प्रभुजी मेरी छोटी अरज सुन लो ना
अपने चरणों में हमको रख लो ना
प्रभुजी मेरी छोटी अरज सुन लो ना
तेरी मेरी प्रीत की है अजब कहानी
तुमने है जानी या हमने है जानी
"शुभ" रिश्ता कभी मत तोडना
प्रभुजी मेरी छोटी अरज सुन लो ना
जैसा तू चाहे वैसा हमको रखना
अर्पण तेरा तुझको ना कुछ अपना
मुझसे कभी ना मुख मोड़ना
प्रभुजी मेरी छोटी अरज सुन लो ना
मैं तेरे द्वारे सुनकर आया
जो भी आया उसने है पाया
खाली मुझे मत मोड़ना
प्रभुजी मेरी छोटी अरज सुन लो ना
लेकर नाम हुई मीरा दीवानी
सबने पढ़ी सुनी उनकी कहानी
ऐसी करके दीवानी मत छोड़ना
प्रभुजी मेरी छोटी अरज सुन लो ना
साधु संतों की संगत देना
अपने नाम की रंगत देना
हमें सत्संगति से जोड़ना
प्रभुजी मेरी छोटी अरज सुन लो ना
रचयिता : अभिषेक मैत्रेय "शुभ"
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