प्रेम से जपे नाम, गुरु प्यारा कोई रे
राम प्यारा कोई रे, प्रभु प्यारा कोई रे
प्रेम से जपे नाम, गुरु प्यारा कोई रे
जब से मैने तुमको पाया
तुमने अपने गले से लगाया
तेरे जैसा मान बढ़ाया नहीं कोई रे
प्रेम से जपे नाम, गुरु प्यारा कोई रे
तू मुझको प्राणों से प्यारा
मैने सबकुछ तुमको वारा
तेरे जैसा लाड़ लड़ाया नहीं कोई रे
प्रेम से जपे नाम, गुरु प्यारा कोई रे
घर घर तेरा नाम जपाऊं
तेरी महिमा सबको सुनाऊँ
तेरे जैसा साथ निभाया नहीं कोई रे
प्रेम से जपे नाम, गुरु प्यारा कोई रे
शिवजी महिमा जिनकी गाते
गुरुगीता में वचन सुनाते
भक्तों सा उन्हें प्यारा नहीं कोई रे
प्रेम से जपे नाम, गुरु प्यारा कोई रे
"शुभ" दर्शन दे दो मेरे गुरुवर
हमको मिल जाये सेवा का अवसर
तुम सम दीन दयाला नहीं कोई रे
प्रेम से जपे नाम, राम प्यारा कोई रे
रचयिता - अभिषेक मैत्रेय "शुभ"
तेरी महिमा सबको सुनाऊँ
तेरे जैसा साथ निभाया नहीं कोई रे
प्रेम से जपे नाम, गुरु प्यारा कोई रे
शिवजी महिमा जिनकी गाते
गुरुगीता में वचन सुनाते
भक्तों सा उन्हें प्यारा नहीं कोई रे
प्रेम से जपे नाम, गुरु प्यारा कोई रे
"शुभ" दर्शन दे दो मेरे गुरुवर
हमको मिल जाये सेवा का अवसर
तुम सम दीन दयाला नहीं कोई रे
प्रेम से जपे नाम, राम प्यारा कोई रे
रचयिता - अभिषेक मैत्रेय "शुभ"
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