Tuesday, 9 June 2026

श्री गणेश स्तुति - वक्रतुंड गजानन देवा

वक्रतुंड गजानन देवा, विघ्न विनाशक प्यारे।
गौरीनंदन, शिवसुत प्रभु, भक्तों के रखवाले॥
बोलो गणपति बप्पा मोरया !
मंगल मूर्ति मोरया !!

जय गणपति, जय गणनायक, जय मंगलकारी।
जय लंबोदर, जय एकदंत, जय विघ्नहारी॥
बोलो गणपति बप्पा मोरया !
मंगल मूर्ति मोरया !!

सिद्धिविनायक, बुद्धिप्रदाता, कृपा करो भगवान।
गजवदन, गिरिजा के नंदन, सुन लो मेरी तान॥
बोलो गणपति बप्पा मोरया !
मंगल मूर्ति मोरया !!

हे विनायक, हे गणाध्यक्ष, हे प्रथम पूज्य दयाला।
हे धूम्रवर्ण, हे भालचंद्र, भर दो सुख की माला॥
बोलो गणपति बप्पा मोरया !
मंगल मूर्ति मोरया !!

हे हेरम्ब, हे गजानन, हे उमासुत प्यारे।
हे महागणपति, हे गणराज, संकट हरने वाले॥
बोलो गणपति बप्पा मोरया !
मंगल मूर्ति मोरया !!

संकटनाशन, मंगलमूर्ति, रिद्धि-सिद्धि के स्वामी।
करुणा बरसाओ दीन जनों पर, अंतर्यामी॥
बोलो गणपति बप्पा मोरया !
मंगल मूर्ति मोरया !!

जय जय गणपति देव दयाला, जय गणराया।
तेरे नाम से "शुभ" हो हर कार्य, ऐसा वर पाया॥
बोलो गणपति बप्पा मोरया !
मंगल मूर्ति मोरया !!

(जयकारा)
गणपति गणेश की जय
विघ्नहर्ता गणेश की जय

रचयिता : अभिषेक मैत्रेय "शुभ"

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