बांके बिहारी रे दूर करो दुःख मेरा
गिरवरधारी रे दूर करो दुःख मेरा
जनम जनम का मैं हूँ भटका
बेड़ा आज भवर में अटका
पार करो बनवारी रे, दूर करो दुःख मेरा
श्री बांके बिहारी रे दूर करो दुःख मेरा
सुना है जो तेरी शरण में आवे
उसके दुखड़े सब मिट जावे
मैं आई शरण तिहारी रे, दूर करो दुःख मेरा
श्री बांके बिहारी रे दूर करो दुःख मेरा
सारी दुनिया की ठुकराई
अब तो तेरी शरण में आई
मेरी लाज रखो बनवारी रे, दूर करो दुःख मेरा
श्री बांके बिहारी रे दूर करो दुःख मेरा
शबरी अहिल्या गणिका नारी
सब ही तुमने पार उतारी
आयी मेरी बारी रे, दूर करो दुःख मेरा
श्री बांके बिहारी रे दूर करो दुःख मेरा
मोर मुकट पीताम्बर धारी
संग में है श्री राधा प्यारी
दोनों की बलिहारी रे, दूर करो दुःख मेरा
श्री बांके बिहारी रे दूर करो दुःख मेरा
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