हम सेवक उस सेवक के, जिसके स्वामी श्री राम हैं
जो भी प्रभु करवाना चाहें, देते वही हमें काम हैं
हम तो हैं कुछ योग्य नहीं,कृपा करते भगवान हैं
जो भी प्रभु करवाना चाहें, देते वही हमें काम हैं
राम राम सिया राम राम, सिया राम राम सिया राम
हे प्रभु आनंददाता, ज्ञान हमको दीजिये
शीघ्र सारे दुर्गुणों को, दूर हमसे कीजिये
"शुभ" कर्मों में लगे सदा मन, प्रार्थना भगवान है
जो भी प्रभु करवाना चाहें, देते वही हमें काम हैं
हम तो हैं कुछ योग्य नहीं,कृपा करते भगवान हैं
जो भी प्रभु करवाना चाहें, देते वही हमें काम हैं
राम राम सिया राम राम, सिया राम राम सिया राम
सेवा में जो रहते तत्पर, कोई नहीं उनसे दूजा
अष्टसिद्धि नवनिधि के दाता, हम करते उनकी पूजा
उन सेवक पर वारी जाऊं, कहते जिन्हें हनुमान हैं
जो भी प्रभु करवाना चाहें, देते वही हमें काम हैं
हम तो हैं कुछ योग्य नहीं,कृपा करते भगवान हैं
जो भी प्रभु करवाना चाहें, देते वही हमें काम हैं
राम राम सिया राम राम, सिया राम राम सिया राम
हम सेवक उस सेवक के, जिसके स्वामी श्री राम हैं
जो भी प्रभु करवाना चाहें, देते वही हमें काम हैं
रचयिता : अभिषेक मैत्रेय "शुभ"
Shubh Bhajan Sangrah
Friday, 2 October 2026
Saturday, 19 September 2026
श्री मन्न नारायण नारायण - Part 4
नारायण नारायण श्री मन्न नारायण नारायण नारायण
अहम् शुन्य जिस दिन, ये वृत्ति बनेगी
प्रभु से मिलन की, ये युक्ति मिलेगी
ना अपना है कोई, ना कोई पराया
सबके सुमंगल की दृष्टि बनेगी
सद्भाव मन में सदा "शुभ" रखना
वाणी का संयम सदा "शुभ" रखना
सदाचार का मार्ग, निश्चित कठिन है
प्रभु हाथ मेरा सदा थाम रखना
अहम् शुन्य जिस दिन, ये वृत्ति बनेगी
प्रभु से मिलन की, ये युक्ति मिलेगी
ना अपना है कोई, ना कोई पराया
सबके सुमंगल की दृष्टि बनेगी
सद्भाव मन में सदा "शुभ" रखना
वाणी का संयम सदा "शुभ" रखना
सदाचार का मार्ग, निश्चित कठिन है
प्रभु हाथ मेरा सदा थाम रखना
ना मान की चिंता, ना अभिमान का डर
मिले जिस तरह से भी, भक्ति का अवसर
प्रभु प्रार्थना लेके, आया तेरे दर
याचक की विनती सुन लो कृपाकर
रचयिता : अभिषेक मैत्रेय "शुभ"
Thursday, 6 August 2026
सुन लो अरज हमारी, मेरे भोले भंडारी
सुन लो अरज हमारी, मेरे भोले भंडारी
करो कृपा त्रिपुरारी, मेरे भोले भंडारीभोले भंडारी, हे त्रिपुरारी
भोले भंडारी, हे त्रिपुरारी
बलि बलि जाऊँ बलिहारी, मेरे भोले भंडारी
हे भोले तेरे शीश पे चंदा
जटा से बहती पावन गंगा
छवि लगती अति प्यारी , मेरे भोले भंडारी
बलि बलि जाऊँ बलिहारी, मेरे भोले भंडारी
गले में पहने, सर्पों की माला
हाथ सजे, त्रिशूल निराला
डमरू की धुन है प्यारी, मेरे भोले भंडारी
बलि बलि जाऊँ बलिहारी, मेरे भोले भंडारी
बाघम्बर तन पर है पहने
मुण्डमाल भोले तेरे गहने
पूजे दुनिया सारी, मेरे भोले भंडारी
