Sunday, 16 February 2025

देवाधिदेव हे महादेव, देवाधिदेव हे महादेव

तर्ज - वादा ना तोड़ तू वादा ना तोड़

देवाधिदेव हे महादेव, देवाधिदेव हे महादेव
हमने मन मन्दिर बनाया
आकर तो देख देवाधिदेव
देवाधिदेव हे महादेव, देवाधिदेव हे महादेव

तीनों लोक रहते तेरे चरणों में देवा
हमको भी दे दो नाथ चरणों की सेवा
हम भी तर जाएँ बालक तेरे
भव सिंधु से, भव सिंधु से
देवाधिदेव हे महादेव, देवाधिदेव हे महादेव

औघड़दानी महाज्ञानी शम्भू निराले
सर्पों की माला गले में है डाले
तेरे नाम की जपूँ मैं माला
वरदान दे, वरदान दे
देवाधिदेव हे महादेव, देवाधिदेव हे महादेव

कैलाश बसते भोले नंदी सवारी
पार्वती मैया "शुभ" लगती हैं प्यारी
कार्तिक गणपत पुत्र तुम्हारे
परिवार में, परिवार में
देवाधिदेव हे महादेव, देवाधिदेव हे महादेव

रचयिता : अभिषेक मैत्रेय "शुभ"

सुन लो अरज हमारी मेरे बांके बिहारी

सुन लो अरज हमारी मेरे बांके बिहारी
बांके बिहारी मेरे मदन मुरारी
बलि बलि जाऊँ बलिहारी मेरे बांके बिहारी

हे नटखट तेरे नयन सयाने
देख देख हम हुए दीवाने
हो गयी तुम संग यारी मेरे बांके बिहारी
बलि बलि जाऊँ बलिहारी मेरे बांके बिहारी

हे छलिया तेरे छल में फँस गए
अधर रसीले जब भी हँस गए
मोहे हंसने की लगी बीमारी मेरे बांके बिहारी
बलि बलि जाऊँ बलिहारी मेरे बांके बिहारी

जादू भरी तेरी मुरली की तानें
पत्थर दिल भी लगते हैं गानें
सुध बुध खो जाये सारी मेरे बांके बिहारी
बलि बलि जाऊँ बलिहारी मेरे बांके बिहारी

"शुभ" तेरा गुणगान है करता
चरण शरण का ध्यान है धरता
सब पर कृपा तुम्हारी मेरे बांके बिहारी
बलि बलि जाऊँ बलिहारी मेरे बांके बिहारी

रचयिता : अभिषेक मैत्रेय "शुभ"
X (twitter): @abhimaitrey

सबके दिल में है तू ही समाया प्रभु

सबके दिल में है तू ही समाया प्रभु
सद्गुरु बनके मेरा तू आया प्रभु
जी करे तुझको जी भर के देखा करूँ
सारी उम्र मैं तेरी पूजा करूँ

वेदों पुराणों का सार तुम्हीं से
पाया जो हमने वो पाया तुम्ही से
ब्रह्मज्ञानी हो तुम, अंतर्यामी हो तुम
तेरी महिमा सदा मैं गाऊं प्रभु
सबके दिल में है तू ही समाया प्रभु

चरणों में तेरे हम शीश झुकाएं
प्रेम और सभक्ति से "शुभ" गीत गायें
तेरी राह चलूँ, जो कहे वो करूँ
मेरा हर कर्म हो, तेरा पूजन प्रभु
सबके दिल में है तू ही समाया प्रभु

अज्ञानता का तम मिटाया तुम्ही ने
सत्य का दीपक जलाया तुम्ही ने
भाव पार करें, बेडा पार करें
शरण में तेरी जो आया प्रभु
सबके दिल में है तू ही समाया प्रभु

माया के बंधन तुमने हैं तोड़े
सत्संग सुनकर सत्य से जोड़े
भ्रम दूर भागते, आत्मज्ञान जगाते
ईश्वर को ह्रदय में दिखाते प्रभु
सबके दिल में है तू ही समाया प्रभु
नोट: इस भजन का मुखड़ा किसी अन्य रचनाकार का है परन्तु सभी अन्तरे लिखने का सौभाग्य मुझे मिला है।

रचयिता : अभिषेक मैत्रेय "शुभ"
X (twitter): @abhimaitrey

Friday, 3 January 2025

गुरु कहने से तर जायेगा - Part 1

गुरु कहने से तर जायेगा, गुरु रहमत से रब पायेगा
गुरु शरणी अगर आएगा, पार भव से उतर जायेगा

जरा सत्संग में आकर तो देख, हरि हरि ॐ गाकर तो देख
तेरा बंधन ही कट जायेगा, गुरु कहने से तर जायेगा

