Tuesday, 25 February 2025

शिव भजन - हे त्रिपुरारी - भाग 3

ॐ नमः शिवाय, ॐ नमः शिवाय
प्रभु जय हो तुम्हारी, भोले जय हो तुम्हारी

हे भीमेश्वर हे विश्वेश्वर
तुम सर्वव्यापी, प्रभु जय हो तुम्हारी
ॐ नमः शिवाय, ॐ नमः शिवाय

हे सत्य सनातन हे देव पुरातन
तुम हो ”शुभ”कारी, प्रभु जय हो तुम्हारी
ॐ नमः शिवाय, ॐ नमः शिवाय

हे त्रिलोचन हे भस्मीभूतन
तुम मंगलकारी, प्रभु जय हो तुम्हारी
ॐ नमः शिवाय, ॐ नमः शिवाय

हे अटल वैरागी हे सिद्ध योगी
तेरी नंदी सवारी, प्रभु जय हो तुम्हारी
ॐ नमः शिवाय, ॐ नमः शिवाय

हे चंद्रशेखर हे भोले महेश्वर
तुम गंगाधारी, प्रभु जय हो तुम्हारी
ॐ नमः शिवाय, ॐ नमः शिवाय

रचयिता : अभिषेक मैत्रेय "शुभ"

शिव भजन - हे त्रिपुरारी - भाग 2

ॐ नमः शिवाय, ॐ नमः शिवाय
प्रभु जय हो तुम्हारी, भोले जय हो तुम्हारी

हे स्वयं अकिंचन हे दुःख भंजन
तुम कल्याणकारी , प्रभु जय हो तुम्हारी
ॐ नमः शिवाय, ॐ नमः शिवाय

हे भूतनाथ हे सदा सनाथ
तुम विस्मयकारी, प्रभु जय हो तुम्हारी
ॐ नमः शिवाय, ॐ नमः शिवाय

हे सहज वचन हर हे जलज नयन वर
तुम पापहारी, प्रभु जय हो तुम्हारी
ॐ नमः शिवाय, ॐ नमः शिवाय

हे औढरदानी हे अकथ कहानी
तेरी महिमा न्यारी, प्रभु जय हो तुम्हारी
ॐ नमः शिवाय, ॐ नमः शिवाय

रचयिता : अभिषेक मैत्रेय "शुभ"
X (twitter): @abhimaitrey

Saturday, 22 February 2025

तुम इष्ट हो परमात्मा, गुरुवर मेरे मेरी आत्मा

तुम इष्ट हो परमात्मा, गुरुवर मेरे मेरी आत्मा

अधरन तेरी मुस्कान है, शरणं हुआ ये जहान है
गुंजन हुआ "शुभ" गान है, आये धरा पर भगवान हैं
तुम इष्ट हो परमात्मा, गुरुवर मेरे मेरी आत्मा .....

योगेश्वर धर्म प्रणेता, लोक लाडिले ब्रह्मवेत्ता
युग प्रवर्तक, ह्रदय विजेता, भाव की माला दास ये देता
तुम इष्ट हो परमात्मा, गुरुवर मेरे मेरी आत्मा .....

मैं दीन हूँ तुम दीनानाथ, भक्तों के रहते हो साथ
सुनकर प्रभु करुण पुकार, धरती पर लीन्ह अवतार
तुम इष्ट हो परमात्मा, गुरुवर मेरे मेरी आत्मा .....

तपती धरा का ताप मिटाने, निर्मम जनों को निर्मल बनाने
तमस हटाकर प्रकाश जगाने, धर्म सुवास चहुंओर फैलाने
तुम इष्ट हो परमात्मा, गुरुवर मेरे मेरी आत्मा .....

रचयिता : अभिषेक मैत्रेय "शुभ"

शिव भजन - हे त्रिपुरारी - भाग 1

ॐ नमः शिवाय, ॐ नमः शिवाय
प्रभु जय हो तुम्हारी, भोले जय हो तुम्हारी

हे त्रिपुरारी हे विषधारी-२
तुम जग हितकारी, प्रभु जय हो तुम्हारी
ॐ नमः शिवाय, ॐ नमः शिवाय

हे कैलाशी हे सब सुख राशि -२
तुम हो मदहारी, प्रभु जय हो तुम्हारी
ॐ नमः शिवाय, ॐ नमः शिवाय

हे त्रयम्बकेश्वर हे रामेश्वर -२
तुम हो त्रिपुरारी, प्रभु जय हो तुम्हारी
ॐ नमः शिवाय, ॐ नमः शिवाय

हे प्रलयंकर हे प्रेम सुधाकर
तुम नागधारी, प्रभु जय हो तुम्हारी
ॐ नमः शिवाय, ॐ नमः शिवाय

हे नागेश्वर हे घुश्मेश्वर
तेरी नंदी सवारी, प्रभु जय हो तुम्हारी
ॐ नमः शिवाय, ॐ नमः शिवाय

रचयिता : अभिषेक मैत्रेय "शुभ"
X (twitter): @abhimaitrey

Friday, 21 February 2025

हरि जी मोरी लागी लगन मत तोडना

हरि जी मोरी लागी लगन मत तोडना 
लागी लगन मत तोड़ना…….

