Monday, 29 June 2026

खाटू वाले तू संग मेरे चल

खाटू वाले तू संग मेरे चल 
मुश्किलों में भी मिलता है हल
मेरे दिल में ये आस जगी 
थम जाएगी तब हलचल 

जब भी मेरा मन घबराता 
दर्शन को तेरे दौड़ा आता 
खाटू वाले तू संग मेरे चल 
मुश्किलों में भी मिलता है हल

श्याम धणी है हारे का सहारा 
चिंता मिटाये लगाए किनारा
खाटू वाले तू संग मेरे चल 
मुश्किलों में भी मिलता है हल

ज्योत जगाय जो कीर्तन कराये 
बाहर पकड़ ले और पार लगाए 
खाटू वाले तू संग मेरे चल 
मुश्किलों में भी मिलता है हल

शुभ तेरे द्वार का सेवक हुआ है 
श्रद्धा बढ़ी है निर्मल हुआ है 
खाटू वाले तू संग मेरे चल 
मुश्किलों में भी मिलता है हल
मेरे दिल में ये आस जगी 
थम जाएगी तब हलचल 

रचयिता: अभिषेक मैत्रेय "शुभ"

Thursday, 18 June 2026

सांवरा सेठ खाटू वाला

श्याम धणी की जय-जयकार, गूंजे सारा धाम रे
सांवरा सेठ को दिल से पुकारे, लेता हर कोई नाम रे
हारे का सहारा बाबा, सबका पालनहार रे
खाटू वाले श्याम के जैसा, देखा नहीं दातार रे


जिसका कोई नहीं जग में, उसका तू बन जाता है
रोते-रोते आने वाला, हँसता घर को जाता है
तेरे जैसा मिला ना दानी, ढूँढा हर एक गाम रे
श्याम धणी की जय-जयकार, गूंजे सारा धाम रे॥

ढोल बाजे, नगाड़ा बाजे, बाजे मुरली की तान है
ग्यारस का जब लागे मेला, उसकी गजब की शान है
श्याम प्रेमी "शुभ" उत्सव में, झूमे सारी शाम रे
श्याम धणी की जय-जयकार, गूंजे सारा धाम रे॥

मोरछड़ी की छाँव में बाबा, सारे संकट कटते हैं
हारे के सहारे बनकर, झोलियां सबकी भरते हैं
तेरी कृपा के चर्चे होते, सुबह दोपहर शाम रे
श्याम धणी की जय-जयकार, गूंजे सारा धाम रे॥

रिंगस से लेकर खाटू तक, भक्तों की कतार है
श्याम नाम की धुन में डूबा, सारा ये संसार है
जय श्री श्याम के नारों से, गूंजे चारों धाम रे
श्याम धणी की जय-जयकार, गूंजे सारा धाम रे॥

बोलो शीश के दानी की जय
खाटू नरेश की जय
हारे के सहारे की जय
सांवरा सेठ की जय
लखदातार की जय

रचयिता : अभिषेक मैत्रेय "शुभ"

Thursday, 11 June 2026

भज मन राधे गोविन्द

हे माधव हरे मुरारे, भज मन राधे गोविन्द
दीन बंधू दुःख हारे , भज मन राधे गोविन्द
गोविन्द गोविन्द राधे, गोविन्द गोविन्द
हे माधव हरे मुरारे, भज मन राधे गोविन्द

तुम दीन बंधू हितकारी, सुन लो अरज हमारी
हे छलिया मुरली वाले, भज मन राधे गोविन्द
हे माधव हरे मुरारे, भज मन राधे गोविन्द

तुम गोवर्धन गिरधारी, करो भक्तों की रखवारी
हे लाज बचाने वाले, भज मन राधे गोविन्द
हे माधव हरे मुरारे, भज मन राधे गोविन्द

तुम कालिया मर्दन करते, नृत्य नाग पर करते
हे नाग नाथने वाले, भज मन राधे गोविन्द
हे माधव हरे मुरारे, भज मन राधे गोविन्द

तुम सबपे करुणा करते, "शुभ" ध्यान तुम्हारा करते
हे खेल खिलाने वाले, भज मन राधे गोविन्द
हे माधव हरे मुरारे, भज मन राधे गोविन्द

रचयिता : अभिषेक मैत्रेय "शुभ"

Tuesday, 9 June 2026

श्री गणेश स्तुति - वक्रतुंड गजानन देवा

वक्रतुंड गजानन देवा, विघ्न विनाशक प्यारे।
गौरीनंदन, शिवसुत प्रभु, भक्तों के रखवाले॥
बोलो गणपति बप्पा मोरया !
मंगल मूर्ति मोरया !!

