Monday, 1 June 2026

जय बोलो हनुमान की

श्री राम लक्ष्मण जानकी, जय बोलो हनुमान की ...
श्री राम लक्ष्मण जानकी, जय बोलो हनुमान की ...
श्री राम लक्ष्मण जानकी, जय बोलो हनुमान की ...
स्वामी करुनानिधान की, जय बोलो भगवान की
श्री राम लक्ष्मण जानकी, जय बोलो हनुमान की ...

सभी दिशा गूंजे जयकारे, रक्षक हैं बजरंग हमारे
सभी दिशा गूंजे जयकारे, रक्षक हैं बजरंग हमारे
संकट काटन हार की, जय बोलो हनुमान की ...
श्री राम लक्ष्मण जानकी, जय बोलो हनुमान की ...

जय जय जय हनुमान गुसाईं, कृपा करहुं गुरुदेव की नाईं
जय जय जय हनुमान गुसाईं, कृपा करहुं गुरुदेव की नाईं
जय हो ज्ञान के खान की, जय बोलो हनुमान की ...
श्री राम लक्ष्मण जानकी, जय बोलो हनुमान की ...

लंका में जा आग लगाई, रावण की थी सत्ता हिलाई
लंका में जा आग लगाई, रावण की थी सत्ता हिलाई
रामदूत बलवान की, जय बोलो हनुमान की...
श्री राम लक्ष्मण जानकी, जय बोलो हनुमान की ...

जिस पर कृपा तेरी हो जाये, उसके संकट पास ना आये
जिस पर कृपा तेरी हो जाये, उसके संकट पास ना आये
"शुभ" करुणा भंडार की, जय बोलो हनुमान की...
श्री राम लक्ष्मण जानकी, जय बोलो हनुमान की ...

रोम रोम में राम तुम्हारे, भक्ति बढे जो तुम्हे पुकारे
रोम रोम में राम तुम्हारे, भक्ति बढे जो तुम्हे पुकारे
अंजनी माँ के लाल की, जय बोलो हनुमान की...
श्री राम लक्ष्मण जानकी, जय बोलो हनुमान की ...

रचयिता : अभिषेक मैत्रेय "शुभ"

Sunday, 24 May 2026

शिव शिव नमः शिवाय

शिव शिव नमः शिवाय
हर हर नमः शिवाय

जय शम्भू जय शम्भू शम्भू
जय शम्भू जय शम्भू

महाकाल तुम, हो त्रिकाल तुम -2
हे त्रिनेत्र धराय
शिव शिव नमः शिवाय
हर हर नमः शिवाय

जय शम्भू जय शम्भू शम्भू
जय शम्भू जय शम्भू

तुम डमरू धारी, हो त्रिशूल धारी -2
हे नट राजाय
शिव शिव नमः शिवाय
हर हर नमः शिवाय

जय शम्भू जय शम्भू शम्भू
जय शम्भू जय शम्भू

तुम भस्म रमैया, संग गौरा मैया -2
हे कैलाश बसाय
शिव शिव नमः शिवाय
हर हर नमः शिवाय

जय शम्भू जय शम्भू शम्भू
जय शम्भू जय शम्भू

तेरा डमरू बाजे, बम भोला नाचे -2
नाचे सभी दिशाय
शिव शिव नमः शिवाय
हर हर नमः शिवाय

जय शम्भू जय शम्भू शम्भू
जय शम्भू जय शम्भू

भूतों के स्वामी, तुम अंतर्यामी -2
हे नन्दीश्वराय
शिव शिव नमः शिवाय
हर हर नमः शिवाय

जय शम्भू जय शम्भू शम्भू
जय शम्भू जय शम्भू

तुम "शुभ" करते, विघ्नों को हरते -2
हे विघ्नहराय
शिव शिव नमः शिवाय
हर हर नमः शिवाय

जय शम्भू जय शम्भू शम्भू
जय शम्भू जय शम्भू

रचयिता : अभिषेक मैत्रेय "शुभ"

Friday, 22 May 2026

आन मिलो भगवान हमारे

आन मिलो, सियाराम हमारे
आन मिलो, राधेश्याम हमारे
राम हमारे, श्याम हमारे
आन मिलो, भगवान हमारे

दरश दिये थे, केवट भगत को 
दरश दिये थे, केवट भगत को 
नाव पे चढ़कर, भाग्य सँवारे 
आन मिलो सियाराम हमारे

दरश दिये थे, शबरी माई को 
दरश दिये थे, शबरी माई को 
बेर खाने, प्रभु द्वार पधारे 
आन मिलो सियाराम हमारे

दरश दिये, प्रह्लाद भगत को
दरश दिये, प्रह्लाद भगत को
नरसिंह रूप ले, आप पधारे 
आन मिलो सियाराम हमारे

दरश दिये थे, मीरा बाई को 
दरश दिये थे, मीरा बाई को 
विष को अमृत, करने पधारे 
आन मिलो राधेश्याम हमारे

दरश दिये थे, द्रुपदसुता को
दरश दिये थे, द्रुपदसुता को
चीर बढ़ाने, सभा में पधारे 
आन मिलो राधेश्याम हमारे

दरश दिये थे, नरसी भगत को
दरश दिये थे, नरसी भगत को
भात भरन, घनश्याम पधारे
आन मिलो राधेश्याम हमारे

दरश दिए, अनगिन भगतों को 
दरश दिए, अनगिन भगतों को 
"शुभ" दर्शन की, बाट निहारे 
आन मिलो, सियाराम हमारे
आन मिलो, राधेश्याम हमारे