खेती बोआई मैंने तेरे नाम की
मेरे भरोसे मत छोड़ना
हरि जी मोरी लागी लगन मत तोडना 

जल है गहरा नाव पुरानी
बीच भंवर मत छोड़ना
हरि जी मोरी लागी लगन मत तोडना 

तू ही मेरा सेठ है तू ही साहूकार है
ब्याज पे ब्याज मत जोड़ना
हरि जी मोरी लागी लगन मत तोडना 

दासी की विनती सुन लीजो 
मेरी बांह पकड़ मत छोड़ना 
हरि जी मोरी लागी लगन मत तोडना 

संकलनकर्ता : अभिषेक मैत्रेय "शुभ" 


तेरे नाम अनेक तू एक ही है

हर देश में तू, हर भेष में तू,
तेरे नाम अनेक तू एक ही है,
तेरी रंग भूमि यह विश्व धरा,
तेरे रूप अनेक तू एक ही है
हर देश में तू, हर भेष में तू ,
तेरे नाम अनेक तू एक ही है,
हर देश में तू,

सागर से उठा, बादल बनके,
बादल से गिरा वर्षा बनके,
फिर नहर बनीं, नदियाँ गहरी,
तेरे भिन्न प्रकार तू एक ही है,
हर देश में तू, हर भेष में तू,
तेरे नाम अनेक तू एक ही है,
हर देश में तू,

चींटी से अणु परमाणु बना,
सब जीव जगत का रूप लिया,
कहीं पर्वत वृक्ष, विशाल बना,
सौन्दर्य तेरा तू एक ही है,
हर देश में तू, हर भेष में तू,
तेरे नाम अनेक तू एक ही है,
हर देश में तू,

यह दिव्य दिखाया है जिसने
वह श्री गुरुदेव की पूर्ण कृपा
तुम व्यापे और ना कोई दिखा
बस मैं और तू दोनों एक ही हैं

संकलनकर्ता : अभिषेक मैत्रेय "शुभ"
X(twitter): @abhimaitrey

Sunday, 16 February 2025

देवाधिदेव हे महादेव, देवाधिदेव हे महादेव

तर्ज - वादा ना तोड़ तू वादा ना तोड़

देवाधिदेव हे महादेव, देवाधिदेव हे महादेव
हमने मन मन्दिर बनाया
आकर तो देख देवाधिदेव
देवाधिदेव हे महादेव, देवाधिदेव हे महादेव

तीनों लोक रहते तेरे चरणों में देवा
हमको भी दे दो नाथ चरणों की सेवा
हम भी तर जाएँ बालक तेरे
भव सिंधु से, भव सिंधु से
देवाधिदेव हे महादेव, देवाधिदेव हे महादेव

औघड़दानी महाज्ञानी शम्भू निराले
सर्पों की माला गले में है डाले
तेरे नाम की जपूँ मैं माला
वरदान दे, वरदान दे
देवाधिदेव हे महादेव, देवाधिदेव हे महादेव

कैलाश बसते भोले नंदी सवारी
पार्वती मैया "शुभ" लगती हैं प्यारी
कार्तिक गणपत पुत्र तुम्हारे
परिवार में, परिवार में
देवाधिदेव हे महादेव, देवाधिदेव हे महादेव

रचयिता : अभिषेक मैत्रेय "शुभ"

सुन लो अरज हमारी मेरे बांके बिहारी

सुन लो अरज हमारी मेरे बांके बिहारी
बांके बिहारी मेरे मदन मुरारी
बलि बलि जाऊँ बलिहारी मेरे बांके बिहारी

हे नटखट तेरे नयन सयाने
देख देख हम हुए दीवाने
हो गयी तुम संग यारी मेरे बांके बिहारी
बलि बलि जाऊँ बलिहारी मेरे बांके बिहारी

हे छलिया तेरे छल में फँस गए
अधर रसीले जब भी हँस गए
मोहे हंसने की लगी बीमारी मेरे बांके बिहारी
बलि बलि जाऊँ बलिहारी मेरे बांके बिहारी

जादू भरी तेरी मुरली की तानें
पत्थर दिल भी लगते हैं गानें
सुध बुध खो जाये सारी मेरे बांके बिहारी
बलि बलि जाऊँ बलिहारी मेरे बांके बिहारी

"शुभ" तेरा गुणगान है करता
चरण शरण का ध्यान है धरता
सब पर कृपा तुम्हारी मेरे बांके बिहारी
बलि बलि जाऊँ बलिहारी मेरे बांके बिहारी

रचयिता : अभिषेक मैत्रेय "शुभ"
X (twitter): @abhimaitrey

सबके दिल में है तू ही समाया प्रभु

सबके दिल में है तू ही समाया प्रभु
सद्गुरु बनके मेरा तू आया प्रभु
जी करे तुझको जी भर के देखा करूँ
सारी उम्र मैं तेरी पूजा करूँ

वेदों पुराणों का सार तुम्हीं से
पाया जो हमने वो पाया तुम्ही से
ब्रह्मज्ञानी हो तुम, अंतर्यामी हो तुम
तेरी महिमा सदा मैं गाऊं प्रभु
सबके दिल में है तू ही समाया प्रभु

चरणों में तेरे हम शीश झुकाएं
प्रेम और सभक्ति से "शुभ" गीत गायें
तेरी राह चलूँ, जो कहे वो करूँ
मेरा हर कर्म हो, तेरा पूजन प्रभु
सबके दिल में है तू ही समाया प्रभु

अज्ञानता का तम मिटाया तुम्ही ने
सत्य का दीपक जलाया तुम्ही ने
भाव पार करें, बेडा पार करें
शरण में तेरी जो आया प्रभु
सबके दिल में है तू ही समाया प्रभु

माया के बंधन तुमने हैं तोड़े
सत्संग सुनकर सत्य से जोड़े
भ्रम दूर भागते, आत्मज्ञान जगाते
ईश्वर को ह्रदय में दिखाते प्रभु
सबके दिल में है तू ही समाया प्रभु
नोट: इस भजन का मुखड़ा किसी अन्य रचनाकार का है परन्तु सभी अन्तरे लिखने का सौभाग्य मुझे मिला है।

रचयिता : अभिषेक मैत्रेय "शुभ"
X (twitter): @abhimaitrey