गुरु कहने से तर जायेगा, गुरु रहमत से रब पायेगा
गुरु शरणी अगर आएगा, पार भव से उतर जायेगा
जरा सत्संग में आकर तो देख, हरि हरि ॐ गाकर तो देख
तेरा बंधन ही कट जायेगा, गुरु कहने से तर जायेगा
तो ले दीक्षा तू होजा निहाल, पहले जैसा रहेगा ना हाल
मुकद्दर ही बदल जायेगा, गुरु कहने से तर जायेगा
निगुरा जाने क्या गुरु का नशा, उसका मन तो विषयों में फंसा
वो ना सत्संग में आ पायेगा, गुरु कहने से तर जायेगा
गुरु दर्शन में क्या सुख छिपा, निगुरे प्राणी को ये ना पता
तत्व तेरा निकल जायेगा, गुरु कहने से तर जायेगा
गुरु सेवा जिन्हें मिल गयी, उनकी किस्मत ही खुल गयी
वो अनमोल हो जायेगा, गुरु कहने से तर जायेगा
गुरु विरहा में रोकर तो देख, हरि विरहा में रोकर तो देख
दामन खुशियों से भर जायेगा, गुरु कहने से तर जायेगा
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