Thursday, 6 August 2026

सुन लो अरज हमारी, मेरे भोले भंडारी

सुन लो अरज हमारी, मेरे भोले भंडारी

करो कृपा त्रिपुरारी, मेरे भोले भंडारी
भोले भंडारी, हे त्रिपुरारी
भोले भंडारी, हे त्रिपुरारी
बलि बलि जाऊँ बलिहारी, मेरे भोले भंडारी

हे भोले तेरे शीश पे चंदा
जटा से बहती पावन गंगा
छवि लगती अति प्यारी , मेरे भोले भंडारी
बलि बलि जाऊँ बलिहारी, मेरे भोले भंडारी

गले में पहने, सर्पों की माला
हाथ सजे, त्रिशूल निराला
डमरू की धुन है प्यारी, मेरे भोले भंडारी
बलि बलि जाऊँ बलिहारी, मेरे भोले भंडारी

बाघम्बर तन पर है पहने
मुण्डमाल भोले तेरे गहने
पूजे दुनिया सारी, मेरे भोले भंडारी
बलि बलि जाऊँ बलिहारी, मेरे भोले भंडारी

काल का भी काल है भोले
रक्षा करें जो शिव शिव बोले
"शुभ" है शरण तुम्हारी, मेरे भोले भंडारी
बलि बलि जाऊँ बलिहारी, मेरे भोले भंडारी

रचनाकार - अभिषेक मैत्रेय "शुभ"

Wednesday, 5 August 2026

मेरी लागी रे लगन, भोले बाबा से

मेरी लागी रे लगन, भोले बाबा से
मेरी लागी रे लगन, भोले बाबा से
भोले बाबा से, शिव शंकर से,
मेरी लागी रे लगन, भोले बाबा से

"शुभ" दर्शन को, सोमनाथ आया
पंहुचा गुजरात, वहां ढोकला खाया
मेरा जुड़ गया मन, भोले बाबा से
मेरी लागी रे लगन, भोले बाबा से

"शुभ" दर्शन को, त्रयंबकेश्वर आया
पहुंचा महाराष्ट्र, मिसल पाव खाया
मेरा जुड़ गया मन, भोले बाबा से
मेरी लागी रे लगन, भोले बाबा से

"शुभ" दर्शन को, काशी धाम आया
पंहुचा यू पी , कचौड़ी चाट खाया
देख हो गया मगन, भोले बाबा से
मेरी लागी रे लगन, भोले बाबा से

"शुभ" दर्शन को, उज्जैन आया
पंहुचा एम पी, जलेबी पोहा खाया
मेरा जुड़ गया नाता, भोले बाबा से
मेरी लागी रे लगन, भोले बाबा से

रचनाकार -- अभिषेक मैत्रेय "शुभ"




Saturday, 1 August 2026

भोले की फौज करती है मौज

भोले की फौज...! करती है मौज...!
बाबा के दीवानों की, मौज हर रोज़...!
बम-बम गूँजे जयकारे, झूमे सारी फौज।
भोले की फौज... करती है मौज।।

भगवा रंग में रंगी है टोली,
बम-बम बोले भोला-भोली।
कदम-कदम पर लगे भंडारे,
सेवा करती भक्तों की टोली।।
बम-बम गूँजे जयकारे, झूमे सारी फौज।
भोले की फौज... करती है मौज।।

सिर पर कांवड़, दिल में श्रद्धा,
चेहरे पर चमक निराली
पैर थकें तो थकने देना,
भोले भरेंगे सबकी झोली
बम-बम गूँजे जयकारे, झूमे सारी फौज।
भोले की फौज... करती है मौज।।

डम-डम बोले शिव का डमरू,
धम धम बजे ढोल
आगे-आगे नंदी बाबा
भक्त रहे हैं बोल
बम-बम गूँजे जयकारे, झूमे सारी फौज
भोले की फौज... करती है मौज

भक्ति का रंग चढ़ा निराला,
मन हुआ है मतवाला
महाकाल के प्रेम में डूबा,
कांवड़िया किस्मत वाला

काँधे पर "शुभ" कांवड़ रख ले ,
जपले शंभू का नाम
कठिन डगर भी सरल बनेगी,
बनेंगे बिगड़े काम
भोले की फौज...! करती है मौज...!
बम-बम गूँजे जयकारे, झूमे सारी फौज।
भोले की फौज... करती है मौज।।

रचयिता - अभिषेक मैत्रेय "शुभ"