जब बाबा श्याम हमारा, चिंता काहे की
चाहे बैरी हो जग सारा, चिंता काहे की
वो हारे का सहारा, चिंता काहे की
चाहे जिस भी दिशा में जाओ, मंदिर तेरा मिलता
भक्तों का रहता है मेला, आनंद खूब बरसता
"शुभ" जय जयकार पुकारा, चिंता काहे की
जो भी तेरे दर पे आया, खाली ना लौटाया
मनोकामना करके पूरी, खुशियों से घर आया
सबका तू ही सहारा, चिंता काहे की
जब बाबा श्याम हमारा, चिंता काहे की
हारे को तू जीत दिलाए, बिगड़ी बात बनाए
डूबती नैया पार लगाकर, भव से पार लगाए
मेरा श्याम पालनहारा, चिंता काहे की
जब बाबा श्याम हमारा, चिंता काहे की
घर घर तेरी ज्योत जगे है, श्याम धुनि को गाया
संकट सारे दूर हुए जब, श्याम नाम अपनाया
छंट गया अँधियारा, चिंता काहे की
जब बाबा श्याम हमारा, चिंता काहे की
ढोल नगाड़े बाज रहे, श्याम ध्वजा लहराये
देख तेरा शृंगार सांवरे, मन ही मन हर्षाये
उठो करो जयकारा, चिंता काहे की
जब बाबा श्याम हमारा, चिंता काहे की
रचयिता : अभिषेक मैत्रेय "शुभ"
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