Friday, 8 September 2023

लिखने वाले तू होके दयाल लिख दे

Likhne wale tu hoke dayal likh de

लिखने वाले तू होके दयाल लिख दे
मेरे ह्रदय अन्दर सद्गुरु का प्यार लिख दे

माथे पे लिख दे ज्योति गुरु की
आँखों में उनका दीदार लिख दे
मेरे ह्रदय अन्दर सद्गुरु का प्यार लिख दे

जिव्या पे लिख दे नाम गुरु का
कानो में शब्द झंकार लिख दे
मेरे ह्रदय अन्दर सद्गुरु का प्यार लिख दे

हाथो पे लिख दे सेवा गुरु की
तन मन धन उन पे वार लिख दे
मेरे ह्रदय अन्दर सद्गुरु का प्यार लिख दे

पैरों में लिख दे जाना गुरु के द्वार
सारा जीवन ही तू उनके साथ लिख दे
मेरे ह्रदय अन्दर सद्गुरु का प्यार लिख दे

एक मत लिखना गुरु का बिछड़ना
चाहे तू सारा संसार लिख दे
मेरे ह्रदय अन्दर सद्गुरु का प्यार लिख दे

लिखने वाले तू होके दयाल लिख दे
मेरे ह्रदय अन्दर सद्गुरु का प्यार लिख दे

संकलनकर्ता: अभिषेक मैत्रेय "शुभ"
X (twitter): @abhimaitrey

उठ जाग मुसाफिर भोर भई

Uth jaag musafir bhor bhayi

उठ जाग मुसाफिर भोर भई,
अब रैन कहाँ जो सोवत है ।
जो जागत है सोई पावत है,
जो सोवत है सो खोवत है ॥

उठ नींद से अखियाँ खोल जरा,
और अपने प्रभु में ध्यान लगा ।
यह प्रीत करन की रीत नहीं,
प्रभु जागत है तू सोवत है ॥
जो जागत है सोई पावत है,
जो सोवत है सो खोवत है ...

जो कल करना सो आज कर ले,
जो आज करे सो अब कर ले ।
जब चिड़िया ने चुग खेत लिया,
फिर पछताए क्या होवत है ॥
जो जागत है सोई पावत है,
जो सोवत है सो खोवत है ...

नादान भुगत अपनी करनी,
ऐ पापी पाप में चैन कहाँ ।
जब पाप की गठड़ी शीश धरी,
अब शीश पकड़ क्यूँ रोवत है ॥
जो जागत है सोई पावत है,
जो सोवत है सो खोवत है ...

संकलनकर्ता : अभिषेक मैत्रेय "शुभ"
X (twitter): @abhimaitrey

किसी के काम जो आये, उसे इन्सान कहते हैं

Kisi ke kaam jo aaye, usse insaan kahte hain

किसी के काम जो आये, उसे इन्सान कहते हैं।
पराया दर्द अपनाये, उसे इन्सान कहते हैं॥

यह दुनियाँ एक उलझन है, कहीं धोखा कहीं ठोकर।
कोई हँस-हँस के जीता है, कोई जीता है रो-रोकर॥
जो गिरकर फिर सँभल जाये, उसे इन्सान कहते हैं॥
किसी के काम जो आये, उसे इन्सान कहते हैं।
पराया दर्द अपनाये, उसे इन्सान कहते हैं॥

अगर गलती रुलाती है, तो राहें भी दिखाती है।
मनुज गलती का पुतला है, यह अक्सर हो ही जाती है॥
जो कर ले ठीक गलती को, उसे इन्सान कहते हैं॥
किसी के काम जो आये, उसे इन्सान कहते हैं।
पराया दर्द अपनाये, उसे इन्सान कहते हैं॥

कभी धनवान है कितना, कभी इन्सान निर्धन है।
कभी सुख है, कभी दुःख है, इसी का नाम जीवन है॥
जो मुश्किल में न घबराये, उसे इन्सान कहते हैं॥
किसी के काम जो आये, उसे इन्सान कहते हैं।
पराया दर्द अपनाये, उसे इन्सान कहते हैं॥

यूँ भरने को तो दुनियाँ में, पशु भी पेट भरते हैं।
लिये इन्सान का दिल जो, वो नर परमार्थ करते हैं॥
पथिक जो बाँट कर खाये, उसे इन्सान कहते हैं॥
किसी के काम जो आये, उसे इन्सान कहते हैं।
पराया दर्द अपनाये, उसे इन्सान कहते हैं॥

