Thursday, 5 December 2024

तुम भक्तों के हो भगवान, हे महावीर हनुमान

तुम भक्तों के हो भगवान, हे महावीर हनुमान
तुम राम दूत अविराम, हे राम भक्त हनुमान

प्रभु राम तुम्हें ह्रदय लगाते, श्री चरणों की सेवा पाते
"शुभ" सेवा ही ध्येय बनाया, ना चाहा सम्मान
हे महावीर हनुमान ......

अजर अमर गुननिधि सुत होहू, करहुं बहुत रघुनायक छोहू
सीता माँ से आशीष पाकर, धन्य हुए बलवान
हे महावीर हनुमान ......

कवन सो काज कठिन जग माहीं, जो नहीं होय तात तुम पाहीं
मेरे कष्ट बहुत ही छोटे, उनका करो निदान
हे महावीर हनुमान ......

बाल्यकाल में भोले के संग, पहुंचे अयोध्या करने दर्शन
भोले बाबा बने मदारी, नाचते हैं बलवान
हे महावीर हनुमान ......

भूख लगी तो हो गए व्याकुल, सूर्यदेव को जान के एक फल
नभ में जाकर उनको पकड़ा, मुख में दिया विराम
हे महावीर हनुमान ......

धन्य धन्य हैं अंजनी माता, जन्मा राम भक्त विख्याता
केसरी नंदन तुमको वंदन, करता सारा जहान
हे महावीर हनुमान ......

रचयिता : अभिषेक मैत्रेय "शुभ"

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