Friday, 21 March 2025

जब सर पे गुरु का हाथ

जब सर पे गुरु का हाथ हो हाथ, मन अब तोहै चिंता काहे की
मन अब तोहै चिंता काहे की, मन अब तोहै चिंता काहे की
जब सर पे गुरु का हाथ ...........

वे अपनी शरण में लगा लेंगे, चरणों में तुझे बिठा लेंगे
सदगुरु जी कृपानिधान हो निधान, मन अब तोहै चिंता काहे की
जब सर पे गुरु का हाथ ...........

मेरे सदगुरु जी ब्रहमा विष्णु हैं ,मेरे गुरु जी राम और कृष्ण जी है
सदगुरु जी शिव नटराज नटराज, मन अब तोहै चिंता काहे की
जब सर पे गुरु का हाथ ...........

मेरे सदगुरु जी मथुरा काशी है, मेरे बाबा संत अविनासी है
मेरे गुरु हैं तीरथराज हो राज, मन अब तोहै चिंता काहे की
जब सर पे गुरु का हाथ...........

मेरे गुरु जी बड़े दयालु है मेरे गुरुवर बड़े कृपालु है
तेरे बन जाये बिगड़े काज हो काज, मन अब तोहै चिंता काहे की
जब सर पे गुरु का हाथ..............

क्यों इधर उधर तू भटक रहा, अब मान ले प्यारे गुरु का कहा
गुरु भव सागर के जहाज हो जहाज, मन अब तोहै चिंता काहे की
जब सर पे गुरु का हाथ ...........

मैं तो जपूँ सदा तेरा नाम सदगुरु

मैं तो जपूँ सदा तेरा नाम सदगुरु दया करो
दया करो कृपा करो, कृपा करो रहम करो

द्वार पे आये भक्त तुम्हारे, अपनी दया के खोलो द्वारे
मेरे पूरण हो सब काम, सदगुरु दया करो

भजन कीर्तन गाऊं तेरा, निशदिन पाऊं दर्शन तेरा
मेरे कृष्ण कृष्ण मेरे राम, सदगुरु दया करो

मन मन्दिर में ज्योत जगा दो, मुझको अपना तुम रूप दिखा दो
मुझे पंहुचा दो निज धाम, सदगुरु दया करो

साधु सन्त की संगति देना, अपने नाम की रंगति देना
मुझे अपना बना लो मेरे राम, सदगुरु दया करो

रब मेरा सतगुरु बन के आया

रब मेरा सतगुरु बन के आया, मैनू वेख लेण दे।
मैनू वेख लेण दे, मथ्था टेक लेण दे॥

बूटे बूटे पानी पावे, सूखे बूटे हरे बनावे।
नी ओ आया माली बन के, मैनू वेख लेण दे॥

जिथ्थे वी ओह चरण छुआवे, पत्थर वी ओथे पिघलावे।
नी ओह आया तारणहारा, मैनू वेख लेण दे॥

गुरां दी महिमा गाई ना जाए, त्रिलोकी इथे झुक जावे।
नी ओ आया पार उतारण, मैनू वेख लेण दे॥

ब्रह्म ज्ञान दी मय पिलावे, जो पी जावे ओह तर जावे।
एह ब्रह्म दा रस स्वरूप, मैनू वेख लेण दे॥

गुरां दी सूरत रब दी सूरत, कर दे मुरादे सब दी पूरण ।
नी ओह रब दा पूरण स्वरूप, मैनू वेख लेण दे॥

गुरां दी चरनी तीरथ सारे, मंदिर मस्जिद और गुरूद्वारे।
नी ओह आया पार उतारण, मैनू वेख लेण दे॥

जनम मरण दे चक्क्कर कटदे, जेहड़े इसदे दर दे झुकदे।
नी ओह रब दा पूरण रूप, मैनू देख लेण दे॥

नाम दी इसने प्याऊ लगाईं, हरी ॐ नाल दुनिया झुमाई।
एहदे नाम दा अमृत पी के, मैनू वेख लेण दे॥

सत्संग एस दा बड़ा निराला, जीवन विच करदा है उजाला।
मेरे रब दा ज्योति स्वरूप, मैनू वेख लेण दे॥

