जय श्री राम
उम्र में बड़ापन और उम्र
में बड़प्पन
दोनों अलग- अलग हैं
वाणी में मधुरता और वाणी
में चतुरता
दोनों अलग- अलग हैं
सेवा का मान होना और
सेवा में मान होना
दोनों अलग- अलग हैं
व्यवहार में सरसता, यदि
जीवन में आ जाये
छोटी आयु में भी, बड़प्पन
की झलक आये
रचनाकार: अभिषेक मैत्रेय
"शुभ"
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