गुरूजी मेरे ह्रदय में आ जाओ, प्रभु जी मेरे मन में समा जाओ
मैं नित-नित टेर लगाता हूँ, मन मंदिर को रोज सजाता हूँ
मेरी पूजा करो स्वीकार, गुरूजी मेरे ह्रदय में आ जाओ
इस दुनिया से ममता हटने लगे, ईश्वर की तरफ मन लगने लगे
"शुभ" वंदन यही सरकार, गुरूजी मेरे ह्रदय में आ जाओ
चुन-चुन कर कलियाँ लाता रहूँ, पद पूजन अर्चन करता रहूँ
गुरु भक्ति में रहूँ सरोबार, गुरूजी मेरे ह्रदय में आ जाओ
हरि ॐ की गूँज से गूंजे गगन, मेरा निर्मल कर दो अंतर्मन
"शुभ" बालक का करो विचार, गुरूजी मेरे ह्रदय में आ जाओ
शुभ बालक पर भी कृपा करो, खाली झोलियाँ सबकी भरो
गुरु चरणों में सदा रहे प्यार, गुरूजी मेरे ह्रदय में आ जाओ
गुरूजी मेरे ह्रदय में आ जाओ, प्रभु जी मेरे मन में समा जाओ
रचयिता : अभिषेक मैत्रेय "शुभ"
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