इक साँस में मईया अपनी, "झलक दिखते रहना" ll
अंत समय जब प्राण तजूं तब, दर्शन दे देना ll
ऑंखें बंद करूँ या खोलूँ .....

संकलनकर्ता : अभिषेक मैत्रेय "शुभ" X (twitter): @abhimaitrey

हे भवानी तू चाहे ना बिगड़ी बना

हे भवानी तू चाहे ना बिगड़ी बना, हम तो दर तेरे आते रहेंगे
माँ मंदिर की देहलीज पर बैठ कर, प्यार से गाते रहेंगे

तू भी रखना यकीन हमने कहना नहीं, आसमा से ना और ना ज़मीन से
करदे वादा अटल है इशाराअटल, खैर लेनी तो लेनी यही से
तू हमे देख कर चाहे मुँह मोड़ ले, हम तो फिर भी बुलाते रहेंगे
हे भवानी तू चाहे ना बिगड़ी बना, हम तो दर तेरा आते रहेंगे

हम भले या बुरे तेरे कदमो तले, लेके आये है इस ज़िंदगी को,
चाहे मसलो हमे चाहे कुचलो हमें, शायद मर ही जाये ख़ुशी से
इस निगाहो में माँ तेरी सूरत बसी, मैया तुमको रिझाते रहेंगे
हे भवानी तू चाहे ना बिगड़ी बना, हम तो दर तेरे आते रहेंगे

हाय थके हैं माँ फिर भी पक्के है माँ, कर दिया खुद को तेरे हवाले
कैसा दुनिया का दर अब है कैसा फ़िक्र, पास रखले या दिल में छुपा ले
कहता निर्दोष तेरा है तुझसे ये माँ, तेरा दीदार पाते रहेंगे
हे भवानी तू चाहे ना बिगड़ी बना, हम तो दर तेरे आते रहेंगे

संकलनकर्ता : अभिषेक मैत्रेय "शुभ"



Twitter: @abhimaitrey