बलि बलि जाऊँ बलिहारी, मेरे भोले भंडारी
काल का भी काल है भोले
रक्षा करें जो शिव शिव बोले
"शुभ" है शरण तुम्हारी, मेरे भोले भंडारी
बलि बलि जाऊँ बलिहारी, मेरे भोले भंडारी
रचनाकार - अभिषेक मैत्रेय "शुभ"
Wednesday, 5 August 2026
मेरी लागी रे लगन, भोले बाबा से
मेरी लागी रे लगन, भोले बाबा से
मेरी लागी रे लगन, भोले बाबा से
भोले बाबा से, शिव शंकर से,
मेरी लागी रे लगन, भोले बाबा से
"शुभ" दर्शन को, सोमनाथ आया
पंहुचा गुजरात, वहां ढोकला खाया
मेरा जुड़ गया मन, भोले बाबा से
मेरी लागी रे लगन, भोले बाबा से
"शुभ" दर्शन को, त्रयंबकेश्वर आया
पहुंचा महाराष्ट्र, मिसल पाव खाया
मेरा जुड़ गया मन, भोले बाबा से
मेरी लागी रे लगन, भोले बाबा से
"शुभ" दर्शन को, काशी धाम आया
पंहुचा यू पी , कचौड़ी चाट खाया
देख हो गया मगन, भोले बाबा से
मेरी लागी रे लगन, भोले बाबा से
"शुभ" दर्शन को, उज्जैन आया
पंहुचा एम पी, जलेबी पोहा खाया
मेरा जुड़ गया नाता, भोले बाबा से
मेरी लागी रे लगन, भोले बाबा से
रचनाकार -- अभिषेक मैत्रेय "शुभ"
मेरी लागी रे लगन, भोले बाबा से
भोले बाबा से, शिव शंकर से,
मेरी लागी रे लगन, भोले बाबा से
"शुभ" दर्शन को, सोमनाथ आया
पंहुचा गुजरात, वहां ढोकला खाया
मेरा जुड़ गया मन, भोले बाबा से
मेरी लागी रे लगन, भोले बाबा से
"शुभ" दर्शन को, त्रयंबकेश्वर आया
पहुंचा महाराष्ट्र, मिसल पाव खाया
मेरा जुड़ गया मन, भोले बाबा से
मेरी लागी रे लगन, भोले बाबा से
"शुभ" दर्शन को, काशी धाम आया
पंहुचा यू पी , कचौड़ी चाट खाया
देख हो गया मगन, भोले बाबा से
मेरी लागी रे लगन, भोले बाबा से
"शुभ" दर्शन को, उज्जैन आया
पंहुचा एम पी, जलेबी पोहा खाया
मेरा जुड़ गया नाता, भोले बाबा से
मेरी लागी रे लगन, भोले बाबा से
रचनाकार -- अभिषेक मैत्रेय "शुभ"
Saturday, 1 August 2026
भोले की फौज करती है मौज
भोले की फौज...! करती है मौज...!
बाबा के दीवानों की, मौज हर रोज़...!
बम-बम गूँजे जयकारे, झूमे सारी फौज।
भोले की फौज... करती है मौज।।
भगवा रंग में रंगी है टोली,
बम-बम बोले भोला-भोली।
कदम-कदम पर लगे भंडारे,
सेवा करती भक्तों की टोली।।
बम-बम गूँजे जयकारे, झूमे सारी फौज।
भोले की फौज... करती है मौज।।
सिर पर कांवड़, दिल में श्रद्धा,
चेहरे पर चमक निराली
पैर थकें तो थकने देना,
भोले भरेंगे सबकी झोली
बम-बम गूँजे जयकारे, झूमे सारी फौज।
भोले की फौज... करती है मौज।।
डम-डम बोले शिव का डमरू,
धम धम बजे ढोल
आगे-आगे नंदी बाबा
भक्त रहे हैं बोल
बम-बम गूँजे जयकारे, झूमे सारी फौज
भोले की फौज... करती है मौज
भक्ति का रंग चढ़ा निराला,
मन हुआ है मतवाला
महाकाल के प्रेम में डूबा,
कांवड़िया किस्मत वाला
काँधे पर "शुभ" कांवड़ रख ले ,
जपले शंभू का नाम
कठिन डगर भी सरल बनेगी,
बनेंगे बिगड़े काम
भोले की फौज...! करती है मौज...!
