Saturday, 18 February 2023

श्री गणेश जी का भजन

शिवनंदन दीनदयाल हो तुम,  गणराज तुम्हारी जय होवे,

गणराज तुम्हारी जय होवे,  महाराज तुम्हारी जय होवे,
शिव नंदन दीन दयाल हो तुम,  गणराज तुम्हारी जय होवे।।

 

इक छत्र तुम्हारे सिर सोहे,
एकदंत तुम्हारा मन मोहे,
शुभ लाभ सभी के दाता हो,
गणराज तुम्हारी जय होवे,
शिव नंदन दीन दयाल हो तुम,  गणराज तुम्हारी जय होवे।।

 

ब्रम्हा बन कर्ता हो तुम ही,
विष्णु बन भर्ता हो तुम ही,
शिव बन करके संहार हो तुम,
गणराज तुम्हारी जय होवे,
शिव नंदन दीन दयाल हो तुमगणराज तुम्हारी जय होवे।।

 

हर डाल में तुम हर पात में तुम,
हर फूल में तुम हर मूल में तुम,
संसार में बस एक सार हो तुम,
गणराज तुम्हारी जय होवे,
शिव नंदन दीन दयाल हो तुमगणराज तुम्हारी जय होवे।।

 

शिवनंदन दीनदयाल हो तुम,
गणराज तुम्हारी जय होवे,
शिव नंदन दीन दयाल हो तुम,
गणराज तुम्हारी जय होवे।।

 

संकलनकर्ता : अभिषेक मैत्रेय "शुभ"

मेरे तन में भी राम, मेरे मन में भी राम

मेरे तन में भी राम, मेरे मन में भी राम
रोम रोम में समाया तेरा नाम रे
मेरी सांसो में तेरा ही नाम रे

जैसे चंदा में राम जैसे सूरज में राम
अम्बर तारो में समाया तेरा नाम रे
मेरी सांसो में तेरा ही नाम रे
मेरे तन में भी राम……….

जैसे भीलनी के राम जैसे मीरा के श्याम
नर नारी में समाया तेरा नाम रे
मेरी सांसो में तेरा ही नाम रे
मेरे तन में भी राम……….

जैसे सीता के राम जैसे राधा के श्याम
पत्ते पत्ते में समाया तेरा नाम रे
मेरी सांसो में तेरा ही नाम रे
मेरे तन में भी राम……….

जैसे सरयू में राम जैसे यमुना में श्याम
कण कण में समाया तेरा नाम रे
मेरी सांसो में तेरा ही नाम रे
मेरे तन में भी राम……….

संकलनकर्ता : अभिषेक मैत्रेय "शुभ"

आये प्रभु जी सजा है दरबार

आये प्रभु जी सजा है दरबार, करो दर्शन हो जाओ भव पार -2

दर्श प्रभु के जो भी पाता, भव बंधन से वो तर जाता
ब्रह्मज्ञानी करें उद्धार, करो दर्शन हो जाओ भव पार ....

वाणी मधुर है चाल मधुर है, भक्तों में तेरा प्यार मधुर है
करें मधुमय सारा संसार, करो दर्शन हो जाओ भव पार ....

भक्ति बढ़ाते वचन तुम्हारे, श्रद्धा टिके जो तुमको निहारे
बस मिलता रहे तेरा प्यार, करो दर्शन हो जाओ भव पार ....

करुणामयी है स्वाभाव तुम्हारा, दीन - दुखी सब पायें सहारा
मेरे ह्रदय बसो सरकार, करो दर्शन हो जाओ भव पार ....

हम ना कभी तेरी राह से भटकें, माता के गर्भ में फिर से ना लटकें
खुले मुक्ति का "शुभ" द्वार, करो दर्शन हो जाओ भव पार ....

ज्योत ज्ञान की जले ह्रदय में, तिमिर का ना हो वास हिय में
दिल बन जाए गुरुद्वार, करो दर्शन हो जाओ भव पार ....

मैं तेरा प्रभु तू है मेरा, नाम रतन का जपते फेरा
बहे कीर्तन की मधुर बयार, करो दर्शन हो जाओ भव पार ....

जग की चर्चा रास ना आती, तुमसे लगनी जब लग जाती
“शुभ” चर्चा ही हो हर बार, करो दर्शन हो जाओ भव पार ....

पढ़-पढ़ जो ना समझ में आया, तुमने सहज में वो समझाया
हमें लगता है चमत्कार, करो दर्शन हो जाओ भव पार ....

रचियता : अभिषेक मैत्रेय "शुभ"

रखवाला प्रतिपाला मेरा लाल लंगोटे वाला

रखवाला प्रतिपाला मेरा लाल लंगोटे वाला
कदम कदम पर रक्षा करता, घर घर करे उजाला उजाला
रखवाला प्रतिपाला मेरा लाल लंगोटे वाला॥

निशदिन तेरा ध्यान लगाऊं, जपूं आपकी की माला
धूप दीप नित ज्योत जगाऊ, पड़े ना यम से पाला रे पाला
रखवाला प्रतिपाला मेरा लाल लंगोटे वाला॥

मन मंदिर में वास करो प्रभु, ओ अंजनी के लाला
पापों का मेरे नाश करो तुम, बनके दीनदयाला
रखवाला प्रतिपाला मेरा लाल लंगोटे वाला॥

लाल सुरत मेरे मन को मोहे, शीश पे मुकुट विशाला
कानन कुंडल तिलक विशाला, गल मोतियन की माला
रखवाला प्रतिपाला मेरा लाल लंगोटे वाला॥

राम सिया तेरे मन में मोहे, अजर अमर तेरी माया
घर घर होवे पूजा तेरी, सिया सुध लाने वाला
रखवाला प्रतिपाला मेरा लाल लंगोटे वाला॥

लक्ष्मण मूर्छित बड़े धरनी पर, वैध बुला कर लाया
आज्ञा पा संजीवन लाने, पवन वेग से चाला
रखवाला प्रतिपाला मेरा लाल लंगोटे वाला॥


संकलनकर्ता : अभिषेक मैत्रेय "शुभ"

दोनों अलग- अलग हैं - काव्य रचना

जय श्री राम 

 

उम्र में बड़ापन और उम्र में बड़प्पन 

दोनों अलग- अलग हैं 

 

वाणी में मधुरता और वाणी में चतुरता 

दोनों अलग- अलग हैं 

 

सेवा का मान होना और सेवा में मान होना 

दोनों अलग- अलग हैं 

 

व्यवहार में सरसता, यदि जीवन में आ जाये 

छोटी आयु में भी, बड़प्पन की झलक आये 

 

रचनाकार: अभिषेक मैत्रेय "शुभ"