Thursday, 11 June 2026

भज मन राधे गोविन्द

हे माधव हरे मुरारे, भज मन राधे गोविन्द
दीन बंधू दुःख हारे , भज मन राधे गोविन्द
गोविन्द गोविन्द राधे, गोविन्द गोविन्द
हे माधव हरे मुरारे, भज मन राधे गोविन्द

तुम दीन बंधू हितकारी, सुन लो अरज हमारी
हे छलिया मुरली वाले, भज मन राधे गोविन्द
हे माधव हरे मुरारे, भज मन राधे गोविन्द

तुम गोवर्धन गिरधारी, करो भक्तों की रखवारी
हे लाज बचाने वाले, भज मन राधे गोविन्द
हे माधव हरे मुरारे, भज मन राधे गोविन्द

तुम कालिया मर्दन करते, नृत्य नाग पर करते
हे नाग नाथने वाले, भज मन राधे गोविन्द
हे माधव हरे मुरारे, भज मन राधे गोविन्द

तुम सबपे करुणा करते, "शुभ" ध्यान तुम्हारा करते
हे खेल खिलाने वाले, भज मन राधे गोविन्द
हे माधव हरे मुरारे, भज मन राधे गोविन्द

रचयिता : अभिषेक मैत्रेय "शुभ"

Tuesday, 9 June 2026

श्री गणेश स्तुति - वक्रतुंड गजानन देवा

वक्रतुंड गजानन देवा, विघ्न विनाशक प्यारे।
गौरीनंदन, शिवसुत प्रभु, भक्तों के रखवाले॥
बोलो गणपति बप्पा मोरया !
मंगल मूर्ति मोरया !!

जय गणपति, जय गणनायक, जय मंगलकारी।
जय लंबोदर, जय एकदंत, जय विघ्नहारी॥
बोलो गणपति बप्पा मोरया !
मंगल मूर्ति मोरया !!

सिद्धिविनायक, बुद्धिप्रदाता, कृपा करो भगवान।
गजवदन, गिरिजा के नंदन, सुन लो मेरी तान॥
बोलो गणपति बप्पा मोरया !
मंगल मूर्ति मोरया !!

हे विनायक, हे गणाध्यक्ष, हे प्रथम पूज्य दयाला।
हे धूम्रवर्ण, हे भालचंद्र, भर दो सुख की माला॥
बोलो गणपति बप्पा मोरया !
मंगल मूर्ति मोरया !!

हे हेरम्ब, हे गजानन, हे उमासुत प्यारे।
हे महागणपति, हे गणराज, संकट हरने वाले॥
बोलो गणपति बप्पा मोरया !
मंगल मूर्ति मोरया !!

संकटनाशन, मंगलमूर्ति, रिद्धि-सिद्धि के स्वामी।
करुणा बरसाओ दीन जनों पर, अंतर्यामी॥
बोलो गणपति बप्पा मोरया !
मंगल मूर्ति मोरया !!

जय जय गणपति देव दयाला, जय गणराया।
तेरे नाम से "शुभ" हो हर कार्य, ऐसा वर पाया॥
बोलो गणपति बप्पा मोरया !
मंगल मूर्ति मोरया !!

(जयकारा)
गणपति गणेश की जय
विघ्नहर्ता गणेश की जय

रचयिता : अभिषेक मैत्रेय "शुभ"

Monday, 8 June 2026

हे लाल लंगोटे वाले

हे लाल लंगोटे वाले, हे राम भक्त मतवाले ...
हे लाल लंगोटे वाले, हे राम भक्त मतवाले ...
सब संकट काटो  SSS , भव पार लगा दो SSS हां SSS
सब संकट काटो  SSS, भव पार लगा दो 

तुम अंजनी माँ के लाला हो, तुम केसरीनंदन बाला हो ...
तुम अन्धकार को दूर करो, तुम करते जग उजियाला हो ...
मेरी बिगड़ी बना दो SSS , भव पार लगा दो SSS हाँ SSS
सब संकट काटो  SSS, भव पार लगा दो॥

तेरे ह्रदय विराजे राम सिया, दामन जिसका भी थाम लिया ...
उसकी डगमग नैया को भी, भवसागर से पार किया ...
मुझे राह दिखा दो SSS, भव पार लगा दो SSS हाँ SSS
सब संकट काटो SSS, भव पार लगा दो॥