बम-बम गूँजे जयकारे, झूमे सारी फौज।
भोले की फौज... करती है मौज।।
रचयिता - अभिषेक मैत्रेय "शुभ"
बाबा के दीवानों की, मौज हर रोज़...!
बम-बम गूँजे जयकारे, झूमे सारी फौज।
भोले की फौज... करती है मौज।।
भगवा रंग में रंगी है टोली,
बम-बम बोले भोला-भोली।
कदम-कदम पर लगे भंडारे,
सेवा करती भक्तों की टोली।।
बम-बम गूँजे जयकारे, झूमे सारी फौज।
भोले की फौज... करती है मौज।।
सिर पर कांवड़, दिल में श्रद्धा,
चेहरे पर चमक निराली
पैर थकें तो थकने देना,
भोले भरेंगे सबकी झोली
बम-बम गूँजे जयकारे, झूमे सारी फौज।
भोले की फौज... करती है मौज।।
डम-डम बोले शिव का डमरू,
धम धम बजे ढोल
आगे-आगे नंदी बाबा
भक्त रहे हैं बोल
बम-बम गूँजे जयकारे, झूमे सारी फौज
भोले की फौज... करती है मौज
भक्ति का रंग चढ़ा निराला,
मन हुआ है मतवाला
महाकाल के प्रेम में डूबा,
कांवड़िया किस्मत वाला
काँधे पर "शुभ" कांवड़ रख ले ,
जपले शंभू का नाम
कठिन डगर भी सरल बनेगी,
बनेंगे बिगड़े काम
भोले की फौज...! करती है मौज...!
बम-बम गूँजे जयकारे, झूमे सारी फौज।
भोले की फौज... करती है मौज।।
रचयिता - अभिषेक मैत्रेय "शुभ"
Friday, 24 July 2026
प्रेम से जपे नाम, गुरु प्यारा कोई रे
प्रेम से जपे नाम, गुरु प्यारा कोई रे
प्रेम से जपे नाम, गुरु प्यारा कोई रे
राम प्यारा कोई रे, प्रभु प्यारा कोई रे
प्रेम से जपे नाम, गुरु प्यारा कोई रे
जब से मैने तुमको पाया
तुमने अपने गले से लगाया
तेरे जैसा मान बढ़ाया नहीं कोई रे
प्रेम से जपे नाम, गुरु प्यारा कोई रे
तू मुझको प्राणों से प्यारा
मैने सबकुछ तुमको वारा
तेरे जैसा लाड़ लड़ाया नहीं कोई रे
प्रेम से जपे नाम, गुरु प्यारा कोई रे
प्रेम से जपे नाम, गुरु प्यारा कोई रे
राम प्यारा कोई रे, प्रभु प्यारा कोई रे
प्रेम से जपे नाम, गुरु प्यारा कोई रे
जब से मैने तुमको पाया
तुमने अपने गले से लगाया
तेरे जैसा मान बढ़ाया नहीं कोई रे
प्रेम से जपे नाम, गुरु प्यारा कोई रे
तू मुझको प्राणों से प्यारा
मैने सबकुछ तुमको वारा
तेरे जैसा लाड़ लड़ाया नहीं कोई रे
प्रेम से जपे नाम, गुरु प्यारा कोई रे
घर घर तेरा नाम जपाऊं
तेरी महिमा सबको सुनाऊँ
तेरे जैसा साथ निभाया नहीं कोई रे
प्रेम से जपे नाम, गुरु प्यारा कोई रे
शिवजी महिमा जिनकी गाते
गुरुगीता में वचन सुनाते
भक्तों सा उन्हें प्यारा नहीं कोई रे
प्रेम से जपे नाम, गुरु प्यारा कोई रे
"शुभ" दर्शन दे दो मेरे गुरुवर
हमको मिल जाये सेवा का अवसर
