नारायण नारायण श्री मन्न नारायण नारायण नारायण
तुम्हें पाके हमने जहाँ पा लिया है
जमीं तो जमीं आसमां पा लिया है
अब मन में गुरु नाम की ही रटन हो
ह्रदय में धरें ध्यान गुरुवर तुम्हारा
कृपासिंधु गुरुवर जो कुछ कह रहे हैं
वो वाणी भुलाने के काबिल नहीं है
बड़े भाग्य से ऐसा अवसर मिला है
निरर्थक बिताने के काबिल नहीं है
मेरे बिगड़े जीवन को तुमने बनाया
मेरे सब विकारों को तुमने मिटाया
ये कैसा है जादू समझ में ना आया
तेरे प्यार ने हमको जीना सिखाया
किरपा तुम्हारी जो पाते रहेंगे
विवेकी स्वयं को बनाते रहेंगे
मिलेगी नहीं शांति उनको कहीं भी
जो परमात्मा को भुलाते रहेंगे
कहीं तुच्छ अभिमान आने ना पाए
असत्य दृश्य सत्य से डिगाने ना पाए
ये सुख दुःख मन को भुलाने ना पाए
कहीं भी समय व्यर्थ जाने ना पाए
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