तुम बूटी लेकर आए थे, लक्ष्मण के प्राण बचाए थे ...
रघुवर के "शुभ" सेवक बनकर, भक्तों के कष्ट मिटाए थे ...
मेरी अरजी संभालो SSS, भव पार लगा दो SSS हाँ SSS
सब संकट काटो SSS, भव पार लगा दो॥

तुम राम नाम के रसिया हो, भक्तों के मन बसिया हो ...
कलियुग में तेरे जैसा प्रभु, कोई नहीं खिवैया हो ...
मेरी लाज बचा लो SSS, भव पार लगा दो SSS हाँ SSS
सब संकट काटो SSS, भव पार लगा दो॥

रचयिता : अभिषेक मैत्रेय "शुभ"

Sunday, 7 June 2026

जब जर्जर होवे शरीर, तो भजन कहाँ से होगा

जब जर्जर होवे शरीर, तो भजन कहाँ से होगा ।
जब मन ना धरेगा धीर, तो मनन कहाँ से होगा॥
फिर भजन कहाँ से होगा, फिर मनन कहाँ से होगा ।
जब जर्जर होवे शरीर, तो भजन कहाँ से होगा॥

बचपन खेल-कूद में बीता, यौवन माया में खोया ।
धन-दौलत के पीछे भागा, प्रभु नाम न संजोया॥
जब साँस ना हो अधीर, तो सुमिरन कहाँ से होगा ।
जब जर्जर होवे शरीर, तो भजन कहाँ से होगा॥
फिर भजन कहाँ से होगा, फिर मनन कहाँ से होगा,
जब जर्जर होवे शरीर, तो भजन कहाँ से होगा॥

आज मिला है समय अमोलक, नाम प्रभु का गा ले ।
राधे-श्याम की शरण में आकर, जीवन सफल बना ले॥
जब डोलेगी तकदीर, तो चिंतन कहाँ से होगा ।
जब जर्जर होवे शरीर, तो भजन कहाँ से होगा॥
फिर भजन कहाँ से होगा, फिर मनन कहाँ से होगा ।
जब जर्जर होवे शरीर, तो भजन कहाँ से होगा॥

श्री राधा दया की सागर, श्री श्याम कृपा के धाम ।
जो इनके द्वार पे आया, पाया सुख और विश्राम॥
जब काँपन लगे शरीर, तो जपन कहाँ से होगा ।
जब जर्जर होवे शरीर, तो भजन कहाँ से होगा॥
फिर भजन कहाँ से होगा, फिर मनन कहाँ से होगा ।
जब जर्जर होवे शरीर, तो भजन कहाँ से होगा॥

अभी जप ले राधे-राधे, अभी जप ले  "शुभ"  घनश्याम ।
क्या जाने कब रुक जाएँ, जीवन की साँसें तमाम॥
जब अंतिम होगी पीर, तो कीर्तन कहाँ से होगा ।
जब जर्जर होवे शरीर, तो भजन कहाँ से होगा॥
फिर भजन कहाँ से होगा, फिर मनन कहाँ से होगा ।
जब जर्जर होवे शरीर, तो भजन कहाँ से होगा॥

रचयिता : अभिषेक मैत्रेय "शुभ"

Monday, 1 June 2026

जय बोलो हनुमान की

श्री राम लक्ष्मण जानकी, जय बोलो हनुमान की ...
श्री राम लक्ष्मण जानकी, जय बोलो हनुमान की ...
श्री राम लक्ष्मण जानकी, जय बोलो हनुमान की ...
स्वामी करुनानिधान की, जय बोलो भगवान की
श्री राम लक्ष्मण जानकी, जय बोलो हनुमान की ...

सभी दिशा गूंजे जयकारे, रक्षक हैं बजरंग हमारे
सभी दिशा गूंजे जयकारे, रक्षक हैं बजरंग हमारे
संकट काटन हार की, जय बोलो हनुमान की ...
श्री राम लक्ष्मण जानकी, जय बोलो हनुमान की ...

जय जय जय हनुमान गुसाईं, कृपा करहुं गुरुदेव की नाईं
जय जय जय हनुमान गुसाईं, कृपा करहुं गुरुदेव की नाईं
जय हो ज्ञान के खान की, जय बोलो हनुमान की ...
श्री राम लक्ष्मण जानकी, जय बोलो हनुमान की ...

