मेरे तन में भी राम, मेरे मन में भी राम
रोम रोम में समाया तेरा नाम रे
मेरी सांसो में तेरा ही नाम रे
जैसे चंदा में राम जैसे सूरज में राम
अम्बर तारो में समाया तेरा नाम रे
मेरी सांसो में तेरा ही नाम रे
मेरे तन में भी राम……….
जैसे भीलनी के राम जैसे मीरा के श्याम
नर नारी में समाया तेरा नाम रे
मेरी सांसो में तेरा ही नाम रे
मेरे तन में भी राम……….
जैसे सीता के राम जैसे राधा के श्याम
पत्ते पत्ते में समाया तेरा नाम रे
मेरी सांसो में तेरा ही नाम रे
मेरे तन में भी राम……….
जैसे सरयू में राम जैसे यमुना में श्याम
कण कण में समाया तेरा नाम रे
मेरी सांसो में तेरा ही नाम रे
मेरे तन में भी राम……….
संकलनकर्ता : अभिषेक मैत्रेय "शुभ"
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