कबहुँ मिलोगे गुरुदेव हमारे
देव हमारे गुरुदेव हमारे
कबहुँ मिलोगे गुरुदेव हमारे
जैसे मिले प्रह्लाद भगत को
खम्ब फाड़ हिरण्याकश्यप मारे
कबहुँ मिलोगे गुरुदेव हमारे
जैसे मिले प्रभु भगत विभीषण
लंका जारि निशाचर मारे
कबहुँ मिलोगे गुरुदेव हमारे
जैसे मिले प्रभु द्रुपदसुता को
खींचत चीर दुशासन हारे
कबहुँ मिलोगे गुरुदेव हमारे
जैसे मिले प्रभु मीराबाई को
जहर के प्याले अमृत कर डाले
कबहुँ मिलोगे गुरुदेव हमारे
जैसे मिले प्रभु नरसी भगत को
भात भरन प्रभु आप पधारे
कबहुँ मिलोगे गुरुदेव हमारे
जैसे मिले प्रभु बलि राजा को
चार मास द्वारे पर ठारे
कबहुँ मिलोगे गुरुदेव हमारे
भक्तों को अपने कबहुँ मिलोगे
टप-टप टपके नयन हमारे
कबहुँ मिलोगे गुरुदेव हमारे
Tuesday, 11 March 2025
Tuesday, 25 February 2025
शिव भजन - हे त्रिपुरारी - भाग 3
ॐ नमः शिवाय, ॐ नमः शिवाय
प्रभु जय हो तुम्हारी, भोले जय हो तुम्हारी
हे भीमेश्वर हे विश्वेश्वर
तुम सर्वव्यापी, प्रभु जय हो तुम्हारी
ॐ नमः शिवाय, ॐ नमः शिवाय
हे सत्य सनातन हे देव पुरातन
तुम हो ”शुभ”कारी, प्रभु जय हो तुम्हारी
ॐ नमः शिवाय, ॐ नमः शिवाय
हे त्रिलोचन हे भस्मीभूतन
तुम मंगलकारी, प्रभु जय हो तुम्हारी
ॐ नमः शिवाय, ॐ नमः शिवाय
हे अटल वैरागी हे सिद्ध योगी
तेरी नंदी सवारी, प्रभु जय हो तुम्हारी
ॐ नमः शिवाय, ॐ नमः शिवाय
हे चंद्रशेखर हे भोले महेश्वर
तुम गंगाधारी, प्रभु जय हो तुम्हारी
ॐ नमः शिवाय, ॐ नमः शिवाय
रचयिता : अभिषेक मैत्रेय "शुभ"
शिव भजन - हे त्रिपुरारी - भाग 2
ॐ नमः शिवाय, ॐ नमः शिवाय
प्रभु जय हो तुम्हारी, भोले जय हो तुम्हारी
प्रभु जय हो तुम्हारी, भोले जय हो तुम्हारी
हे स्वयं अकिंचन हे दुःख भंजन
तुम कल्याणकारी , प्रभु जय हो तुम्हारी
ॐ नमः शिवाय, ॐ नमः शिवाय
तुम कल्याणकारी , प्रभु जय हो तुम्हारी
ॐ नमः शिवाय, ॐ नमः शिवाय
हे भूतनाथ हे सदा सनाथ
तुम विस्मयकारी, प्रभु जय हो तुम्हारी
ॐ नमः शिवाय, ॐ नमः शिवाय
हे सहज वचन हर हे जलज नयन वर
तुम पापहारी, प्रभु जय हो तुम्हारी
ॐ नमः शिवाय, ॐ नमः शिवाय
हे औढरदानी हे अकथ कहानी
तेरी महिमा न्यारी, प्रभु जय हो तुम्हारी
ॐ नमः शिवाय, ॐ नमः शिवाय
तुम विस्मयकारी, प्रभु जय हो तुम्हारी
ॐ नमः शिवाय, ॐ नमः शिवाय
हे सहज वचन हर हे जलज नयन वर
तुम पापहारी, प्रभु जय हो तुम्हारी
ॐ नमः शिवाय, ॐ नमः शिवाय
हे औढरदानी हे अकथ कहानी
तेरी महिमा न्यारी, प्रभु जय हो तुम्हारी
ॐ नमः शिवाय, ॐ नमः शिवाय
रचयिता : अभिषेक मैत्रेय "शुभ"
X (twitter): @abhimaitrey
Saturday, 22 February 2025
तुम इष्ट हो परमात्मा, गुरुवर मेरे मेरी आत्मा
तुम इष्ट हो परमात्मा, गुरुवर मेरे मेरी आत्मा
अधरन तेरी मुस्कान है, शरणं हुआ ये जहान है
गुंजन हुआ "शुभ" गान है, आये धरा पर भगवान हैं
तुम इष्ट हो परमात्मा, गुरुवर मेरे मेरी आत्मा .....
