भोले की फौज...! करती है मौज...!
बाबा के दीवानों की, मौज हर रोज़...!
बम-बम गूँजे जयकारे, झूमे सारी फौज।
भोले की फौज... करती है मौज।।
भगवा रंग में रंगी है टोली,
बम-बम बोले भोला-भोली।
कदम-कदम पर लगे भंडारे,
सेवा करती भक्तों की टोली।।
बम-बम गूँजे जयकारे, झूमे सारी फौज।
भोले की फौज... करती है मौज।।
सिर पर कांवड़, दिल में श्रद्धा,
चेहरे पर चमक निराली
पैर थकें तो थकने देना,
भोले भरेंगे सबकी झोली
बम-बम गूँजे जयकारे, झूमे सारी फौज।
भोले की फौज... करती है मौज।।
डम-डम बोले शिव का डमरू,
धम धम बजे ढोल
आगे-आगे नंदी बाबा
भक्त रहे हैं बोल
बम-बम गूँजे जयकारे, झूमे सारी फौज
भोले की फौज... करती है मौज
भक्ति का रंग चढ़ा निराला,
मन हुआ है मतवाला
महाकाल के प्रेम में डूबा,
कांवड़िया किस्मत वाला
काँधे पर "शुभ" कांवड़ रख ले ,
जपले शंभू का नाम
कठिन डगर भी सरल बनेगी,
बनेंगे बिगड़े काम
भोले की फौज...! करती है मौज...!
बम-बम गूँजे जयकारे, झूमे सारी फौज।
भोले की फौज... करती है मौज।।
रचयिता - अभिषेक मैत्रेय "शुभ"
Shubh Bhajan Sangrah
Saturday, 1 August 2026
Friday, 24 July 2026
प्रेम से जपे नाम, गुरु प्यारा कोई रे
प्रेम से जपे नाम, गुरु प्यारा कोई रे
प्रेम से जपे नाम, गुरु प्यारा कोई रे
राम प्यारा कोई रे, प्रभु प्यारा कोई रे
प्रेम से जपे नाम, गुरु प्यारा कोई रे
जब से मैने तुमको पाया
तुमने अपने गले से लगाया
तेरे जैसा मान बढ़ाया नहीं कोई रे
प्रेम से जपे नाम, गुरु प्यारा कोई रे
तू मुझको प्राणों से प्यारा
मैने सबकुछ तुमको वारा
तेरे जैसा लाड़ लड़ाया नहीं कोई रे
प्रेम से जपे नाम, गुरु प्यारा कोई रे
प्रेम से जपे नाम, गुरु प्यारा कोई रे
राम प्यारा कोई रे, प्रभु प्यारा कोई रे
प्रेम से जपे नाम, गुरु प्यारा कोई रे
जब से मैने तुमको पाया
तुमने अपने गले से लगाया
तेरे जैसा मान बढ़ाया नहीं कोई रे
प्रेम से जपे नाम, गुरु प्यारा कोई रे
तू मुझको प्राणों से प्यारा
मैने सबकुछ तुमको वारा
तेरे जैसा लाड़ लड़ाया नहीं कोई रे
प्रेम से जपे नाम, गुरु प्यारा कोई रे
घर घर तेरा नाम जपाऊं
तेरी महिमा सबको सुनाऊँ
तेरे जैसा साथ निभाया नहीं कोई रे
प्रेम से जपे नाम, गुरु प्यारा कोई रे
शिवजी महिमा जिनकी गाते
गुरुगीता में वचन सुनाते
भक्तों सा उन्हें प्यारा नहीं कोई रे
प्रेम से जपे नाम, गुरु प्यारा कोई रे
"शुभ" दर्शन दे दो मेरे गुरुवर
हमको मिल जाये सेवा का अवसर
तुम सम दीन दयाला नहीं कोई रे
प्रेम से जपे नाम, राम प्यारा कोई रे
रचयिता - अभिषेक मैत्रेय "शुभ"
तेरी महिमा सबको सुनाऊँ
तेरे जैसा साथ निभाया नहीं कोई रे
प्रेम से जपे नाम, गुरु प्यारा कोई रे
शिवजी महिमा जिनकी गाते