जय गणपति, जय गणनायक, जय मंगलकारी।
जय लंबोदर, जय एकदंत, जय विघ्नहारी॥
बोलो गणपति बप्पा मोरया !
मंगल मूर्ति मोरया !!

सिद्धिविनायक, बुद्धिप्रदाता, कृपा करो भगवान।
गजवदन, गिरिजा के नंदन, सुन लो मेरी तान॥
बोलो गणपति बप्पा मोरया !
मंगल मूर्ति मोरया !!

हे विनायक, हे गणाध्यक्ष, हे प्रथम पूज्य दयाला।
हे धूम्रवर्ण, हे भालचंद्र, भर दो सुख की माला॥
बोलो गणपति बप्पा मोरया !
मंगल मूर्ति मोरया !!

हे हेरम्ब, हे गजानन, हे उमासुत प्यारे।
हे महागणपति, हे गणराज, संकट हरने वाले॥
बोलो गणपति बप्पा मोरया !
मंगल मूर्ति मोरया !!

संकटनाशन, मंगलमूर्ति, रिद्धि-सिद्धि के स्वामी।
करुणा बरसाओ दीन जनों पर, अंतर्यामी॥
बोलो गणपति बप्पा मोरया !
मंगल मूर्ति मोरया !!

जय जय गणपति देव दयाला, जय गणराया।
तेरे नाम से "शुभ" हो हर कार्य, ऐसा वर पाया॥
बोलो गणपति बप्पा मोरया !
मंगल मूर्ति मोरया !!

(जयकारा)
गणपति गणेश की जय
विघ्नहर्ता गणेश की जय

रचयिता : अभिषेक मैत्रेय "शुभ"

Monday, 8 June 2026

हे लाल लंगोटे वाले

हे लाल लंगोटे वाले, हे राम भक्त मतवाले ...
हे लाल लंगोटे वाले, हे राम भक्त मतवाले ...
सब संकट काटो  SSS , भव पार लगा दो SSS हां SSS
सब संकट काटो  SSS, भव पार लगा दो 

तुम अंजनी माँ के लाला हो, तुम केसरीनंदन बाला हो ...
तुम अन्धकार को दूर करो, तुम करते जग उजियाला हो ...
मेरी बिगड़ी बना दो SSS , भव पार लगा दो SSS हाँ SSS
सब संकट काटो  SSS, भव पार लगा दो॥

तेरे ह्रदय विराजे राम सिया, दामन जिसका भी थाम लिया ...
उसकी डगमग नैया को भी, भवसागर से पार किया ...
मुझे राह दिखा दो SSS, भव पार लगा दो SSS हाँ SSS
सब संकट काटो SSS, भव पार लगा दो॥

तुम बूटी लेकर आए थे, लक्ष्मण के प्राण बचाए थे ...
रघुवर के "शुभ" सेवक बनकर, भक्तों के कष्ट मिटाए थे ...
मेरी अरजी संभालो SSS, भव पार लगा दो SSS हाँ SSS
सब संकट काटो SSS, भव पार लगा दो॥

तुम राम नाम के रसिया हो, भक्तों के मन बसिया हो ...
कलियुग में तेरे जैसा प्रभु, कोई नहीं खिवैया हो ...
मेरी लाज बचा लो SSS, भव पार लगा दो SSS हाँ SSS
सब संकट काटो SSS, भव पार लगा दो॥

रचयिता : अभिषेक मैत्रेय "शुभ"

Sunday, 7 June 2026

जब जर्जर होवे शरीर, तो भजन कहाँ से होगा

जब जर्जर होवे शरीर, तो भजन कहाँ से होगा ।
जब मन ना धरेगा धीर, तो मनन कहाँ से होगा॥
फिर भजन कहाँ से होगा, फिर मनन कहाँ से होगा ।
जब जर्जर होवे शरीर, तो भजन कहाँ से होगा॥

