तुम भक्तों के पालनहार, जय जय गुरुदेव हरे
तेरी महिमा बड़ी अपार, जय जय गुरुदेव हरे
कण-कण में तेरा वास रहे, पल-पल तू मेरे साथ रहे
दास विनती करे बार-बार, जय जय गुरुदेव हरे
तेरी महिमा बड़ी अपार, जय जय गुरुदेव हरे
बहुत-बहुत तेरी महिमा गायी, फिर भी पूरी नहीं हो पायी
"शुभ" कितने हुए अवतार, जय जय गुरुदेव हरे
तेरी महिमा बड़ी अपार, जय जय गुरुदेव हरे
दीक्षा देकर धन्य बनाते, प्रभु प्रेम का गीत सुनाते
करें जनम मरण से पार, जय जय गुरुदेव हरे
तेरी महिमा बड़ी अपार, जय जय गुरुदेव हरे
रचयिता : अभिषेक मैत्रेय "शुभ"
21/01/2002
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