गुरुगीता में वचन सुनाते
भक्तों सा उन्हें प्यारा नहीं कोई रे
प्रेम से जपे नाम, गुरु प्यारा कोई रे
"शुभ" दर्शन दे दो मेरे गुरुवर
हमको मिल जाये सेवा का अवसर
तुम सम दीन दयाला नहीं कोई रे
प्रेम से जपे नाम, राम प्यारा कोई रे
रचयिता - अभिषेक मैत्रेय "शुभ"
प्रेम से जपे नाम, राम प्यारा कोई रे
प्रेम से जपे नाम, राम प्यारा कोई रे
प्रेम से जपे नाम, राम प्यारा कोई रे
राम प्यारा कोई रे, घनश्याम प्यारा कोई रे
प्रेम से जपे नाम, राम प्यारा कोई रे
प्रेम से जपे नाम, राम प्यारा कोई रे
राम प्यारा कोई रे, घनश्याम प्यारा कोई रे
प्रेम से जपे नाम, राम प्यारा कोई रे
जब से मैने तुमको पाया
तुमने अपने गले से लगाया
तेरे जैसा मान बढ़ाया नहीं कोई रे
प्रेम से जपे नाम, राम प्यारा कोई रे
तू मुझको प्राणों से प्यारा
मैने सबकुछ तुमको वारा
तेरे जैसा लाड़ लड़ाया नहीं कोई रे
प्रेम से जपे नाम, राम प्यारा कोई रे
घर घर तेरा नाम जपाऊं
तेरी महिमा सबको सुनाऊँ
तेरे जैसा साथ निभाया नहीं कोई रे
प्रेम से जपे नाम, राम प्यारा कोई रे
शिवजी महिमा जिनकी गाते
कागभुशुण्डि जी कथा सुनाते
हनुमत सा उन्हें प्यारा नहीं कोई रे
प्रेम से जपे नाम, राम प्यारा कोई रे
"शुभ" दर्शन दे दो रघुनंदन
हाथ जोड़ करूँ चरणों में वंदन
तुम सम दीन दयाला नहीं कोई रे
प्रेम से जपे नाम, राम प्यारा कोई रे
रचयिता - अभिषेक मैत्रेय "शुभ"
तुमने अपने गले से लगाया
तेरे जैसा मान बढ़ाया नहीं कोई रे
प्रेम से जपे नाम, राम प्यारा कोई रे
तू मुझको प्राणों से प्यारा
मैने सबकुछ तुमको वारा
तेरे जैसा लाड़ लड़ाया नहीं कोई रे
प्रेम से जपे नाम, राम प्यारा कोई रे
घर घर तेरा नाम जपाऊं
तेरी महिमा सबको सुनाऊँ
तेरे जैसा साथ निभाया नहीं कोई रे
प्रेम से जपे नाम, राम प्यारा कोई रे
शिवजी महिमा जिनकी गाते
कागभुशुण्डि जी कथा सुनाते
हनुमत सा उन्हें प्यारा नहीं कोई रे
प्रेम से जपे नाम, राम प्यारा कोई रे
"शुभ" दर्शन दे दो रघुनंदन
हाथ जोड़ करूँ चरणों में वंदन
तुम सम दीन दयाला नहीं कोई रे
प्रेम से जपे नाम, राम प्यारा कोई रे
रचयिता - अभिषेक मैत्रेय "शुभ"
Tuesday, 21 July 2026
गुरुदेवा रे! आया मैं तेरे द्वार रे
गुरुदेवा रे! आया मैं तेरे द्वार रे, प्रभु कर देना उद्धार रे
मन को बहुत मनाया मैंने, पर ये मुझसे ना माने
जग है सपना ना कोई अपना , इतनी बात ना जाने
"शुभ" मेरे कर दो विचार रे
गुरुदेवा रे! आया मैं तेरे द्वार रे, प्रभु कर देना उद्धार रे ....
लगन लगे तुमसे मेरे दाता, ऐसी कृपा कर देना
व्यसनों से रहूँ दूर हमेशा, भक्ति रस भर देना
तेरी दया पे मुझे विश्वास रे
गुरुदेवा रे! आया मैं तेरे द्वार रे, प्रभु कर देना उद्धार रे ....
