Monday, 11 May 2026

बम-बम भोला, शंकर रखवाला

बम-बम भोला, शंकर रखवाला,
जिस पर तेरी कृपा हो जाए, जपे नाम की माला।
बम-बम भोला, शंकर रखवाला॥

भस्म रमाए, जटा में गंगा,
त्रिनेत्र धारी, हरें भव-जंजाला।
दीन-दुखी का तू है सहारा,
हर लेता दुख विकराला।
बम-बम भोला, शंकर रखवाला॥

नीलकंठ तू, विष को पीकर,
जग को दिया अमृत का प्याला।
भोलेनाथ करुणा की धारा,
भक्तों पर प्रेम निराला।
बम-बम भोला, शंकर रखवाला॥

कैलाशपति, गिरिजा के स्वामी,
भक्तों के प्रभु अंतर्यामी निराला।
"शुभ" द्वार जो शीश झुकाए,
गिरते को तू संभाला।
बम-बम भोला, शंकर रखवाला॥

चंद्र सजे तेरे मस्तक ऊपर,
कंठ समाए विष काला।
काम क्रोध सब दूर भगाए,
तू ही जग का रखवाला।
बम-बम भोला, शंकर रखवाला॥

रचयिता: अभिषेक मैत्रेय "शुभ"

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