पूर्णता का पूर्ण खजाना, आन ह्रदय में समायो
गुरु कृपा हुई मेरे गुरु पर, ब्रह्मज्ञान को पायो
गुरु कृपा हुई मेरे गुरु पर, ब्रह्मज्ञान को पायो
घडी विलक्षण भिन्न थे लक्षण, अद्भुत खेल रचायो
ब्रह्मज्ञान पाकर सतगुरु से, हरि ह्रदय प्रगटायो
सब भक्तों को बहुत बधाई, ऐसा सतगुरु पायो
"शुभ" दर्शन पाकर हम सबने, अपना भाग्य बनायो
"शुभ" दर्शन पाकर हम सबने, अपना भाग्य बनायो
ब्रह्म का ज्ञानी से हुआ मिलन, ब्रह्मज्ञानी अवतारो
आसुमल थे तब तक वो, अब आसाराम कहायो
आसुमल थे तब तक वो, अब आसाराम कहायो
रचयिता : अभिषेक मैत्रेय "शुभ"
संपर्क: 9990348664, Twitter: @abhimaitrey
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