जन्म मरण के साथी मेरे, साथ निभाते रहना
जब राहों में भटक मैं जाऊं, सही राह पर करना
मुझे तुझपे भरोसा अपार रे
गुरुदेवा रे! आया मैं तेरे द्वार रे, प्रभु कर देना उद्धार रे
रचयिता : अभिषेक मैत्रेय "शुभ"
मन को बहुत मनाया मैंने, पर ये मुझसे ना माने
जग है सपना ना कोई अपना , इतनी बात ना जाने
"शुभ" मेरे कर दो विचार रे
गुरुदेवा रे! आया मैं तेरे द्वार रे, प्रभु कर देना उद्धार रे ....
लगन लगे तुमसे मेरे दाता, ऐसी कृपा कर देना
व्यसनों से रहूँ दूर हमेशा, भक्ति रस भर देना
तेरी दया पे मुझे विश्वास रे
गुरुदेवा रे! आया मैं तेरे द्वार रे, प्रभु कर देना उद्धार रे ....
जन्म मरण के साथी मेरे, साथ निभाते रहना
जब राहों में भटक मैं जाऊं, सही राह पर करना
मुझे तुझपे भरोसा अपार रे
गुरुदेवा रे! आया मैं तेरे द्वार रे, प्रभु कर देना उद्धार रे
रचयिता : अभिषेक मैत्रेय "शुभ"
तुम भक्तों के हो भगवान्
तुम भक्तों के हो भगवान्, मेरे सतगुरु आशाराम
तेरे चरणों में चारों धाम, मेरे सतगुरु आशाराम
तुम्हें पूजूं में आठों याम, मेरे सतगुरु आशाराम
ज्योत ज्ञान की तुम हो जगाते, अज्ञान सब दूर भगाते
तेरे मार्ग पर चलते रहें हम, अब तो करो कल्याण
तुम भक्तों के हो भगवान्....
तुम्हें पूजूं में आठों याम, मेरे सतगुरु आशाराम .......
काम क्रोध मद लोभ छुडाते, भोग वासना से हमें बचाते
तेरी भक्ति में लीन रहें हम, दे दो ये वरदान
तुम भक्तों के हो भगवान्....
तुम्हें पूजूं में आठों याम, मेरे सतगुरु आशाराम .......
गुरु शरण में जो आ जाते, भव बंधन से वो तर जाते
"सेवक" आये शरण तिहारी, कृपा करो भगवान्
तुम भक्तों के हो भगवान्....
तुम्हें पूजूं में आठों याम, मेरे सतगुरु आशाराम .......
महिमा तुम्हारी कैसे गाऊं?, लीला का मैं पार ना पाऊं
वाणी मेरी टूटी-फूटी, कर ना सकूं गुणगान
तुम भक्तों के हो भगवान्....
तुम्हें पूजूं में आठों याम, मेरे सतगुरु आशाराम .......
"शुभ" दर्शन बिन रहा ना जाये, याद प्रभु की निशदिन आये
नयनों से मेरे नीर छलकता, कैसे लूं इनको थाम?
तुम भक्तों के हो भगवान्....
तुम्हें पूजूं में आठों याम, मेरे सतगुरु आशाराम .......
ब्रह्मज्ञान का अमृत पाया, पाकर सारे जग में लुटाया
हमको भी मिल गए हैं छींटे, पाकर हुए निहाल
तुम भक्तों के हो भगवान्....
तुम्हें पूजूं में आठों याम, मेरे सतगुरु आशाराम .......
रचयिता : अभिषेक मैत्रेय "शुभ" एवं रामबीर चौधरी
तेरे चरणों में चारों धाम, मेरे सतगुरु आशाराम
तुम्हें पूजूं में आठों याम, मेरे सतगुरु आशाराम
ज्योत ज्ञान की तुम हो जगाते, अज्ञान सब दूर भगाते
तेरे मार्ग पर चलते रहें हम, अब तो करो कल्याण
तुम भक्तों के हो भगवान्....
तुम्हें पूजूं में आठों याम, मेरे सतगुरु आशाराम .......
काम क्रोध मद लोभ छुडाते, भोग वासना से हमें बचाते
तेरी भक्ति में लीन रहें हम, दे दो ये वरदान
तुम भक्तों के हो भगवान्....
तुम्हें पूजूं में आठों याम, मेरे सतगुरु आशाराम .......
गुरु शरण में जो आ जाते, भव बंधन से वो तर जाते
"सेवक" आये शरण तिहारी, कृपा करो भगवान्
तुम भक्तों के हो भगवान्....
