Saturday, 14 March 2026

ऐसा नजारा देखा तेरे द्वार का

ऐसा नजारा देखा तेरे द्वार का
पग-पग जादू भरा है ... माँ
आती है दुनिया मुरादें जहाँ लेकर
खाली ना कोई गया है ... माँ

द्वार तिहारे ध्यानु आया
अपना शीश माँ भेंट चढ़ाया
जीवन फिर से दिया है ... माँ
ऐसा नजारा देखा तेरे द्वार का

वैष्णों माता का सेवक श्रीधर
माता ने भंडारा रखकर
भक्त को मान दिया है ... माँ
ऐसा नजारा देखा तेरे द्वार का

एक राजा सूरथ की कहानी
खो गया राज पाट और रानी
सबकुछ फिर से दिया है ... माँ
ऐसा नजारा देखा तेरे द्वार का

दूर दूर से भक्त हैं आते
पिण्डी रूप के दर्शन पाते
जब "शुभ" बुलावा गया है ... माँ
ऐसा नजारा देखा तेरे द्वार का

रचयिता : अभिषेक मैत्रेय "शुभ"

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