खाटू वाले तू संग मेरे चल
मुश्किलों में भी मिलता है हल
मेरे दिल में ये आस जगी
थम जाएगी तब हलचल
जब भी मेरा मन घबराता
दर्शन को तेरे दौड़ा आता
खाटू वाले तू संग मेरे चल
मुश्किलों में भी मिलता है हल
श्याम धणी है हारे का सहारा
चिंता मिटाये लगाए किनारा
खाटू वाले तू संग मेरे चल
मुश्किलों में भी मिलता है हल
ज्योत जगाय जो कीर्तन कराये
बाहर पकड़ ले और पार लगाए
खाटू वाले तू संग मेरे चल
मुश्किलों में भी मिलता है हल
शुभ तेरे द्वार का सेवक हुआ है
श्रद्धा बढ़ी है निर्मल हुआ है
खाटू वाले तू संग मेरे चल
मुश्किलों में भी मिलता है हल
मेरे दिल में ये आस जगी
थम जाएगी तब हलचल
मुश्किलों में भी मिलता है हल
मेरे दिल में ये आस जगी
थम जाएगी तब हलचल
जब भी मेरा मन घबराता
दर्शन को तेरे दौड़ा आता
खाटू वाले तू संग मेरे चल
मुश्किलों में भी मिलता है हल
श्याम धणी है हारे का सहारा
चिंता मिटाये लगाए किनारा
खाटू वाले तू संग मेरे चल
मुश्किलों में भी मिलता है हल
ज्योत जगाय जो कीर्तन कराये
बाहर पकड़ ले और पार लगाए
खाटू वाले तू संग मेरे चल
मुश्किलों में भी मिलता है हल
शुभ तेरे द्वार का सेवक हुआ है
श्रद्धा बढ़ी है निर्मल हुआ है
खाटू वाले तू संग मेरे चल
मुश्किलों में भी मिलता है हल
मेरे दिल में ये आस जगी
थम जाएगी तब हलचल
रचयिता: अभिषेक मैत्रेय "शुभ"