भक्त का ब्रह्म से, होगा जब भी मिलन
होगी अद्भुत घडी, होगा अद्भुत मिलन
जिव्हा गाने लगे, अश्रु बहने लगें
अश्रु बहने लगें, श्वास जपने लगे
हर घडी हो प्रणव, धुन का ही मनन
होगी अद्भुत घडी, होगा अद्भुत मिलन
"शुभ" द्वारे तिहारे है, याचक बना
याचक बना, नाम जापक बना
दास को हे प्रभु, रखना अपनी शरण
होगी अद्भुत घडी, होगा अद्भुत मिलन
चाहे संसार के, सारे सुख हैं मिलें
सारे सुख हैं मिलें, पर टिक ना सकें
कहीं मद हो गया, तो कहीं है जलन
ना ही भक्ति करी, ना किया है भजन
फिर भला कैसे हो, ब्रह्म से ही मिलन
रचयिता : अभिषेक मैत्रेय "शुभ"
Twitter: @abhimaitrey
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