जब – जब भी धरती पर हुई है धर्म की हानि
अवतार लेकर आते हैं भगवान हे प्राणी....
एक समय का जिक्र करें, जब कंस ने हाहाकार किया
मार दिया निर्मल शिशुओं को, बहन पे अत्याचार किया
हुआ कृष्ण अवतार, रोकी उसकी मनमानी -२
अवतार लेकर आते हैं भगवान हे प्राणी....
एक बालक प्रहलाद हुआ, जो भक्त था भगवान का
हिरण्याकुश ने किया प्रताड़ित, भोग्य बना अपमान का
हुआ नरसिह अवतार, और मारा अभिमानी -२
अवतार लेकर आते हैं भगवान हे प्राणी....
“शुभ” सेवक की गुरु चरणों में, विनती बारम्बार है
सत्संग – दर्शन मिले निरंतर, अर्ज यही हर बार है
क्षमा करो इस दास की, मेरे सतगुरु नादानी -२
अवतार लेकर आते हैं भगवान हे प्राणी....
रचयिता : अभिषेक मैत्रेय "शुभ"
Twitter: @abhimaitrey
Saturday, 24 June 2023
भक्त का ब्रह्म से, होगा जब भी मिलन
भक्त का ब्रह्म से, होगा जब भी मिलन
होगी अद्भुत घडी, होगा अद्भुत मिलन
जिव्हा गाने लगे, अश्रु बहने लगें
अश्रु बहने लगें, श्वास जपने लगे
हर घडी हो प्रणव, धुन का ही मनन
होगी अद्भुत घडी, होगा अद्भुत मिलन
"शुभ" द्वारे तिहारे है, याचक बना
याचक बना, नाम जापक बना
दास को हे प्रभु, रखना अपनी शरण
होगी अद्भुत घडी, होगा अद्भुत मिलन
चाहे संसार के, सारे सुख हैं मिलें
सारे सुख हैं मिलें, पर टिक ना सकें
कहीं मद हो गया, तो कहीं है जलन
ना ही भक्ति करी, ना किया है भजन
फिर भला कैसे हो, ब्रह्म से ही मिलन
रचयिता : अभिषेक मैत्रेय "शुभ"
Twitter: @abhimaitrey
होगी अद्भुत घडी, होगा अद्भुत मिलन
जिव्हा गाने लगे, अश्रु बहने लगें
अश्रु बहने लगें, श्वास जपने लगे
हर घडी हो प्रणव, धुन का ही मनन
होगी अद्भुत घडी, होगा अद्भुत मिलन
"शुभ" द्वारे तिहारे है, याचक बना
याचक बना, नाम जापक बना
दास को हे प्रभु, रखना अपनी शरण
होगी अद्भुत घडी, होगा अद्भुत मिलन
चाहे संसार के, सारे सुख हैं मिलें
सारे सुख हैं मिलें, पर टिक ना सकें
कहीं मद हो गया, तो कहीं है जलन
ना ही भक्ति करी, ना किया है भजन
फिर भला कैसे हो, ब्रह्म से ही मिलन
रचयिता : अभिषेक मैत्रेय "शुभ"
Twitter: @abhimaitrey
करुणा करो आओ दर्शन तो दे दो राम
पलक पांवड़े हम, बिछा कर के बैठे हैं
करुणा करो आओ दर्शन तो दे दो राम
ब्रह्मज्ञानी की सेवा से हटकर
शरण ना मिलेगी त्रिलोक भटक कर
दयनीय दशा से, बचा दो राम
करुणा करो आओ दर्शन तो दे दो राम
सृष्टि तुम्हारी हम भी तुम्हारे हैं
दृष्टि हमारी देखें तेरे सहारे है
चंचल मन को, निश्चल कर दो राम
करुणा करो आओ दर्शन तो दे दो राम
कल्पित जग का दूर करो यह भ्रम
हे अविनाशी अचिंत्य पारब्रह्म
दिव्य संस्कारों का सृजन मुझमें कर दो राम
करुणा करो आओ दर्शन तो दे दो राम
रचयिता : अभिषेक मैत्रेय "शुभ"
Twitter: @abhimaitrey
करुणा करो आओ दर्शन तो दे दो राम
ब्रह्मज्ञानी की सेवा से हटकर
शरण ना मिलेगी त्रिलोक भटक कर
दयनीय दशा से, बचा दो राम
करुणा करो आओ दर्शन तो दे दो राम
सृष्टि तुम्हारी हम भी तुम्हारे हैं
दृष्टि हमारी देखें तेरे सहारे है
चंचल मन को, निश्चल कर दो राम
करुणा करो आओ दर्शन तो दे दो राम
कल्पित जग का दूर करो यह भ्रम
हे अविनाशी अचिंत्य पारब्रह्म
दिव्य संस्कारों का सृजन मुझमें कर दो राम
करुणा करो आओ दर्शन तो दे दो राम
रचयिता : अभिषेक मैत्रेय "शुभ"
Twitter: @abhimaitrey
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