बड़ा पावन द्वारा है ये, सद्ज्ञान का होता प्रसार
गुरुद्वार की महिमा स्वयं, भगवान सुनाते हैं
हमें मिला है "शुभ" अवसर, चलो मिलकर गाते हैं
जप तप नित करते रहो, होगा निश्चित उद्धार
बड़ा पावन द्वारा है ये, सद्ज्ञान का होता प्रसार
चिंता यदि है मन में, उसे त्याग के चिंतन कर
जब ब्रह्मज्ञानी हैं संग में, फिर काहे को लागे डर
ऐसे सदगुरु मिले हमको, जो हैं करुणा के भण्डार
बड़ा पावन द्वारा है ये, सद्ज्ञान का होता प्रसार
यहाँ सत्संग में मिलता हमें, संयम सदाचार का ज्ञान
सेवा सत्कर्मों से, मिट जाता है अभिमान
पकड़ के हाथ हमारा, सदगुरु करें भव पार
बड़ा पावन द्वारा है ये, सद्ज्ञान का होता प्रसार
रचयिता - अभिषेक मैत्रेय "शुभ"
सेवा सत्कर्मों से, मिट जाता है अभिमान
पकड़ के हाथ हमारा, सदगुरु करें भव पार
बड़ा पावन द्वारा है ये, सद्ज्ञान का होता प्रसार
रचयिता - अभिषेक मैत्रेय "शुभ"
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