तुम सम दीन दयाला नहीं कोई रे
प्रेम से जपे नाम, राम प्यारा कोई रे
रचयिता - अभिषेक मैत्रेय "शुभ"
तेरी महिमा सबको सुनाऊँ
तेरे जैसा साथ निभाया नहीं कोई रे
प्रेम से जपे नाम, गुरु प्यारा कोई रे
शिवजी महिमा जिनकी गाते
गुरुगीता में वचन सुनाते
भक्तों सा उन्हें प्यारा नहीं कोई रे
प्रेम से जपे नाम, गुरु प्यारा कोई रे
"शुभ" दर्शन दे दो मेरे गुरुवर
हमको मिल जाये सेवा का अवसर
तुम सम दीन दयाला नहीं कोई रे
प्रेम से जपे नाम, राम प्यारा कोई रे
रचयिता - अभिषेक मैत्रेय "शुभ"
प्रेम से जपे नाम, राम प्यारा कोई रे
प्रेम से जपे नाम, राम प्यारा कोई रे
प्रेम से जपे नाम, राम प्यारा कोई रे
राम प्यारा कोई रे, घनश्याम प्यारा कोई रे
प्रेम से जपे नाम, राम प्यारा कोई रे
प्रेम से जपे नाम, राम प्यारा कोई रे
राम प्यारा कोई रे, घनश्याम प्यारा कोई रे
प्रेम से जपे नाम, राम प्यारा कोई रे
जब से मैने तुमको पाया
तुमने अपने गले से लगाया
तेरे जैसा मान बढ़ाया नहीं कोई रे
प्रेम से जपे नाम, राम प्यारा कोई रे
तू मुझको प्राणों से प्यारा
मैने सबकुछ तुमको वारा
तेरे जैसा लाड़ लड़ाया नहीं कोई रे
प्रेम से जपे नाम, राम प्यारा कोई रे
घर घर तेरा नाम जपाऊं
तेरी महिमा सबको सुनाऊँ
तेरे जैसा साथ निभाया नहीं कोई रे
प्रेम से जपे नाम, राम प्यारा कोई रे
शिवजी महिमा जिनकी गाते
कागभुशुण्डि जी कथा सुनाते
हनुमत सा उन्हें प्यारा नहीं कोई रे
प्रेम से जपे नाम, राम प्यारा कोई रे
"शुभ" दर्शन दे दो रघुनंदन
हाथ जोड़ करूँ चरणों में वंदन
तुम सम दीन दयाला नहीं कोई रे
प्रेम से जपे नाम, राम प्यारा कोई रे
रचयिता - अभिषेक मैत्रेय "शुभ"
तुमने अपने गले से लगाया
तेरे जैसा मान बढ़ाया नहीं कोई रे
प्रेम से जपे नाम, राम प्यारा कोई रे
तू मुझको प्राणों से प्यारा
मैने सबकुछ तुमको वारा
तेरे जैसा लाड़ लड़ाया नहीं कोई रे
प्रेम से जपे नाम, राम प्यारा कोई रे
घर घर तेरा नाम जपाऊं
तेरी महिमा सबको सुनाऊँ
तेरे जैसा साथ निभाया नहीं कोई रे
प्रेम से जपे नाम, राम प्यारा कोई रे
शिवजी महिमा जिनकी गाते
कागभुशुण्डि जी कथा सुनाते
हनुमत सा उन्हें प्यारा नहीं कोई रे
प्रेम से जपे नाम, राम प्यारा कोई रे
"शुभ" दर्शन दे दो रघुनंदन
हाथ जोड़ करूँ चरणों में वंदन
तुम सम दीन दयाला नहीं कोई रे
प्रेम से जपे नाम, राम प्यारा कोई रे
रचयिता - अभिषेक मैत्रेय "शुभ"
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