Wednesday, 19 July 2023

भक्त का ब्रह्म से (कृष्ण-सुदामा मिलन)

भक्त का ब्रह्म से, हो रहा है मिलन
है ये अद्भुत घडी, है ये अद्भुत मिलन

जिव्हा गाने लगे, अश्रु बहने लगें
अश्रु बहने लगें, श्वास जपने लगे
हर घडी हो प्रणव, धुन का ही मनन
है ये अद्भुत घडी, है ये अद्भुत मिलन

"शुभ" सुदामा द्वारे है, याचक बना
याचक बना, नाम जापक बना
दास को हे प्रभु, रखना अपनी शरण
है ये अद्भुत घडी, है ये अद्भुत मिलन

कृष्ण ने जब सुना, सुदामा द्वारे खड़े
मित्र द्वारे खड़े, कान्हा दौड़ पड़े
देख मित्र की दशा, किया करुण रुदन
है ये अद्भुत घडी, है ये अद्भुत मिलन

कृष्ण लेकर सुदामा को, महल चले
लेकर महल चले, पुष्प बरसन लगे
अश्रु धार से कन्हैया, धो रहे हैं चरण
है ये अद्भुत घडी, है ये अद्भुत मिलन

चाहे संसार के, सारे सुख हैं मिलें
सारे सुख हैं मिलें, पर टिक ना सकें
कहीं मद हो गया, तो कहीं है जलन
ना ही भक्ति करी, ना किया है भजन
फिर भला कैसे हो, ब्रह्म से ही मिलन

रचयिता : अभिषेक मैत्रेय "शुभ"
X: @abhimaitrey

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