Monday, 28 April 2025

प्रभुजी मेरी छोटी अरज सुन लो ना - Part 3

प्रभुजी मेरी छोटी अरज सुन लो ना 
अपने चरणों में हमको रख लो ना 
प्रभुजी मेरी छोटी अरज सुन लो ना 

माना तेरी राह पे चलना है मुश्किल 
चलता रहा जो पाई है मंजिल 
हमें बीच राह मत छोड़ना 
प्रभुजी मेरी छोटी अरज सुन लो ना 

साधु संतों की संगत देना 
अपने नाम की रंगत देना 
हमें सत्संगति से जोड़ना 
प्रभुजी मेरी छोटी अरज सुन लो ना  

तुम चन्दन मैं विष से भरा हूँ 
याचक बन कर दर पे खड़ा हूँ 
मुझमें नहीं विष छोड़ना 
प्रभुजी मेरी छोटी अरज सुन लो ना 

तुम अनादि अनंत अविनाशी 
धाम अयोध्या मथुरा काशी 
मेरे मन को धाम बनाओ ना 
प्रभुजी मेरी छोटी अरज सुन लो ना 


रचयिता : अभिषेक मैत्रेय "शुभ" 

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