दीन बंधू दुःख हारे , भज मन राधे गोविन्द
गोविन्द गोविन्द राधे, गोविन्द गोविन्द
हे माधव हरे मुरारे, भज मन राधे गोविन्द
तुम दीन बंधू हितकारी, सुन लो अरज हमारी
हे छलिया मुरली वाले, भज मन राधे गोविन्द
हे माधव हरे मुरारे, भज मन राधे गोविन्द
तुम गोवर्धन गिरधारी, करो भक्तों की रखवारी
हे लाज बचाने वाले, भज मन राधे गोविन्द
हे माधव हरे मुरारे, भज मन राधे गोविन्द
तुम कालिया मर्दन करते, नृत्य नाग पर करते
हे नाग नाथने वाले, भज मन राधे गोविन्द
हे माधव हरे मुरारे, भज मन राधे गोविन्द
तुम सबपे करुणा करते, "शुभ" ध्यान तुम्हारा करते
हे खेल खिलाने वाले, भज मन राधे गोविन्द
हे माधव हरे मुरारे, भज मन राधे गोविन्द
हे नाग नाथने वाले, भज मन राधे गोविन्द
हे माधव हरे मुरारे, भज मन राधे गोविन्द
तुम सबपे करुणा करते, "शुभ" ध्यान तुम्हारा करते
हे खेल खिलाने वाले, भज मन राधे गोविन्द
हे माधव हरे मुरारे, भज मन राधे गोविन्द
रचयिता : अभिषेक मैत्रेय "शुभ"
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