Mere nayano me bas jao shyam
मेरे नयनों में बस जाओ श्याम,आन मिलो अब आन मिलो
मेरे दिल में जगह बनाओ श्याम,आन मिलो अब आन मिलो
मेरी अँखियाँ पंथ निहार रही,आन मिलो अब आन मिलो
कृष्णा- कृष्णा पुकार रहीं,आन मिलो अब आन मिलो
मेरे दिल के हो दिलदार तुम्हीं,आन मिलो अब आन मिलो
मेरे प्रियवर प्राणाधार तुम्हीं,आन मिलो अब आन मिलो
मेरे नयनों में बस जाओ श्याम....
हम टकुर-२ तुम्हें देखते हैं,आन मिलो अब आन मिलो
हम रोज संदेशा भेजते हैं,आन मिलो अब आन मिलो
तुम क्यों नहीं झलक दिखाते हो,आन मिलो अब आन मिलो
या हमें देख छिप जाते हो,आन मिलो अब आन मिलो
मेरे नयनों में बस जाओ श्याम....
तुम कान्हा कृष्ण मुरारी हो,आन मिलो अब आन मिलो
तुम गोवर्धन गिरधारी हो,आन मिलो अब आन मिलो
तुम छलिया भीष्म पितामह के,आन मिलो अब आन मिलो
तुम मित्र हो संत सुदामा के,आन मिलो अब आन मिलो
मेरे नयनों में बस जाओ श्याम....
मैंने ऐसा कौन सा पाप किया,आन मिलो अब आन मिलो
तुने चाहा जब तेरा जाप किया,आन मिलो अब आन मिलो
फिर मेरी क्यों नहीं सुनते हो,आन मिलो अब आन मिलो
फिर इतनी देर क्यों करते हो,आन मिलो अब आन मिलो
मेरे नयनों में बस जाओ श्याम....
सुना है हर घट रहते हो,आन मिलो अब आन मिलो
फिर मुझको क्यों नहीं दिखते हो?आन मिलो अब आन मिलो
मेरी वाणी में क्या आह नहीं,आन मिलो अब आन मिलो
या तुम्हें मेरी परवाह नहीं,आन मिलो अब आन मिलो
मेरे नयनों में बस जाओ श्याम....
तुमसे मेरी शिकायत है,आन मिलो अब आन मिलो
या कहदो मेरी आदत है,आन मिलो अब आन मिलो
मुझे तेरे बगैर है जीना नहीं,आन मिलो अब आन मिलो
तू ना सही तेरी याद सही,आन मिलो अब आन मिलो
मेरे नयनों में बस जाओ श्याम....
रचयिता : अभिषेक मैत्रेय "शुभ"
X(twitter): @abhimaitrey
मेरे नयनों में बस जाओ श्याम,आन मिलो अब आन मिलो
मेरे दिल में जगह बनाओ श्याम,आन मिलो अब आन मिलो
मेरी अँखियाँ पंथ निहार रही,आन मिलो अब आन मिलो
कृष्णा- कृष्णा पुकार रहीं,आन मिलो अब आन मिलो
मेरे दिल के हो दिलदार तुम्हीं,आन मिलो अब आन मिलो
मेरे प्रियवर प्राणाधार तुम्हीं,आन मिलो अब आन मिलो
मेरे नयनों में बस जाओ श्याम....
हम टकुर-२ तुम्हें देखते हैं,आन मिलो अब आन मिलो
हम रोज संदेशा भेजते हैं,आन मिलो अब आन मिलो
तुम क्यों नहीं झलक दिखाते हो,आन मिलो अब आन मिलो
या हमें देख छिप जाते हो,आन मिलो अब आन मिलो
मेरे नयनों में बस जाओ श्याम....
तुम कान्हा कृष्ण मुरारी हो,आन मिलो अब आन मिलो
तुम गोवर्धन गिरधारी हो,आन मिलो अब आन मिलो
तुम छलिया भीष्म पितामह के,आन मिलो अब आन मिलो
तुम मित्र हो संत सुदामा के,आन मिलो अब आन मिलो
मेरे नयनों में बस जाओ श्याम....
मैंने ऐसा कौन सा पाप किया,आन मिलो अब आन मिलो
तुने चाहा जब तेरा जाप किया,आन मिलो अब आन मिलो
फिर मेरी क्यों नहीं सुनते हो,आन मिलो अब आन मिलो
फिर इतनी देर क्यों करते हो,आन मिलो अब आन मिलो
मेरे नयनों में बस जाओ श्याम....
सुना है हर घट रहते हो,आन मिलो अब आन मिलो
फिर मुझको क्यों नहीं दिखते हो?आन मिलो अब आन मिलो
मेरी वाणी में क्या आह नहीं,आन मिलो अब आन मिलो
या तुम्हें मेरी परवाह नहीं,आन मिलो अब आन मिलो
मेरे नयनों में बस जाओ श्याम....
तुमसे मेरी शिकायत है,आन मिलो अब आन मिलो
या कहदो मेरी आदत है,आन मिलो अब आन मिलो
मुझे तेरे बगैर है जीना नहीं,आन मिलो अब आन मिलो
तू ना सही तेरी याद सही,आन मिलो अब आन मिलो
मेरे नयनों में बस जाओ श्याम....
रचयिता : अभिषेक मैत्रेय "शुभ"
X(twitter): @abhimaitrey
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