Sunday, 12 October 2025

हर चित्त में बसेरा कर डाला रे गोपाला - Part 4

हर चित्त में बसेरा कर डाला रे गोपाला
तू अनेकों नाम रूपों वाला रे गोपाला
गोपाला – गोपाला, नन्द लाला -२

भक्त नरसी का भात भराया, भक्त के कारन दौड़ा आया
तू भाई बना भात लाया रे गोपाला
तू अनेकों नाम रूपों वाला रे गोपाला

विश्वगुरु तुझे ये जग कहता, सच्चिदानंद तेरे नाम को जपता
तू ही हम सबका है रखवाला रे गोपाला
तू अनेकों नाम रूपों वाला रे गोपाला

अनगिन तेरे उपकार कन्हैया, कौन सका है उतार कन्हैया?
तुझे भक्तों ने वश में कर डाला रे गोपाला
तू अनेकों नाम रूपों वाला रे गोपाला

“शुभ” को अपना दास बना लो, अन्तः करण में वास बना लो
तुझे अर्पण करूँ भाव माला रे गोपाला
तू अनेकों नाम रूपों वाला रे गोपाला

रचयिता : अभिषेक मैत्रेय "शुभ"

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