सुन लो अरज हमारी, मेरे भोले भंडारी
करो कृपा त्रिपुरारी, मेरे भोले भंडारीभोले भंडारी, हे त्रिपुरारी
भोले भंडारी, हे त्रिपुरारी
बलि बलि जाऊँ बलिहारी, मेरे भोले भंडारी
हे भोले तेरे शीश पे चंदा
जटा से बहती पावन गंगा
छवि लगती अति प्यारी , मेरे भोले भंडारी
बलि बलि जाऊँ बलिहारी, मेरे भोले भंडारी
गले में पहने, सर्पों की माला
हाथ सजे, त्रिशूल निराला
डमरू की धुन है प्यारी, मेरे भोले भंडारी
बलि बलि जाऊँ बलिहारी, मेरे भोले भंडारी
बाघम्बर तन पर है पहने
मुण्डमाल भोले तेरे गहने
पूजे दुनिया सारी, मेरे भोले भंडारी
बलि बलि जाऊँ बलिहारी, मेरे भोले भंडारी
काल का भी काल है भोले
रक्षा करें जो शिव शिव बोले
"शुभ" है शरण तुम्हारी, मेरे भोले भंडारी
बलि बलि जाऊँ बलिहारी, मेरे भोले भंडारी
रचनाकार - अभिषेक मैत्रेय "शुभ"
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