Tuesday, 2 December 2025

ऐसी कृपा करो गुरु मेरे

ऐसी कृपा करो गुरु मेरे
साथ यूँ ही रहूँ जन्मों तेरे

मैं बालक हूँ तुम मेरे दाता 
मैं नादान तुम हो विधाता
तेरा साया रहे सर पे मेरे
साथ यूँ ही रहूँ जन्मों तेरे
ऐसी कृपा करो गुरु मेरे
साथ यूँ ही रहूँ जन्मों तेरे

मेरे जीवन में था जब अँधेरा
तब पाया सहारा मैंने तेरा
करके रौशनी मिटाये अँधेरे 
साथ यूँ ही रहूँ जन्मों तेरे
ऐसी कृपा करो गुरु मेरे
साथ यूँ ही रहूँ जन्मों तेरे

कई जन्मों से सुध बुध खोई
अपनी पहचान मैंने थी खोई 
आके बंधन तुम्हीं काटो मेरे
साथ यूँ ही रहूँ जन्मों तेरे
ऐसी कृपा करो गुरु मेरे
साथ यूँ ही रहूँ जन्मों तेरे

चरणों का दास रहूँ मैं
प्रभु सदा तेरे पास रहूँ मैं
"शुभ" रहे गुरुवर के चेरे
साथ यूँ ही रहूँ जन्मों तेरे
ऐसी कृपा करो गुरु मेरे
साथ यूँ ही रहूँ जन्मों तेरे

इस जग में कोई नहीं अपना
ये जीवन तो है एक सपना
झूठी माया ने डाले डेरे
साथ यूँ ही रहूँ जन्मों तेरे
ऐसी कृपा करो गुरु मेरे
साथ यूँ ही रहूँ जन्मों तेरे

मिले संतों का संग हमेशा
नहीं पनपे काम क्रोध क्लेशा 
इसने कष्ट दिए बहुतेरे
साथ यूँ ही रहूँ जन्मों तेरे
ऐसी कृपा करो गुरु मेरे
साथ यूँ ही रहूँ जन्मों तेरे

रचयिता : अभिषेक मैत्रेय "शुभ"

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