Tuesday, 21 July 2026

आरती बड दादा की कीजे


आरती बड दादा की कीजे, 
अपने मनोरथ पूरण कीजे ....

वृक्ष अनुपम तुम हो बाबा, 
चमत्कार परिपूर्ण हो बाबा
प्रेम से जो परिकम्मा कीजे, 
अपने मनोरथ पूरण कीजे ....

गुरु कृपा तुम पर बरसी है, 
शक्ति विलक्षण तुमको दी है
बिगड़े काज बना तुम दीजे, 
अपने मनोरथ पूरण कीजे ....

"शुभ" दर्शन जो तुम्हरे पाता, 
कर परिकम्मा ध्यान लगाता
गुरु कृपा से पूरा भीजे, 
अपने मनोरथ पूरण कीजे ....


रचयिता - अभिषेक मैत्रेय "शुभ"

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