संकलनकर्ता : अभिषेक मैत्रेय "शुभ" Twitter: @abhimaitrey

Thursday, 7 September 2023

मेरे नयनों में बस जाओ श्याम

Mere nayano me bas jao shyam

मेरे नयनों में बस जाओ श्याम,आन मिलो अब आन मिलो
मेरे दिल में जगह बनाओ श्याम,आन मिलो अब आन मिलो

मेरी अँखियाँ पंथ निहार रही,आन मिलो अब आन मिलो
कृष्णा- कृष्णा पुकार रहीं,आन मिलो अब आन मिलो
मेरे दिल के हो दिलदार तुम्हीं,आन मिलो अब आन मिलो
मेरे प्रियवर प्राणाधार तुम्हीं,आन मिलो अब आन मिलो
मेरे नयनों में बस जाओ श्याम....

हम टकुर-२ तुम्हें देखते हैं,आन मिलो अब आन मिलो
हम रोज संदेशा भेजते हैं,आन मिलो अब आन मिलो
तुम क्यों नहीं झलक दिखाते हो,आन मिलो अब आन मिलो
या हमें देख छिप जाते हो,आन मिलो अब आन मिलो
मेरे नयनों में बस जाओ श्याम....

तुम कान्हा कृष्ण मुरारी हो,आन मिलो अब आन मिलो
तुम गोवर्धन गिरधारी हो,आन मिलो अब आन मिलो
तुम छलिया भीष्म पितामह के,आन मिलो अब आन मिलो
तुम मित्र हो संत सुदामा के,आन मिलो अब आन मिलो
मेरे नयनों में बस जाओ श्याम....

मैंने ऐसा कौन सा पाप किया,आन मिलो अब आन मिलो
तुने चाहा जब तेरा जाप किया,आन मिलो अब आन मिलो
फिर मेरी क्यों नहीं सुनते हो,आन मिलो अब आन मिलो
फिर इतनी देर क्यों करते हो,आन मिलो अब आन मिलो
मेरे नयनों में बस जाओ श्याम....

सुना है हर घट रहते हो,आन मिलो अब आन मिलो
फिर मुझको क्यों नहीं दिखते हो?आन मिलो अब आन मिलो
मेरी वाणी में क्या आह नहीं,आन मिलो अब आन मिलो
या तुम्हें मेरी परवाह नहीं,आन मिलो अब आन मिलो
मेरे नयनों में बस जाओ श्याम....

तुमसे मेरी शिकायत है,आन मिलो अब आन मिलो
या कहदो मेरी आदत है,आन मिलो अब आन मिलो
मुझे तेरे बगैर है जीना नहीं,आन मिलो अब आन मिलो
तू ना सही तेरी याद सही,आन मिलो अब आन मिलो
मेरे नयनों में बस जाओ श्याम....

रचयिता : अभिषेक मैत्रेय "शुभ"
X(twitter): @abhimaitrey

Wednesday, 6 September 2023

हुए अवतरित हैं आज कन्हैया हमारे

Hue avatarit hain aaj Kanhaiya hamare

हुए अवतरित हैं आज कन्हैया हमारे
कन्हैया हमारे, नन्द बाबा दुलारे
नन्द बाबा दुलारे, यशोदा के प्यारे
हुए अवतरित हैं आज कन्हैया हमारे

देखो मेरे छलिया की शान निराली, सत्संग की भर -भर देते प्याली
करें भक्तों का उद्धार कन्हैया हमारे, हुए अवतरित हैं आज कन्हैया हमारे ...

कैसा मंगल दिवस है आया, भक्तों ने बड़ी धूम से मनाया
कीर्तन की बहती बयार कन्हैया हमारे, हुए अवतरित हैं आज कन्हैया हमारे ...

जन्म लिया कारागार में जिसने, बंधन मुक्त किये हैं उसने
हुआ धरती पर अवतार कन्हैया हमारे, हुए अवतरित हैं आज कन्हैया हमारे ...

ज्ञान गगन के सूर्य कन्हैया, शील शांत माधुर्य कन्हैया
सोलह कला के अवतार कन्हैया हमारे, हुए अवतरित हैं आज कन्हैया हमारे ...

"शुभ" जगत में आनंद छाया, मंगलाचरण सारे विश्व में गाया
कलिकाल में तारणहार कन्हैया हमारे, हुए अवतरित हैं आज कन्हैया हमारे ...

रचयिता : अभिषेक मैत्रेय "शुभ"
X (twitter): @abhimaitrey