Friday, 8 September 2023

किसी के काम जो आये, उसे इन्सान कहते हैं

Kisi ke kaam jo aaye, usse insaan kahte hain

किसी के काम जो आये, उसे इन्सान कहते हैं।
पराया दर्द अपनाये, उसे इन्सान कहते हैं॥

यह दुनियाँ एक उलझन है, कहीं धोखा कहीं ठोकर।
कोई हँस-हँस के जीता है, कोई जीता है रो-रोकर॥
जो गिरकर फिर सँभल जाये, उसे इन्सान कहते हैं॥
किसी के काम जो आये, उसे इन्सान कहते हैं।
पराया दर्द अपनाये, उसे इन्सान कहते हैं॥

अगर गलती रुलाती है, तो राहें भी दिखाती है।
मनुज गलती का पुतला है, यह अक्सर हो ही जाती है॥
जो कर ले ठीक गलती को, उसे इन्सान कहते हैं॥
किसी के काम जो आये, उसे इन्सान कहते हैं।
पराया दर्द अपनाये, उसे इन्सान कहते हैं॥

कभी धनवान है कितना, कभी इन्सान निर्धन है।
कभी सुख है, कभी दुःख है, इसी का नाम जीवन है॥
जो मुश्किल में न घबराये, उसे इन्सान कहते हैं॥
किसी के काम जो आये, उसे इन्सान कहते हैं।
पराया दर्द अपनाये, उसे इन्सान कहते हैं॥

यूँ भरने को तो दुनियाँ में, पशु भी पेट भरते हैं।
लिये इन्सान का दिल जो, वो नर परमार्थ करते हैं॥
पथिक जो बाँट कर खाये, उसे इन्सान कहते हैं॥
किसी के काम जो आये, उसे इन्सान कहते हैं।
पराया दर्द अपनाये, उसे इन्सान कहते हैं॥

संकलनकर्ता : अभिषेक मैत्रेय "शुभ" Twitter: @abhimaitrey

Thursday, 7 September 2023

मेरे नयनों में बस जाओ श्याम

Mere nayano me bas jao shyam

मेरे नयनों में बस जाओ श्याम,आन मिलो अब आन मिलो
मेरे दिल में जगह बनाओ श्याम,आन मिलो अब आन मिलो

मेरी अँखियाँ पंथ निहार रही,आन मिलो अब आन मिलो
कृष्णा- कृष्णा पुकार रहीं,आन मिलो अब आन मिलो
मेरे दिल के हो दिलदार तुम्हीं,आन मिलो अब आन मिलो
मेरे प्रियवर प्राणाधार तुम्हीं,आन मिलो अब आन मिलो
मेरे नयनों में बस जाओ श्याम....

हम टकुर-२ तुम्हें देखते हैं,आन मिलो अब आन मिलो
हम रोज संदेशा भेजते हैं,आन मिलो अब आन मिलो
तुम क्यों नहीं झलक दिखाते हो,आन मिलो अब आन मिलो
या हमें देख छिप जाते हो,आन मिलो अब आन मिलो
मेरे नयनों में बस जाओ श्याम....

तुम कान्हा कृष्ण मुरारी हो,आन मिलो अब आन मिलो
तुम गोवर्धन गिरधारी हो,आन मिलो अब आन मिलो
तुम छलिया भीष्म पितामह के,आन मिलो अब आन मिलो
तुम मित्र हो संत सुदामा के,आन मिलो अब आन मिलो
मेरे नयनों में बस जाओ श्याम....

मैंने ऐसा कौन सा पाप किया,आन मिलो अब आन मिलो
तुने चाहा जब तेरा जाप किया,आन मिलो अब आन मिलो
फिर मेरी क्यों नहीं सुनते हो,आन मिलो अब आन मिलो
फिर इतनी देर क्यों करते हो,आन मिलो अब आन मिलो
मेरे नयनों में बस जाओ श्याम....

सुना है हर घट रहते हो,आन मिलो अब आन मिलो
फिर मुझको क्यों नहीं दिखते हो?आन मिलो अब आन मिलो
मेरी वाणी में क्या आह नहीं,आन मिलो अब आन मिलो
या तुम्हें मेरी परवाह नहीं,आन मिलो अब आन मिलो
मेरे नयनों में बस जाओ श्याम....