योगेश्वर धर्म प्रणेता, लोक लाडिले ब्रह्मवेत्ता
युग प्रवर्तक, ह्रदय विजेता, भाव की माला दास ये देता
तुम इष्ट हो परमात्मा, गुरुवर मेरे मेरी आत्मा .....
मैं दीन हूँ तुम दीनानाथ, भक्तों के रहते हो साथ
सुनकर प्रभु करुण पुकार, धरती पर लीन्ह अवतार
तुम इष्ट हो परमात्मा, गुरुवर मेरे मेरी आत्मा .....
रचयिता : अभिषेक मैत्रेय "शुभ"
अधरन तेरी मुस्कान है, शरणं हुआ ये जहान है
गुंजन हुआ "शुभ" गान है, आये धरा पर भगवान हैं
तुम इष्ट हो परमात्मा, गुरुवर मेरे मेरी आत्मा .....
योगेश्वर धर्म प्रणेता, लोक लाडिले ब्रह्मवेत्ता
युग प्रवर्तक, ह्रदय विजेता, भाव की माला दास ये देता
तुम इष्ट हो परमात्मा, गुरुवर मेरे मेरी आत्मा .....
मैं दीन हूँ तुम दीनानाथ, भक्तों के रहते हो साथ
सुनकर प्रभु करुण पुकार, धरती पर लीन्ह अवतार
तुम इष्ट हो परमात्मा, गुरुवर मेरे मेरी आत्मा .....
तपती धरा का ताप मिटाने, निर्मम जनों को निर्मल बनाने
तमस हटाकर प्रकाश जगाने, धर्म सुवास चहुंओर फैलाने
तुम इष्ट हो परमात्मा, गुरुवर मेरे मेरी आत्मा .....
रचयिता : अभिषेक मैत्रेय "शुभ"
शिव भजन - हे त्रिपुरारी - भाग 1
ॐ नमः शिवाय, ॐ नमः शिवाय
प्रभु जय हो तुम्हारी, भोले जय हो तुम्हारी
हे त्रिपुरारी हे विषधारी-२
तुम जग हितकारी, प्रभु जय हो तुम्हारी
ॐ नमः शिवाय, ॐ नमः शिवाय
हे कैलाशी हे सब सुख राशि -२
तुम हो मदहारी, प्रभु जय हो तुम्हारी
ॐ नमः शिवाय, ॐ नमः शिवाय
हे त्रयम्बकेश्वर हे रामेश्वर -२
तुम हो त्रिपुरारी, प्रभु जय हो तुम्हारी
ॐ नमः शिवाय, ॐ नमः शिवाय
हे प्रलयंकर हे प्रेम सुधाकर
तुम नागधारी, प्रभु जय हो तुम्हारी
ॐ नमः शिवाय, ॐ नमः शिवाय
हे नागेश्वर हे घुश्मेश्वर
तेरी नंदी सवारी, प्रभु जय हो तुम्हारी
ॐ नमः शिवाय, ॐ नमः शिवाय
प्रभु जय हो तुम्हारी, भोले जय हो तुम्हारी
हे त्रिपुरारी हे विषधारी-२
तुम जग हितकारी, प्रभु जय हो तुम्हारी
ॐ नमः शिवाय, ॐ नमः शिवाय
हे कैलाशी हे सब सुख राशि -२
तुम हो मदहारी, प्रभु जय हो तुम्हारी
ॐ नमः शिवाय, ॐ नमः शिवाय
हे त्रयम्बकेश्वर हे रामेश्वर -२
तुम हो त्रिपुरारी, प्रभु जय हो तुम्हारी
ॐ नमः शिवाय, ॐ नमः शिवाय
हे प्रलयंकर हे प्रेम सुधाकर
तुम नागधारी, प्रभु जय हो तुम्हारी
ॐ नमः शिवाय, ॐ नमः शिवाय
हे नागेश्वर हे घुश्मेश्वर
तेरी नंदी सवारी, प्रभु जय हो तुम्हारी
ॐ नमः शिवाय, ॐ नमः शिवाय
रचयिता : अभिषेक मैत्रेय "शुभ"
X (twitter): @abhimaitrey
Friday, 21 February 2025
हरि जी मोरी लागी लगन मत तोडना
हरि जी मोरी लागी लगन मत तोडना
लागी लगन मत तोड़ना…….