तुम्हें पूजूं में आठों याम, मेरे सतगुरु आशाराम .......
महिमा तुम्हारी कैसे गाऊं?, लीला का मैं पार ना पाऊं
वाणी मेरी टूटी-फूटी, कर ना सकूं गुणगान
तुम भक्तों के हो भगवान्....
तुम्हें पूजूं में आठों याम, मेरे सतगुरु आशाराम .......
"शुभ" दर्शन बिन रहा ना जाये, याद प्रभु की निशदिन आये
नयनों से मेरे नीर छलकता, कैसे लूं इनको थाम?
तुम भक्तों के हो भगवान्....
तुम्हें पूजूं में आठों याम, मेरे सतगुरु आशाराम .......
ब्रह्मज्ञान का अमृत पाया, पाकर सारे जग में लुटाया
हमको भी मिल गए हैं छींटे, पाकर हुए निहाल
तुम भक्तों के हो भगवान्....
तुम्हें पूजूं में आठों याम, मेरे सतगुरु आशाराम .......
रचयिता : अभिषेक मैत्रेय "शुभ" एवं रामबीर चौधरी
आरती बड दादा की कीजे
आरती बड दादा की कीजे,
अपने मनोरथ पूरण कीजे ....
वृक्ष अनुपम तुम हो बाबा,
वृक्ष अनुपम तुम हो बाबा,
चमत्कार परिपूर्ण हो बाबा
प्रेम से जो परिकम्मा कीजे,
प्रेम से जो परिकम्मा कीजे,
अपने मनोरथ पूरण कीजे ....
गुरु कृपा तुम पर बरसी है,
गुरु कृपा तुम पर बरसी है,
शक्ति विलक्षण तुमको दी है
बिगड़े काज बना तुम दीजे,
बिगड़े काज बना तुम दीजे,
अपने मनोरथ पूरण कीजे ....
"शुभ" दर्शन जो तुम्हरे पाता,
"शुभ" दर्शन जो तुम्हरे पाता,
कर परिकम्मा ध्यान लगाता
गुरु कृपा से पूरा भीजे,
गुरु कृपा से पूरा भीजे,
अपने मनोरथ पूरण कीजे ....
रचयिता - अभिषेक मैत्रेय "शुभ"
रचयिता - अभिषेक मैत्रेय "शुभ"
Sunday, 12 July 2026
गुरुदेव कृपा कीजिए
गुरुदेव कृपा कीजिए -2
मुझे शरण बिठा लीजिए -2
मुझमें तो अभिमान भरा है
सब रोगों में ये रोग बड़ा है
मेरा अहम मिटा दीजिए
गुरुदेव कृपा कीजिए....
मैने सुना तुम दीनदयालु हो
भक्तजनों पर सदा कृपालु हो
मुझे दास बना लीजिए
गुरुदेव कृपा कीजिए....
रिश्ते नाते सब छूट जाते
अंत समय यमदूत जो आते
निज धाम बुला लीजिए
गुरुदेव कृपा कीजिए....
याद तुम्हारी हर पल आए
ऐसा "शुभ" अवसर बन जाये
ऐसा योग्य बना दीजिए
गुरुदेव कृपा कीजिए....
ॐ रं रं रामाय नमः
ॐ हुं हुं हनुमते नमः
गुरुदेव कृपा कीजिए....
रचयिता - अभिषेक मैत्रेय "शुभ"
मुझे शरण बिठा लीजिए -2
मुझमें तो अभिमान भरा है
सब रोगों में ये रोग बड़ा है
मेरा अहम मिटा दीजिए
गुरुदेव कृपा कीजिए....
मैने सुना तुम दीनदयालु हो
भक्तजनों पर सदा कृपालु हो
मुझे दास बना लीजिए
गुरुदेव कृपा कीजिए....
रिश्ते नाते सब छूट जाते
अंत समय यमदूत जो आते
निज धाम बुला लीजिए
गुरुदेव कृपा कीजिए....
याद तुम्हारी हर पल आए
ऐसा "शुभ" अवसर बन जाये
ऐसा योग्य बना दीजिए
गुरुदेव कृपा कीजिए....
ॐ रं रं रामाय नमः
ॐ हुं हुं हनुमते नमः
गुरुदेव कृपा कीजिए....
रचयिता - अभिषेक मैत्रेय "शुभ"
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