Thursday, 18 June 2026

सांवरा सेठ खाटू वाला

श्याम धणी की जय-जयकार, गूंजे सारा धाम रे
सांवरा सेठ को दिल से पुकारे, लेता हर कोई नाम रे
हारे का सहारा बाबा, सबका पालनहार रे
खाटू वाले श्याम के जैसा, देखा नहीं दातार रे


जिसका कोई नहीं जग में, उसका तू बन जाता है
रोते-रोते आने वाला, हँसता घर को जाता है
तेरे जैसा मिला ना दानी, ढूँढा हर एक गाम रे
श्याम धणी की जय-जयकार, गूंजे सारा धाम रे॥

ढोल बाजे, नगाड़ा बाजे, बाजे मुरली की तान है
ग्यारस का जब लागे मेला, उसकी गजब की शान है
श्याम प्रेमी "शुभ" उत्सव में, झूमे सारी शाम रे
श्याम धणी की जय-जयकार, गूंजे सारा धाम रे॥

मोरछड़ी की छाँव में बाबा, सारे संकट कटते हैं
हारे के सहारे बनकर, झोलियां सबकी भरते हैं
तेरी कृपा के चर्चे होते, सुबह दोपहर शाम रे
श्याम धणी की जय-जयकार, गूंजे सारा धाम रे॥

रिंगस से लेकर खाटू तक, भक्तों की कतार है
श्याम नाम की धुन में डूबा, सारा ये संसार है
जय श्री श्याम के नारों से, गूंजे चारों धाम रे
श्याम धणी की जय-जयकार, गूंजे सारा धाम रे॥

बोलो शीश के दानी की जय
खाटू नरेश की जय
हारे के सहारे की जय
सांवरा सेठ की जय
लखदातार की जय

रचयिता : अभिषेक मैत्रेय "शुभ"

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