शिव शिव नमः शिवाय
हर हर नमः शिवाय
जय शम्भू जय शम्भू शम्भू
जय शम्भू जय शम्भू
महाकाल तुम, हो त्रिकाल तुम -2
हे त्रिनेत्र धराय
शिव शिव नमः शिवाय
हर हर नमः शिवाय
जय शम्भू जय शम्भू शम्भू
जय शम्भू जय शम्भू
तुम डमरू धारी, हो त्रिशूल धारी -2
हे नट राजाय
शिव शिव नमः शिवाय
हर हर नमः शिवाय
जय शम्भू जय शम्भू शम्भू
जय शम्भू जय शम्भू
तुम भस्म रमैया, संग गौरा मैया -2
हे कैलाश बसाय
शिव शिव नमः शिवाय
हर हर नमः शिवाय
जय शम्भू जय शम्भू शम्भू
जय शम्भू जय शम्भू
तेरा डमरू बाजे, बम भोला नाचे -2
नाचे सभी दिशाय
शिव शिव नमः शिवाय
हर हर नमः शिवाय
जय शम्भू जय शम्भू शम्भू
जय शम्भू जय शम्भू
भूतों के स्वामी, तुम अंतर्यामी -2
हे नन्दीश्वराय
शिव शिव नमः शिवाय
हर हर नमः शिवाय
जय शम्भू जय शम्भू शम्भू
जय शम्भू जय शम्भू
तुम "शुभ" करते, विघ्नों को हरते -2
हे विघ्नहराय
शिव शिव नमः शिवाय
हर हर नमः शिवाय
जय शम्भू जय शम्भू शम्भू
जय शम्भू जय शम्भू
रचयिता : अभिषेक मैत्रेय "शुभ"
Sunday, 24 May 2026
Friday, 22 May 2026
आन मिलो भगवान हमारे
आन मिलो, सियाराम हमारे
आन मिलो, राधेश्याम हमारे
राम हमारे, श्याम हमारे
आन मिलो, भगवान हमारे
दरश दिये थे, केवट भगत को
दरश दिये थे, केवट भगत को
नाव पे चढ़कर, भाग्य सँवारे
आन मिलो सियाराम हमारे
दरश दिये थे, शबरी माई को
दरश दिये थे, शबरी माई को
बेर खाने, प्रभु द्वार पधारे
आन मिलो सियाराम हमारे
दरश दिये, प्रह्लाद भगत को
दरश दिये, प्रह्लाद भगत को
नरसिंह रूप ले, आप पधारे
आन मिलो सियाराम हमारे
दरश दिये थे, मीरा बाई को
दरश दिये थे, मीरा बाई को
विष को अमृत, करने पधारे
आन मिलो राधेश्याम हमारे
दरश दिये थे, द्रुपदसुता को
दरश दिये थे, द्रुपदसुता को
चीर बढ़ाने, सभा में पधारे
आन मिलो राधेश्याम हमारे
दरश दिये थे, नरसी भगत को
दरश दिये थे, नरसी भगत को
भात भरन, घनश्याम पधारे
आन मिलो राधेश्याम हमारे
दरश दिए, अनगिन भगतों को
दरश दिए, अनगिन भगतों को
"शुभ" दर्शन की, बाट निहारे
आन मिलो, सियाराम हमारे
आन मिलो, राधेश्याम हमारे
रचयिता : अभिषेक मैत्रेय "शुभ"
Monday, 11 May 2026
बम-बम भोला, शंकर रखवाला
बम-बम भोला, शंकर रखवाला,
जिस पर तेरी कृपा हो जाए, जपे नाम की माला।
बम-बम भोला, शंकर रखवाला॥
भस्म रमाए, जटा में गंगा,
त्रिनेत्र धारी, हरें भव-जंजाला।
दीन-दुखी का तू है सहारा,
हर लेता दुख विकराला।
बम-बम भोला, शंकर रखवाला॥
नीलकंठ तू, विष को पीकर,
जग को दिया अमृत का प्याला।