तुमसे मेरी शिकायत है,आन मिलो अब आन मिलो
या कहदो मेरी आदत है,आन मिलो अब आन मिलो
मुझे तेरे बगैर है जीना नहीं,आन मिलो अब आन मिलो
तू ना सही तेरी याद सही,आन मिलो अब आन मिलो
मेरे नयनों में बस जाओ श्याम....

रचयिता : अभिषेक मैत्रेय "शुभ"
X(twitter): @abhimaitrey

Wednesday, 6 September 2023

हुए अवतरित हैं आज कन्हैया हमारे

Hue avatarit hain aaj Kanhaiya hamare

हुए अवतरित हैं आज कन्हैया हमारे
कन्हैया हमारे, नन्द बाबा दुलारे
नन्द बाबा दुलारे, यशोदा के प्यारे
हुए अवतरित हैं आज कन्हैया हमारे

देखो मेरे छलिया की शान निराली, सत्संग की भर -भर देते प्याली
करें भक्तों का उद्धार कन्हैया हमारे, हुए अवतरित हैं आज कन्हैया हमारे ...

कैसा मंगल दिवस है आया, भक्तों ने बड़ी धूम से मनाया
कीर्तन की बहती बयार कन्हैया हमारे, हुए अवतरित हैं आज कन्हैया हमारे ...

जन्म लिया कारागार में जिसने, बंधन मुक्त किये हैं उसने
हुआ धरती पर अवतार कन्हैया हमारे, हुए अवतरित हैं आज कन्हैया हमारे ...

ज्ञान गगन के सूर्य कन्हैया, शील शांत माधुर्य कन्हैया
सोलह कला के अवतार कन्हैया हमारे, हुए अवतरित हैं आज कन्हैया हमारे ...

"शुभ" जगत में आनंद छाया, मंगलाचरण सारे विश्व में गाया
कलिकाल में तारणहार कन्हैया हमारे, हुए अवतरित हैं आज कन्हैया हमारे ...

रचयिता : अभिषेक मैत्रेय "शुभ"
X (twitter): @abhimaitrey

Tuesday, 22 August 2023

बड़ा अद्भुत नजारा तेरे धाम का

Main to diwana Prabhu Ram ka

बड़ा अद्भुत नजारा तेरे धाम का
मैं तो दीवाना प्रभु राम का
अनमोल तुमने बना दिया
मैं तो नहीं था किसी काम का

दुनिया प्रभु तेरी अजब निराली
कहीं पर अँधेरा कहीं पर दिवाली
कहीं सुबह का नजारा कहीं शाम का
मैं तो दीवाना प्रभु राम का .......

कहीं उत्सव कहीं मातम छाया
हर घट बसती है तेरी माया
कहीं गूंजे जयकारा प्रभु नाम का
मैं तो दीवाना प्रभु राम का .......

तेरी दी हुई सांस मैं लेता
सांस सांस "शुभ" नाम मैं लेता
नहीं लेना समय विश्राम का
मैं तो दीवाना प्रभु राम का .......

रचयिता : अभिषेक मैत्रेय "शुभ"
X (twitter): @abhimaitrey

Saturday, 19 August 2023

ऑंखें बंद करूँ या खोलूँ, मुझको दर्शन दे देना - माता

Aankhen band karu ya kholu

ऑंखें बंद करूँ या खोलूँ, मुझको दर्शन दे देना ll
दर्शन दे देना, मात मुझे दर्शन दे देना ll
ऑंखें बंद करूँ या खोलूँ .....

मैं नाचीज़ हूँ बन्दा तेरा, "तू सबकी माता है" ll (मईया)
तेरे हाथ में सारी दुनियाँ, "मेरे हाथ में क्या है" ll
तुझको देखूँ जिसमे ऐसा, दर्पण दे देना ll
ऑंखें बंद करूँ या खोलूँ .....