प्रीत है उसदी बड़ी अनोखी, नाम दी दौलत कदे ना फुट्दी।
नी ओह आया जग नू झुमावन, मैनू वेख लेण दे॥

घट घट सब दे ज्योत जगावे, मोह माया दे भरम मिटावे।
एह मिठ्ठी निगाह बरसावे, मैनू वेख लेण दे॥

हरि ॐ दी बोली प्यारी, गंगा जी वी बनी पुजारी।
सब तीरथ होए निहाल, मैनू वेख लेण दे॥

प्रभुजी मेरी छोटी अरज सुन लो ना - Part 2

प्रभुजी मेरी छोटी अरज सुन लो ना 
अपने चरणों में हमको रख लो ना 
प्रभुजी मेरी छोटी अरज सुन लो ना 

तेरी मेरी प्रीत की है अजब कहानी 
तुमने है जानी या हमने है जानी 
"शुभ" रिश्ता कभी मत तोडना 
प्रभुजी मेरी छोटी अरज सुन लो ना 

जैसा तू चाहे वैसा हमको रखना 
अर्पण तेरा तुझको ना कुछ अपना 
मुझसे कभी ना मुख मोड़ना 
प्रभुजी मेरी छोटी अरज सुन लो ना 

मैं तेरे द्वारे सुनकर आया 
जो भी आया उसने है पाया 
खाली मुझे मत मोड़ना 
प्रभुजी मेरी छोटी अरज सुन लो ना 

लेकर नाम हुई मीरा दीवानी 
सबने पढ़ी सुनी उनकी कहानी 
ऐसी करके दीवानी मत छोड़ना 
प्रभुजी मेरी छोटी अरज सुन लो ना 

साधु संतों की संगत देना 
अपने नाम की रंगत देना 
हमें सत्संगति से जोड़ना 
प्रभुजी मेरी छोटी अरज सुन लो ना  

रचयिता : अभिषेक मैत्रेय "शुभ" 

Tuesday, 11 March 2025

जीवन है बेकार भजन कर दुनिया में

जीवन है बेकार भजन कर दुनिया में
झूठा है यह संसार भजन कर दुनिया में

बड़े भाग्य से नर तन पाया
इसमें भी हरि गुण नहीं गाया
किया ना प्रभु से प्यार, भजन बिन दुनिया में
जीवन है बेकार भजन बिन दुनिया में

माया ने तुझको बहकाया
संग चले ना तेरी काया
क्यों बनता होशियार, भजन बिन दुनिया में
जीवन है बेकार भजन बिन दुनिया में

धन दौलत और महल खजाने
जिनको मूरख अपना जाने
जायेगा हाथ पसार, भजन बिन दुनिया से
जीवन है बेकार भजन बिन दुनिया में

क्या लेकर तू आया जग में
क्या लेकर तू जायेगा संग में
रे मत मंद गवार, भजन बिन दुनिया में
जीवन है बेकार भजन बिन दुनिया में

यम के दूत तुझे लेने को आए
रो रो डरके तू चिल्लाए
तोहे पड़े करारी मार, भजन बिन दुनिया में
जीवन है बेकार भजन बिन दुनिया में

अपने गुरु की शरण में जाओ
जीवन अपना सफल बनाओ
तब होगा उद्धार, भजन कर दुनिया में
जीवन है बेकार भजन बिन दुनिया में

साखियाँ

साखियाँ

संतों की वाणी सुनो, हो जाये कल्याण
ज्ञान खजाना पाना हो, तो संत ज्ञान की खान

भला बुरा जो भी हुआ, गुरु चरणों में डाल
हे साधक संसार में, तेरा बांका हो ना बाल

हरि नाम को सुमिर ले, यही जगत में सार
बिन हरि और गुरु नाम के, भूमि पर हो भार

बन जाओ छे सूरमा, बनों या मालामाल
सद्गुरु भक्ति नहीं दिल में, तो सबसे बड़े कंगाल

गुरु ही तारक ब्रह्म हैं, गुरु ही शिव का रूप
गुरु के दिल में बना ले जगह, रंक से हो जा भूप

