आएंगे आएंगे बापू आएंगे, हमें पता चला है
यहाँ अपने चरण घुमाएंगे, हमें पता चला है
बापू ने हमसे वादा किया है, तब से उत्सुक मेरा जिया है
"शुभ" दर्शन वो हमको कराएँगे, हमें पता चला है
आएंगे आएंगे बापू आएंगे, हमें पता चला है
कुप्रचार की आंधी थमेगी, घर-घर बापू की गूँज उठेगी
हम सत्संग फिर से पाएंगे, हमें पता चला है
स्वागत करने को उत्सुक साधक, दर्शन पाने को हुए हैं भावुक
हम राहों में फूल बिछाएंगे, हमें पता चला है
फिर से बापू का सत्संग मिलेगा, कोटिश भक्तों का ह्रदय खिलेगा
हम व्यास पीठ को सजायेंगे, हमें पता चला है
रचयिता : अभिषेक मैत्रेय "शुभ"
यहाँ अपने चरण घुमाएंगे, हमें पता चला है
बापू ने हमसे वादा किया है, तब से उत्सुक मेरा जिया है
"शुभ" दर्शन वो हमको कराएँगे, हमें पता चला है
आएंगे आएंगे बापू आएंगे, हमें पता चला है
कुप्रचार की आंधी थमेगी, घर-घर बापू की गूँज उठेगी
हम सत्संग फिर से पाएंगे, हमें पता चला है
स्वागत करने को उत्सुक साधक, दर्शन पाने को हुए हैं भावुक
हम राहों में फूल बिछाएंगे, हमें पता चला है
फिर से बापू का सत्संग मिलेगा, कोटिश भक्तों का ह्रदय खिलेगा
हम व्यास पीठ को सजायेंगे, हमें पता चला है
रचयिता : अभिषेक मैत्रेय "शुभ"