भोलेनाथ करुणा की धारा,
भक्तों पर प्रेम निराला।
बम-बम भोला, शंकर रखवाला॥
कैलाशपति, गिरिजा के स्वामी,
भक्तों के प्रभु अंतर्यामी निराला।
"शुभ" द्वार जो शीश झुकाए,
गिरते को तू संभाला।
बम-बम भोला, शंकर रखवाला॥
चंद्र सजे तेरे मस्तक ऊपर,
कंठ समाए विष काला।
काम क्रोध सब दूर भगाए,
तू ही जग का रखवाला।
बम-बम भोला, शंकर रखवाला॥
रचयिता: अभिषेक मैत्रेय "शुभ"
जिस पर तेरी कृपा हो जाए, जपे नाम की माला।
बम-बम भोला, शंकर रखवाला॥
भस्म रमाए, जटा में गंगा,
त्रिनेत्र धारी, हरें भव-जंजाला।
दीन-दुखी का तू है सहारा,
हर लेता दुख विकराला।
बम-बम भोला, शंकर रखवाला॥
नीलकंठ तू, विष को पीकर,
जग को दिया अमृत का प्याला।
भोलेनाथ करुणा की धारा,
भक्तों पर प्रेम निराला।
बम-बम भोला, शंकर रखवाला॥
कैलाशपति, गिरिजा के स्वामी,
भक्तों के प्रभु अंतर्यामी निराला।
"शुभ" द्वार जो शीश झुकाए,
गिरते को तू संभाला।
बम-बम भोला, शंकर रखवाला॥
चंद्र सजे तेरे मस्तक ऊपर,
कंठ समाए विष काला।
काम क्रोध सब दूर भगाए,
तू ही जग का रखवाला।
बम-बम भोला, शंकर रखवाला॥
रचयिता: अभिषेक मैत्रेय "शुभ"
Saturday, 2 May 2026
ऐसे नखरे दिखाना छोड़ दे
ऐसे नखरे दिखाना छोड़ दे,
छुप - छुप के सताना छोड़ दे
मुझे मालूम है मेरे दिल में बसा
देखूँ कैसे तुझे ज़रा ये भी बता
तेरी याद में रुलाना छोड़ दे
छुप - छुप के सताना छोड़ दे
तेरी माया से जग को मैं देखता
तू खुद ना दिखे मेरी क्या है खता
आजा सामने तरसाना छोड़ दे
छुप - छुप के सताना छोड़ दे
है ये तेरी कृपा तेरा नाम लिया
"शुभ" भावना भरी तुझे याद किया
या तो यादों में आना छोड़ दे
छुप - छुप के सताना छोड़ दे
तेरी करुणा से ही मुझे सत्संग मिला
करुणा-वरुणा सिंधु का ज्ञान मिला
सारे भेद छिपाना छोड़ दे
छुप - छुप के सताना छोड़ दे
रचयिता: अभिषेक मैत्रेय "शुभ"
मुझे मालूम है मेरे दिल में बसा
देखूँ कैसे तुझे ज़रा ये भी बता
तेरी याद में रुलाना छोड़ दे
छुप - छुप के सताना छोड़ दे
तेरी माया से जग को मैं देखता
तू खुद ना दिखे मेरी क्या है खता
आजा सामने तरसाना छोड़ दे
छुप - छुप के सताना छोड़ दे
है ये तेरी कृपा तेरा नाम लिया
"शुभ" भावना भरी तुझे याद किया
या तो यादों में आना छोड़ दे
छुप - छुप के सताना छोड़ दे
तेरी करुणा से ही मुझे सत्संग मिला
करुणा-वरुणा सिंधु का ज्ञान मिला
सारे भेद छिपाना छोड़ दे
छुप - छुप के सताना छोड़ दे
रचयिता: अभिषेक मैत्रेय "शुभ"
3/May/2026
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