तो ले दीक्षा तू होजा निहाल, पहले जैसा रहेगा ना हाल
मुकद्दर ही बदल जायेगा, गुरु कहने से तर जायेगा

निगुरा जाने क्या गुरु का नशा, उसका मन तो विषयों में फंसा
वो ना सत्संग में आ पायेगा, गुरु कहने से तर जायेगा

गुरु दर्शन में क्या सुख छिपा, निगुरे प्राणी को ये ना पता
तत्व तेरा निकल जायेगा, गुरु कहने से तर जायेगा

गुरु सेवा जिन्हें मिल गयी, उनकी किस्मत ही खुल गयी
वो अनमोल हो जायेगा, गुरु कहने से तर जायेगा

गुरु विरहा में रोकर तो देख, हरि विरहा में रोकर तो देख
दामन खुशियों से भर जायेगा, गुरु कहने से तर जायेगा


Friday, 6 December 2024

मैं बापू के नाम का दीवाना हो गया

मैं बापू के नाम का दीवाना हो गया, दीवाना हो गया
ना छेड़ो मुझे दुनिया वालों .....

सदगुरु की संगत से क्या क्या सुख मिलता है
मानो या ना मानो पर मन का गुल खिलता है
मैं गुरु रुपी शमां का परवाना हो गया, परवाना हो गया
ना छेड़ो मुझे दुनिया वालों .....

आएं जब बापू अपने भक्तों की नगरिया
लगे जैसे ग्वालों में आये सांवरिया
"शुभ" हरि ॐ धुन में मस्ताना हो गया, मस्ताना हो गया
ना छेड़ो मुझे दुनिया वालों .....

महँगीबा माँ ने हम सब पर उपकार किया
जन्म दिया गुरुवर को जग का उद्धार किया
ब्रह्म का भूमण्डल पर आना हो गया, आना हो गया
करो दर्शन करो दुनिया वालों .....

रचयिता : अभिषेक मैत्रेय "शुभ"

Thursday, 5 December 2024

तुम भक्तों के हो भगवान, हे महावीर हनुमान

तुम भक्तों के हो भगवान, हे महावीर हनुमान
तुम राम दूत अविराम, हे राम भक्त हनुमान

प्रभु राम तुम्हें ह्रदय लगाते, श्री चरणों की सेवा पाते
"शुभ" सेवा ही ध्येय बनाया, ना चाहा सम्मान
हे महावीर हनुमान ......

अजर अमर गुननिधि सुत होहू, करहुं बहुत रघुनायक छोहू
सीता माँ से आशीष पाकर, धन्य हुए बलवान
हे महावीर हनुमान ......

कवन सो काज कठिन जग माहीं, जो नहीं होय तात तुम पाहीं
मेरे कष्ट बहुत ही छोटे, उनका करो निदान
हे महावीर हनुमान ......

बाल्यकाल में भोले के संग, पहुंचे अयोध्या करने दर्शन
भोले बाबा बने मदारी, नाचते हैं बलवान
हे महावीर हनुमान ......

भूख लगी तो हो गए व्याकुल, सूर्यदेव को जान के एक फल
नभ में जाकर उनको पकड़ा, मुख में दिया विराम
हे महावीर हनुमान ......

धन्य धन्य हैं अंजनी माता, जन्मा राम भक्त विख्याता
केसरी नंदन तुमको वंदन, करता सारा जहान
हे महावीर हनुमान ......

रचयिता : अभिषेक मैत्रेय "शुभ"

Monday, 2 December 2024

लिखने वाले तू होके दयाल लिख दे


लिखने वाले तू होके दयाल लिख दे
मेरे ह्रदय अन्दर सद्गुरु का प्यार लिख दे

माथे पे लिख दे ज्योति गुरु की
आँखों में उनका दीदार लिख दे
मेरे ह्रदय अन्दर सद्गुरु का प्यार लिख दे

जिव्हा पे लिख दे नाम गुरु का
कानो में शब्द झंकार लिख दे
मेरे ह्रदय अन्दर सद्गुरु का प्यार लिख दे

हाथो पे लिख दे सेवा गुरु की
तन मन धन उन पे वार लिख दे
मेरे ह्रदय अन्दर सद्गुरु का प्यार लिख दे

पैरों पे लिख दे जाना गुरु के द्वार
सारा ही जीवन उनके साथ लिख दे
मेरे ह्रदय अन्दर सद्गुरु का प्यार लिख दे

एक मत लिखना गुरु का बिछड़ना
चाहे तू सारा संसार लिख दे
मेरे ह्रदय अन्दर सद्गुरु का प्यार लिख दे

लिखने वाले तू होके दयाल लिख दे
मेरे ह्रदय अन्दर सद्गुरु का प्यार लिख दे

संकलनकर्ता : अभिषेक मैत्रेय "शुभ"