गुरु तत्व से प्यार करो, यही तत्व एक सार
इसी तत्व के हेतु से, होना है भव पार

दया करो मेरे सद्गुरुजी, करो दुखों का नाश
एक यही विनती करे, "शुभ" बालक तेरा दास

रचयिता - अभिषेक मैत्रेय "शुभ"

गुरुदेव नमः गुरुदेव नमः

गुरुदेव नमः गुरुदेव नमः, गुरुदेव नमः गुरुदेव नमः
मेरे मन की दुविधा दूर करो, गुरुदेव नमः गुरुदेव नमः
सद्ज्ञान का मन में नूर भरो, गुरुदेव नमः गुरुदेव नमः

गुरुदेव ही सच्चा साथी है, हम सबका एक हिमायती है-2
गुरुदेव नमः गुरुदेव नमः, गुरुदेव नमः गुरुदेव नमः -2

भूलों को राह दिखाते हो, अज्ञान को ज्ञान बनाते हो
भगवान से तुम ही मिलाते हो, गुरुदेव नमः गुरुदेव नमः

जो गुरु की सेवा करता है, निश्चित वो ज्ञानी बनता है
हर कला में पार उतरता है, गुरुदेव नमः गुरुदेव नमः

जो गुरु की निंदा करता है, जो द्वेष भावना रखता है
वो कभी ना पार उतरता है, गुरुदेव नमः गुरुदेव नमः

यह मंडल तुम्हें मनाता है, चरणों में शीश झुकाता है
"शुभ" दास तेरा गुण गाता है, गुरुदेव नमः गुरुदेव नमः

जब दया दृष्टी हो जाती है, मंजिल खुद ही मिल जाती है
गुरुदेव नमः गुरुदेव नमः, गुरुदेव नमः गुरुदेव नम:

गुरु भवबंधन कटवाता है, सारे पाप मिटाता है
गुरुदेव नमः गुरुदेव नमः, गुरुदेव नमः गुरुदेव नमः

गुरु हरिदर्शन करवाता है, यम से जा टकराता है
गुरुदेव नमः गुरुदेव नमः, गुरुदेव नमः गुरुदेव नमः

बांके बिहारी रे दूर करो दुःख मेरा

बांके बिहारी रे दूर करो दुःख मेरा
गिरवरधारी रे दूर करो दुःख मेरा

जनम जनम का मैं हूँ भटका
बेड़ा आज भवर में अटका
पार करो बनवारी रे, दूर करो दुःख मेरा
श्री बांके बिहारी रे दूर करो दुःख मेरा

सुना है जो तेरी शरण में आवे
उसके दुखड़े सब मिट जावे
मैं आई शरण तिहारी रे, दूर करो दुःख मेरा
श्री बांके बिहारी रे दूर करो दुःख मेरा

सारी दुनिया की ठुकराई
अब तो तेरी शरण में आई
मेरी लाज रखो बनवारी रे, दूर करो दुःख मेरा
श्री बांके बिहारी रे दूर करो दुःख मेरा

शबरी अहिल्या गणिका नारी
सब ही तुमने पार उतारी
आयी मेरी बारी रे, दूर करो दुःख मेरा
श्री बांके बिहारी रे दूर करो दुःख मेरा

मोर मुकट पीताम्बर धारी
संग में है श्री राधा प्यारी
दोनों की बलिहारी रे, दूर करो दुःख मेरा
श्री बांके बिहारी रे दूर करो दुःख मेरा

शिव भोले और गिरधारी

शिव भोले और गिरधारी, दोनो हैं जग हितकारी
अंतर क्या दोनो के प्रेम में बोलो
एक दुख से छुड़ाते, एक पार लगाते

मोहन तो मधुबन में मिलते काशी में कैलाशी
अधम उधारन कहलाते है वो घट घट के बासी
एक पहने है पीताम्बर, एक ओढ़े है बाघम्बर
अंतर क्या दोनो के प्रेम में बोलो
एक जगत से तारे, एक भव सिंधु तारे