खेती बोआई मैंने तेरे नाम की
मेरे भरोसे मत छोड़ना
हरि जी मोरी लागी लगन मत तोडना
जल है गहरा नाव पुरानी
बीच भंवर मत छोड़ना
हरि जी मोरी लागी लगन मत तोडना
तू ही मेरा सेठ है तू ही साहूकार है
ब्याज पे ब्याज मत जोड़ना
हरि जी मोरी लागी लगन मत तोडना
दासी की विनती सुन लीजो
मेरी बांह पकड़ मत छोड़ना
हरि जी मोरी लागी लगन मत तोडना
संकलनकर्ता : अभिषेक मैत्रेय "शुभ"
तेरे नाम अनेक तू एक ही है
हर देश में तू, हर भेष में तू,
तेरे नाम अनेक तू एक ही है,
तेरी रंग भूमि यह विश्व धरा,
तेरे रूप अनेक तू एक ही है
हर देश में तू, हर भेष में तू ,
तेरे नाम अनेक तू एक ही है,
हर देश में तू,
सागर से उठा, बादल बनके,
बादल से गिरा वर्षा बनके,
फिर नहर बनीं, नदियाँ गहरी,
तेरे भिन्न प्रकार तू एक ही है,
हर देश में तू, हर भेष में तू,
तेरे नाम अनेक तू एक ही है,
हर देश में तू,
चींटी से अणु परमाणु बना,
सब जीव जगत का रूप लिया,
कहीं पर्वत वृक्ष, विशाल बना,
सौन्दर्य तेरा तू एक ही है,
हर देश में तू, हर भेष में तू,
तेरे नाम अनेक तू एक ही है,
हर देश में तू,
यह दिव्य दिखाया है जिसने
वह श्री गुरुदेव की पूर्ण कृपा
तुम व्यापे और ना कोई दिखा
बस मैं और तू दोनों एक ही हैं
संकलनकर्ता : अभिषेक मैत्रेय "शुभ"
X(twitter): @abhimaitrey
तेरे नाम अनेक तू एक ही है,
तेरी रंग भूमि यह विश्व धरा,
तेरे रूप अनेक तू एक ही है
हर देश में तू, हर भेष में तू ,
तेरे नाम अनेक तू एक ही है,
हर देश में तू,
सागर से उठा, बादल बनके,
बादल से गिरा वर्षा बनके,
फिर नहर बनीं, नदियाँ गहरी,
तेरे भिन्न प्रकार तू एक ही है,
हर देश में तू, हर भेष में तू,
तेरे नाम अनेक तू एक ही है,
हर देश में तू,
चींटी से अणु परमाणु बना,
सब जीव जगत का रूप लिया,
कहीं पर्वत वृक्ष, विशाल बना,
सौन्दर्य तेरा तू एक ही है,
हर देश में तू, हर भेष में तू,
तेरे नाम अनेक तू एक ही है,
हर देश में तू,
यह दिव्य दिखाया है जिसने
वह श्री गुरुदेव की पूर्ण कृपा
तुम व्यापे और ना कोई दिखा
बस मैं और तू दोनों एक ही हैं
संकलनकर्ता : अभिषेक मैत्रेय "शुभ"
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