लंका में जा आग लगाई, रावण की थी सत्ता हिलाई
लंका में जा आग लगाई, रावण की थी सत्ता हिलाई
रामदूत बलवान की, जय बोलो हनुमान की...
श्री राम लक्ष्मण जानकी, जय बोलो हनुमान की ...

जिस पर कृपा तेरी हो जाये, उसके संकट पास ना आये
जिस पर कृपा तेरी हो जाये, उसके संकट पास ना आये
"शुभ" करुणा भंडार की, जय बोलो हनुमान की...
श्री राम लक्ष्मण जानकी, जय बोलो हनुमान की ...

रोम रोम में राम तुम्हारे, भक्ति बढे जो तुम्हे पुकारे
रोम रोम में राम तुम्हारे, भक्ति बढे जो तुम्हे पुकारे
अंजनी माँ के लाल की, जय बोलो हनुमान की...
श्री राम लक्ष्मण जानकी, जय बोलो हनुमान की ...

रचयिता : अभिषेक मैत्रेय "शुभ"

Sunday, 24 May 2026

शिव शिव नमः शिवाय

शिव शिव नमः शिवाय
हर हर नमः शिवाय

जय शम्भू जय शम्भू शम्भू
जय शम्भू जय शम्भू

महाकाल तुम, हो त्रिकाल तुम -2
हे त्रिनेत्र धराय
शिव शिव नमः शिवाय
हर हर नमः शिवाय

जय शम्भू जय शम्भू शम्भू
जय शम्भू जय शम्भू

तुम डमरू धारी, हो त्रिशूल धारी -2
हे नट राजाय
शिव शिव नमः शिवाय
हर हर नमः शिवाय

जय शम्भू जय शम्भू शम्भू
जय शम्भू जय शम्भू

तुम भस्म रमैया, संग गौरा मैया -2
हे कैलाश बसाय
शिव शिव नमः शिवाय
हर हर नमः शिवाय

जय शम्भू जय शम्भू शम्भू
जय शम्भू जय शम्भू

तेरा डमरू बाजे, बम भोला नाचे -2
नाचे सभी दिशाय
शिव शिव नमः शिवाय
हर हर नमः शिवाय

जय शम्भू जय शम्भू शम्भू
जय शम्भू जय शम्भू

भूतों के स्वामी, तुम अंतर्यामी -2
हे नन्दीश्वराय
शिव शिव नमः शिवाय
हर हर नमः शिवाय

जय शम्भू जय शम्भू शम्भू
जय शम्भू जय शम्भू

तुम "शुभ" करते, विघ्नों को हरते -2
हे विघ्नहराय
शिव शिव नमः शिवाय
हर हर नमः शिवाय

जय शम्भू जय शम्भू शम्भू
जय शम्भू जय शम्भू

रचयिता : अभिषेक मैत्रेय "शुभ"

Friday, 22 May 2026

आन मिलो भगवान हमारे

आन मिलो, सियाराम हमारे
आन मिलो, राधेश्याम हमारे
राम हमारे, श्याम हमारे
आन मिलो, भगवान हमारे

दरश दिये थे, केवट भगत को 
दरश दिये थे, केवट भगत को 
नाव पे चढ़कर, भाग्य सँवारे 
आन मिलो सियाराम हमारे

दरश दिये थे, शबरी माई को 
दरश दिये थे, शबरी माई को 
बेर खाने, प्रभु द्वार पधारे 
आन मिलो सियाराम हमारे

दरश दिये, प्रह्लाद भगत को
दरश दिये, प्रह्लाद भगत को
नरसिंह रूप ले, आप पधारे 
आन मिलो सियाराम हमारे

दरश दिये थे, मीरा बाई को 
दरश दिये थे, मीरा बाई को 
विष को अमृत, करने पधारे 
आन मिलो राधेश्याम हमारे

दरश दिये थे, द्रुपदसुता को
दरश दिये थे, द्रुपदसुता को
चीर बढ़ाने, सभा में पधारे 
आन मिलो राधेश्याम हमारे

दरश दिये थे, नरसी भगत को
दरश दिये थे, नरसी भगत को
भात भरन, घनश्याम पधारे
आन मिलो राधेश्याम हमारे

दरश दिए, अनगिन भगतों को 
दरश दिए, अनगिन भगतों को 
"शुभ" दर्शन की, बाट निहारे 
आन मिलो, सियाराम हमारे
आन मिलो, राधेश्याम हमारे

रचयिता : अभिषेक मैत्रेय "शुभ"