द्रोपदी की सुन टेर कन्हैया आकर चीर बढ़ाये
काल बली का वध करने को शिव त्रिसूल उठाये
एक चक्र सुदर्शन धारी, एक भोले हैं भंडारी
अंतर क्या दोनो के प्रेम में बोलो
जब भक्त बुलाते, दोनो दौड़े दौड़े आते

प्रेम के भूखे हैं वो भक्तों भोले और नटनागर
भक्ति भाव से मिलते है, भक्तों को वो करुणाकर
एक राधा के बनवारी, एक गौरा के त्रिपुरारी
अंतर क्या दोनो के प्रेम में बोलो
एक योगी महा ज्ञानी, एक औघड़ महा दानी

छम छम नाचे देखो वीर हनुमाना

छम छम नाचे देखो वीर हनुमाना
छम छम नाचे देखो वीर हनुमाना
कहते लोग इसे राम का दिवाना
छम छम नाचे देखो वीर हनुमाना

पाँव में घूंघरु बांध के नाचे
राम जी का नाम इसे प्यारा लागे
राम ने भी देखो इसे खुब पहचाना
छम छम नाचे देखो वीर हनुमाना...

जहाँ जहाँ कीर्तन होता श्रीराम का
लगता हैं पहरा वहाँ वीर हनुमान का
राम के चरण में हैं इनका ठिकाना
छम छम नाचे देखो वीर हनुमाना...

नाच नाच देखो श्रीराम को रिझाये
हनुमत रात दिन नाचता ही जाये
भक्तों में भक्त बडा दुनियाँ ने माना
छम छम नाचे देखो वीर हनुमाना...

छम छम नाचे देखो वीर हनुमाना
कहते लोग इसे राम का दिवाना
छम छम नाचे देखो वीर हनुमाना

प्यारा लगे गुरु द्वार तुम्हारा

प्यारा लगे गुरु द्वार तुम्हारा
तेरे द्वारे का है अजब नजारा

तुम बिन कोई ना हमको भाये
गुरुवर हम तेरा ही गुण गायें
कर दो बेडा पार हमारा
प्यारा लगे गुरु द्वार तुम्हारा

मिलती रहे गुरु सत्संग सेवा
इससे बड़ी नहीं कोई मेवा
सत्संग ही बस एक सहारा
प्यारा लगे गुरु द्वार तुम्हारा

भक्ति भाव के वचन सुना दो
ज्ञान गंगा में हमें डुबा दो
लाखों को तुमने पार उतारा
प्यारा लगे गुरु द्वार तुम्हारा

दर्शन बिन रहें अंखिया प्यासी
नैनों में छायी रही उदासी
दर्श को तरस रहा जग सारा
प्यारा लगे गुरु द्वार तुम्हारा

नियम मेरा गुरु कभी ना छूटे
चाहे दुनिया ये मुझसे रूठे
"शुभ" चरणों का मैं दास तुम्हारा
प्यारा लगे गुरु द्वार तुम्हारा

कबहुँ मिलोगे गुरुदेव हमारे

कबहुँ मिलोगे गुरुदेव हमारे
देव हमारे गुरुदेव हमारे
कबहुँ मिलोगे गुरुदेव हमारे

जैसे मिले प्रह्लाद भगत को
खम्ब फाड़ हिरण्याकश्यप मारे
कबहुँ मिलोगे गुरुदेव हमारे

जैसे मिले प्रभु भगत विभीषण
लंका जारि निशाचर मारे
कबहुँ मिलोगे गुरुदेव हमारे

जैसे मिले प्रभु द्रुपदसुता को
खींचत चीर दुशासन हारे
कबहुँ मिलोगे गुरुदेव हमारे

जैसे मिले प्रभु मीराबाई को
जहर के प्याले अमृत कर डाले
कबहुँ मिलोगे गुरुदेव हमारे

जैसे मिले प्रभु नरसी भगत को
भात भरन प्रभु आप पधारे
कबहुँ मिलोगे गुरुदेव हमारे

जैसे मिले प्रभु बलि राजा को
चार मास द्वारे पर ठारे
कबहुँ मिलोगे गुरुदेव हमारे

भक्तों को अपने कबहुँ मिलोगे
टप-टप टपके नयन हमारे
कबहुँ मिलोगे गुरुदेव हमारे