गुरुदेवा रे! आया मैं तेरे द्वार रे, प्रभु कर देना उद्धार रे
मन को बहुत मनाया मैंने, पर ये मुझसे ना माने
जग है सपना ना कोई अपना , इतनी बात ना जाने
"शुभ" मेरे कर दो विचार रे
गुरुदेवा रे! आया मैं तेरे द्वार रे, प्रभु कर देना उद्धार रे ....
लगन लगे तुमसे मेरे दाता, ऐसी कृपा कर देना
व्यसनों से रहूँ दूर हमेशा, भक्ति रस भर देना
तेरी दया पे मुझे विश्वास रे
गुरुदेवा रे! आया मैं तेरे द्वार रे, प्रभु कर देना उद्धार रे ....
जन्म मरण के साथी मेरे, साथ निभाते रहना
जब राहों में भटक मैं जाऊं, सही राह पर करना
मुझे तुझपे भरोसा अपार रे
गुरुदेवा रे! आया मैं तेरे द्वार रे, प्रभु कर देना उद्धार रे
रचयिता : अभिषेक मैत्रेय "शुभ"
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