सदगुरु प्यारे, देव निराले
तुम बिन मेरा कौन सहारा....
मुझको तू अपनाले
सदगुरु प्यारे, देव निराले
कभी सुख की सुबह होती
कभी दुख की शाम घनेरी
तेरा द्वारा मिला है जबसे
बदली किस्मत मेरी
डगमग होती जीवन नैय्या
तुम बिन कौन संभाले....
सदगुरु प्यारे, देव निराले....
माया का बंधन था गहरा
सदा रहा मैं जकड़ा
छूट गए सारे बंधन जबसे
तूने हाथ है पकड़ा
तुझमें "शुभ" विश्वास अटल
मेरे बंधन काटने वाले
सदगुरु प्यारे, देव निराले....
दर्शन को तेरे आती दुनिया
लाभ वही ले पाता
सच्चे मन से ध्यान धरे
"शुभ" मन से है बुलाता
मैं भी तेरा याचक हूँ
मुझको भी दर पे बुला ले
सदगुरु प्यारे, देव निराले .....
रचयिता - अभिषेक मैत्रेय "शुभ"
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