Monday, 8 June 2026

हे लाल लंगोटे वाले

हे लाल लंगोटे वाले, हे राम भक्त मतवाले ...
हे लाल लंगोटे वाले, हे राम भक्त मतवाले ...
सब संकट काटो  SSS , भव पार लगा दो SSS हां SSS
सब संकट काटो  SSS, भव पार लगा दो 

तुम अंजनी माँ के लाला हो, तुम केसरीनंदन बाला हो ...
तुम अन्धकार को दूर करो, तुम करते जग उजियाला हो ...
मेरी बिगड़ी बना दो SSS , भव पार लगा दो SSS हाँ SSS
सब संकट काटो  SSS, भव पार लगा दो॥

तेरे ह्रदय विराजे राम सिया, दामन जिसका भी थाम लिया ...
उसकी डगमग नैया को भी, भवसागर से पार किया ...
मुझे राह दिखा दो SSS, भव पार लगा दो SSS हाँ SSS
सब संकट काटो SSS, भव पार लगा दो॥

तुम बूटी लेकर आए थे, लक्ष्मण के प्राण बचाए थे ...
रघुवर के "शुभ" सेवक बनकर, भक्तों के कष्ट मिटाए थे ...
मेरी अरजी संभालो SSS, भव पार लगा दो SSS हाँ SSS
सब संकट काटो SSS, भव पार लगा दो॥

तुम राम नाम के रसिया हो, भक्तों के मन बसिया हो ...
कलियुग में तेरे जैसा प्रभु, कोई नहीं खिवैया हो ...
मेरी लाज बचा लो SSS, भव पार लगा दो SSS हाँ SSS
सब संकट काटो SSS, भव पार लगा दो॥

रचयिता : अभिषेक मैत्रेय "शुभ"

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