Monday, 28 April 2025

पूजन मंत्र

आचमन:
पूजा शुरू करने से पहले आचमन करना एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। आचमन में जल से शुद्धि की जाती है, जिससे मन और शरीर को शुद्ध किया जा सके.

मंत्र:
आचमन करते समय, "ॐ केशवाय नमः, ॐ नारायणाय नमः, ॐ माधवाय नमः, ॐ हृषीकेशाय नम:" मंत्रों का उच्चारण किया जाता है.

आचमन के बाद, "ॐ अपवित्रः पवित्रो वा सर्वावस्थां गतोऽपि वा" मंत्र बोला जाता है.

पूजा शुरू करने से पहले, भगवान गणेश को प्रणाम करने और "ॐ सिद्धि बुद्धि सहिताय श्रीमन्यहा गणाधिपतये नम:" मंत्र का जाप करने की भी सलाह दी जाती है.


मीठे रस से भरीयो री

मीठे रस से भरीयो री, राधा रानी लागे
मने कारो कारो, जमुना जी रो पानी लागे

यमुना मैया कारी कारी, राधा गोरी गोरी
वृन्दावन में धूम मचावे, बरसाने की छोरी
ब्रजधाम राधा जु की, रजधानी लागे
मने कारो कारो, जमुना जी रो पानी लागे

ना भावे अब माखन मिसरी, और ना कोई मिठाई
जीबड़या ने भावे अब तो, राधा नाम मलाई
वृषभानु की लली तो, गुड़धानी लागे
मने कारो कारो, जमुना जी रो पानी लागे

कान्हा नित मुरली मे टेरे, सुमरे बारम्बार
कोटिन रूप धरे मनमोहन, कोई ना पावे पार
राधा रूप की अनोखी, पटरानी लागे
मने कारो कारो, जमुना जी रो पानी लागे

राधा राधा नाम रटत है, जो नर आठों याम
उनकी बाधा दूर करत है, राधा राधा नाम,
राधा नाम में सफल, जिंदगानी लागे
मने कारो कारो, जमुना जी रो पानी लागे

प्रभुजी मेरी छोटी अरज सुन लो ना - Part 3

प्रभुजी मेरी छोटी अरज सुन लो ना 
अपने चरणों में हमको रख लो ना 
प्रभुजी मेरी छोटी अरज सुन लो ना 

माना तेरी राह पे चलना है मुश्किल 
चलता रहा जो पाई है मंजिल 
हमें बीच राह मत छोड़ना 
प्रभुजी मेरी छोटी अरज सुन लो ना 

साधु संतों की संगत देना 
अपने नाम की रंगत देना 
हमें सत्संगति से जोड़ना 
प्रभुजी मेरी छोटी अरज सुन लो ना  

तुम चन्दन मैं विष से भरा हूँ 
याचक बन कर दर पे खड़ा हूँ 
मुझमें नहीं विष छोड़ना 
प्रभुजी मेरी छोटी अरज सुन लो ना 

तुम अनादि अनंत अविनाशी 
धाम अयोध्या मथुरा काशी 
मेरे मन को धाम बनाओ ना 
प्रभुजी मेरी छोटी अरज सुन लो ना 


रचयिता : अभिषेक मैत्रेय "शुभ"