बचपन खेल-कूद में बीता, यौवन माया में खोया ।
धन-दौलत के पीछे भागा, प्रभु नाम न संजोया॥
जब साँस ना हो अधीर, तो सुमिरन कहाँ से होगा ।
जब जर्जर होवे शरीर, तो भजन कहाँ से होगा॥
फिर भजन कहाँ से होगा, फिर मनन कहाँ से होगा,
जब जर्जर होवे शरीर, तो भजन कहाँ से होगा॥

आज मिला है समय अमोलक, नाम प्रभु का गा ले ।
राधे-श्याम की शरण में आकर, जीवन सफल बना ले॥
जब डोलेगी तकदीर, तो चिंतन कहाँ से होगा ।
जब जर्जर होवे शरीर, तो भजन कहाँ से होगा॥
फिर भजन कहाँ से होगा, फिर मनन कहाँ से होगा ।
जब जर्जर होवे शरीर, तो भजन कहाँ से होगा॥

श्री राधा दया की सागर, श्री श्याम कृपा के धाम ।
जो इनके द्वार पे आया, पाया सुख और विश्राम॥
जब काँपन लगे शरीर, तो जपन कहाँ से होगा ।
जब जर्जर होवे शरीर, तो भजन कहाँ से होगा॥
फिर भजन कहाँ से होगा, फिर मनन कहाँ से होगा ।
जब जर्जर होवे शरीर, तो भजन कहाँ से होगा॥

अभी जप ले राधे-राधे, अभी जप ले  "शुभ"  घनश्याम ।
क्या जाने कब रुक जाएँ, जीवन की साँसें तमाम॥
जब अंतिम होगी पीर, तो कीर्तन कहाँ से होगा ।
जब जर्जर होवे शरीर, तो भजन कहाँ से होगा॥
फिर भजन कहाँ से होगा, फिर मनन कहाँ से होगा ।
जब जर्जर होवे शरीर, तो भजन कहाँ से होगा॥

रचयिता : अभिषेक मैत्रेय "शुभ"

Monday, 1 June 2026

जय बोलो हनुमान की

श्री राम लक्ष्मण जानकी, जय बोलो हनुमान की ...
श्री राम लक्ष्मण जानकी, जय बोलो हनुमान की ...
श्री राम लक्ष्मण जानकी, जय बोलो हनुमान की ...
स्वामी करुनानिधान की, जय बोलो भगवान की
श्री राम लक्ष्मण जानकी, जय बोलो हनुमान की ...

सभी दिशा गूंजे जयकारे, रक्षक हैं बजरंग हमारे
सभी दिशा गूंजे जयकारे, रक्षक हैं बजरंग हमारे
संकट काटन हार की, जय बोलो हनुमान की ...
श्री राम लक्ष्मण जानकी, जय बोलो हनुमान की ...

जय जय जय हनुमान गुसाईं, कृपा करहुं गुरुदेव की नाईं
जय जय जय हनुमान गुसाईं, कृपा करहुं गुरुदेव की नाईं
जय हो ज्ञान के खान की, जय बोलो हनुमान की ...
श्री राम लक्ष्मण जानकी, जय बोलो हनुमान की ...

लंका में जा आग लगाई, रावण की थी सत्ता हिलाई
लंका में जा आग लगाई, रावण की थी सत्ता हिलाई
रामदूत बलवान की, जय बोलो हनुमान की...
श्री राम लक्ष्मण जानकी, जय बोलो हनुमान की ...

जिस पर कृपा तेरी हो जाये, उसके संकट पास ना आये
जिस पर कृपा तेरी हो जाये, उसके संकट पास ना आये
"शुभ" करुणा भंडार की, जय बोलो हनुमान की...
श्री राम लक्ष्मण जानकी, जय बोलो हनुमान की ...

रोम रोम में राम तुम्हारे, भक्ति बढे जो तुम्हे पुकारे
रोम रोम में राम तुम्हारे, भक्ति बढे जो तुम्हे पुकारे
अंजनी माँ के लाल की, जय बोलो हनुमान की...
श्री राम लक्ष्मण जानकी, जय बोलो हनुमान की ...

रचयिता : अभिषेक मैत्रेय "शुभ"