Thursday, 9 July 2026

कांवड़िया क्या हाल है

भोले तेरा क्या हाल है, कांवड़िया क्या हाल है
गंगाजल काँधे पे उठाकर -2, हुआ तू मालामाल है .....
भोले तेरा क्या हाल है, कांवड़िया क्या हाल है

चिंता क्यों तुझे करनी है, बाबा में श्रद्धा रखनी है
भक्त तू महाकाल का है -2, जग में जो बेमिसाल है
भोले तेरा क्या हाल है, कांवड़िया क्या हाल है

मंजिल कितनी भी दूर सही, बाबा से तू दूर नहीं
"शुभ" इच्छा से नाम जपे जा -2, मेला ये हर साल है
भोले तेरा क्या हाल है, कांवड़िया क्या हाल है

पैरों के छाले देख ना रुकना, देख के दूरी तू ना थकना
बम बम भोले जपते जाना -2, मिट जाये सारे बबाल हैं
भोले तेरा क्या हाल है, कांवड़िया क्या हाल है

रचयिता : अभिषेक मैत्रेय "शुभ"


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