Monday, 29 June 2026

खाटू वाले तू संग मेरे चल

खाटू वाले तू संग मेरे चल 
मुश्किलों में भी मिलता है हल
मेरे दिल में ये आस जगी 
थम जाएगी तब हलचल 

जब भी मेरा मन घबराता 
दर्शन को तेरे दौड़ा आता 
खाटू वाले तू संग मेरे चल 
मुश्किलों में भी मिलता है हल

श्याम धणी है हारे का सहारा 
चिंता मिटाये लगाए किनारा
खाटू वाले तू संग मेरे चल 
मुश्किलों में भी मिलता है हल

ज्योत जगाय जो कीर्तन कराये 
बाहर पकड़ ले और पार लगाए 
खाटू वाले तू संग मेरे चल 
मुश्किलों में भी मिलता है हल

शुभ तेरे द्वार का सेवक हुआ है 
श्रद्धा बढ़ी है निर्मल हुआ है 
खाटू वाले तू संग मेरे चल 
मुश्किलों में भी मिलता है हल
मेरे दिल में ये आस जगी 
थम जाएगी तब हलचल 

रचयिता: अभिषेक मैत्रेय "शुभ"

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