रचयिता : अभिषेक मैत्रेय "शुभ"

Monday, 11 May 2026

बम-बम भोला, शंकर रखवाला

बम-बम भोला, शंकर रखवाला,
जिस पर तेरी कृपा हो जाए, जपे नाम की माला।
बम-बम भोला, शंकर रखवाला॥

भस्म रमाए, जटा में गंगा,
त्रिनेत्र धारी, हरें भव-जंजाला।
दीन-दुखी का तू है सहारा,
हर लेता दुख विकराला।
बम-बम भोला, शंकर रखवाला॥

नीलकंठ तू, विष को पीकर,
जग को दिया अमृत का प्याला।
भोलेनाथ करुणा की धारा,
भक्तों पर प्रेम निराला।
बम-बम भोला, शंकर रखवाला॥

कैलाशपति, गिरिजा के स्वामी,
भक्तों के प्रभु अंतर्यामी निराला।
"शुभ" द्वार जो शीश झुकाए,
गिरते को तू संभाला।
बम-बम भोला, शंकर रखवाला॥

चंद्र सजे तेरे मस्तक ऊपर,
कंठ समाए विष काला।
काम क्रोध सब दूर भगाए,
तू ही जग का रखवाला।
बम-बम भोला, शंकर रखवाला॥

रचयिता: अभिषेक मैत्रेय "शुभ"

Saturday, 2 May 2026

ऐसे नखरे दिखाना छोड़ दे


ऐसे नखरे दिखाना छोड़ दे, 
छुप - छुप के सताना छोड़ दे

मुझे मालूम है मेरे दिल में बसा
देखूँ कैसे तुझे ज़रा ये भी बता
तेरी याद में रुलाना छोड़ दे
छुप - छुप के सताना छोड़ दे

तेरी माया से जग को मैं देखता
तू खुद ना दिखे मेरी क्या है खता
आजा सामने तरसाना छोड़ दे
छुप - छुप के सताना छोड़ दे

है ये तेरी कृपा तेरा नाम लिया
"शुभ" भावना भरी तुझे याद किया
या तो यादों में आना छोड़ दे
छुप - छुप के सताना छोड़ दे

तेरी करुणा से ही मुझे सत्संग मिला
करुणा-वरुणा सिंधु का ज्ञान मिला
सारे भेद छिपाना छोड़ दे
छुप - छुप के सताना छोड़ दे

रचयिता: अभिषेक मैत्रेय "शुभ"
3/May/2026

Wednesday, 15 April 2026

परीक्षा में उत्तीर्ण विद्यार्थियों को शुभकामनायें


एक अभिभावक के हृदय से निकले उद्गार

विद्यार्थी जीवन की पहली सीढ़ी, तुमने हँसकर पार की,
परिश्रम की "शुभ" राह पर, अपनी पहचान संवार ली।

अब आगे का पथ है विस्तृत, सपनों से भी और विशाल,
अनुशासन हो संग तुम्हारे, बन जाएगा जीवन कमाल।

एकाग्र मन, दृढ़ संकल्प से, लक्ष्य सदा तुम साधना,
ज्ञान दीप की ज्योति से अपने, जीवन पथ को साधना।

सात्विकता की मधुर सुगंध से, आचरण सदा महकाना,
विनम्रता और सच्चाई से, हर दिल में स्थान बनाना।

जब भी आए कठिनाई कोई, साहस से आगे बढ़ना,
हार न मानो किसी भी क्षण, बस आगे ही बढ़ते रहना।

"शुभ"आशीष यही है सबको, ऊँचाइयों को छू जाओ,
अपने कर्मों की उज्ज्वल छाया से, जग में नाम कमाओ।

अब तक थे तुम श्वेत पत्र, इस पर भविष्य लिखा जाएगा,
व्यर्थ समय ना जाने देना, जो बीता ना लौट के आएगा।

नव स्वप्नों की इस उड़ान में, शुभकामनाएँ देता अपार,
तुमसे ही है देश का कल, तुमसे ही भविष्य साकार।


रचनाकार : अभिषेक मैत्रेय "शुभ"

Thursday, 9 April 2026

तेरे पूजन को भगवान

तेरे पूजन को भगवान, बना मन मंदिर आलीशान ।।

किसने जानी तेरी माया, किसने भेद तुम्हारा पाया,
हारे ऋषी मुनि कर ध्यान, बना मन मंदिर आलीशान,
तेरे पूजन को भगवान, बना मन मंदिर आलीशान ।।

तू ही जल में तू ही थल में, तू ही मन में तू ही वन में,
तेरा रूप अनुप महान, बना मन मंदिर आलीशान,
तेरे पूजन को भगवान, बना मन मंदिर आलीशान ।।

तू हर गुल में तू बुलबुल में, तू हर डाल के हर पातन में,
तू हर दिल में मूर्तिमान, बना मन मंदिर आलीशान,
तेरे पूजन को भगवान, बना मन मंदिर आलीशान ।।

तूने राजा रंक बनाये, तूने भिक्षुक राज बिठाये,
तेरी लीला अजब महान, बना मन मंदिर आलीशान,
तेरे पूजन को भगवान, बना मन मंदिर आलीशान ।।

झूठे जग की झूठी माया, मूर्ख इसमें क्यु भरमाया,
कर जीवन का शुभ कल्याण, बना मन मंदिर आलीशान,
तेरे पूजन को भगवान, बना मन मंदिर आलीशान ।।