मेरे अन्दर तेरी ज्योति, "रिश्ता है सदियों का" ll (मईया)
जैसे इक नाता होता है, "सागर से नदियों का" ll
करूँ साधना तेरी ऐसा, साधन दे देना ll
ऑंखें बंद करूँ या खोलूँ .....

हम सब हैं भक्तन माँ तेरे, "तू है मात हमारी" ll (मईया)
एक ही बिनती सुन लो मईया, "हम सब शरण तुम्हारी" ll
तेरे दर पे आते रहें हम, शक्ति दे देना ll
ऑंखें बंद करूँ या खोलूँ .....

एक प्रार्थना तुमसे मईया, "मन में आते रहना" ll (मईया)
हर इक साँस में मईया अपनी, "झलक दिखते रहना" ll
अंत समय जब प्राण तजूं तब, दर्शन दे देना ll
ऑंखें बंद करूँ या खोलूँ .....

संकलनकर्ता : अभिषेक मैत्रेय "शुभ" X (twitter): @abhimaitrey

हे भवानी तू चाहे ना बिगड़ी बना

हे भवानी तू चाहे ना बिगड़ी बना, हम तो दर तेरे आते रहेंगे
माँ मंदिर की देहलीज पर बैठ कर, प्यार से गाते रहेंगे

तू भी रखना यकीन हमने कहना नहीं, आसमा से ना और ना ज़मीन से
करदे वादा अटल है इशाराअटल, खैर लेनी तो लेनी यही से
तू हमे देख कर चाहे मुँह मोड़ ले, हम तो फिर भी बुलाते रहेंगे
हे भवानी तू चाहे ना बिगड़ी बना, हम तो दर तेरा आते रहेंगे

हम भले या बुरे तेरे कदमो तले, लेके आये है इस ज़िंदगी को,
चाहे मसलो हमे चाहे कुचलो हमें, शायद मर ही जाये ख़ुशी से
इस निगाहो में माँ तेरी सूरत बसी, मैया तुमको रिझाते रहेंगे
हे भवानी तू चाहे ना बिगड़ी बना, हम तो दर तेरे आते रहेंगे

हाय थके हैं माँ फिर भी पक्के है माँ, कर दिया खुद को तेरे हवाले
कैसा दुनिया का दर अब है कैसा फ़िक्र, पास रखले या दिल में छुपा ले
कहता निर्दोष तेरा है तुझसे ये माँ, तेरा दीदार पाते रहेंगे
हे भवानी तू चाहे ना बिगड़ी बना, हम तो दर तेरे आते रहेंगे

संकलनकर्ता : अभिषेक मैत्रेय "शुभ"



Twitter: @abhimaitrey

Wednesday, 19 July 2023

भक्त का ब्रह्म से (कृष्ण-सुदामा मिलन)

भक्त का ब्रह्म से, हो रहा है मिलन
है ये अद्भुत घडी, है ये अद्भुत मिलन

जिव्हा गाने लगे, अश्रु बहने लगें
अश्रु बहने लगें, श्वास जपने लगे
हर घडी हो प्रणव, धुन का ही मनन
है ये अद्भुत घडी, है ये अद्भुत मिलन

"शुभ" सुदामा द्वारे है, याचक बना
याचक बना, नाम जापक बना
दास को हे प्रभु, रखना अपनी शरण
है ये अद्भुत घडी, है ये अद्भुत मिलन

कृष्ण ने जब सुना, सुदामा द्वारे खड़े
मित्र द्वारे खड़े, कान्हा दौड़ पड़े
देख मित्र की दशा, किया करुण रुदन
है ये अद्भुत घडी, है ये अद्भुत मिलन

कृष्ण लेकर सुदामा को, महल चले
लेकर महल चले, पुष्प बरसन लगे
अश्रु धार से कन्हैया, धो रहे हैं चरण
है ये अद्भुत घडी, है ये अद्भुत मिलन

चाहे संसार के, सारे सुख हैं मिलें
सारे सुख हैं मिलें, पर टिक ना सकें
कहीं मद हो गया, तो कहीं है जलन
ना ही भक्ति करी, ना किया है भजन
फिर भला कैसे हो, ब्रह्म से ही मिलन

रचयिता : अभिषेक मैत्रेय "शुभ"
X: @abhimaitrey