Friday, 6 December 2024

मैं बापू के नाम का दीवाना हो गया

मैं बापू के नाम का दीवाना हो गया, दीवाना हो गया
ना छेड़ो मुझे दुनिया वालों .....

सदगुरु की संगत से क्या क्या सुख मिलता है
मानो या ना मानो पर मन का गुल खिलता है
मैं गुरु रुपी शमां का परवाना हो गया, परवाना हो गया
ना छेड़ो मुझे दुनिया वालों .....

आएं जब बापू अपने भक्तों की नगरिया
लगे जैसे ग्वालों में आये सांवरिया
"शुभ" हरि ॐ धुन में मस्ताना हो गया, मस्ताना हो गया
ना छेड़ो मुझे दुनिया वालों .....

महँगीबा माँ ने हम सब पर उपकार किया
जन्म दिया गुरुवर को जग का उद्धार किया
ब्रह्म का भूमण्डल पर आना हो गया, आना हो गया
करो दर्शन करो दुनिया वालों .....

रचयिता : अभिषेक मैत्रेय "शुभ"

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