हम सेवक उस सेवक के, जिसके स्वामी श्री राम हैं
जो भी प्रभु करवाना चाहें, देते वही हमें काम हैं
हम तो हैं कुछ योग्य नहीं,कृपा करते भगवान हैं
जो भी प्रभु करवाना चाहें, देते वही हमें काम हैं
राम राम सिया राम राम, सिया राम राम सिया राम
हे प्रभु आनंददाता, ज्ञान हमको दीजिये
शीघ्र सारे दुर्गुणों को, दूर हमसे कीजिये
"शुभ" कर्मों में लगे सदा मन, प्रार्थना भगवान है
जो भी प्रभु करवाना चाहें, देते वही हमें काम हैं
हम तो हैं कुछ योग्य नहीं,कृपा करते भगवान हैं
जो भी प्रभु करवाना चाहें, देते वही हमें काम हैं
राम राम सिया राम राम, सिया राम राम सिया राम
सेवा में जो रहते तत्पर, कोई नहीं उनसे दूजा
अष्टसिद्धि नवनिधि के दाता, हम करते उनकी पूजा
उन सेवक पर वारी जाऊं, कहते जिन्हें हनुमान हैं
जो भी प्रभु करवाना चाहें, देते वही हमें काम हैं
हम तो हैं कुछ योग्य नहीं,कृपा करते भगवान हैं
जो भी प्रभु करवाना चाहें, देते वही हमें काम हैं
राम राम सिया राम राम, सिया राम राम सिया राम
हम सेवक उस सेवक के, जिसके स्वामी श्री राम हैं
जो भी प्रभु करवाना चाहें, देते वही हमें काम हैं
रचयिता : अभिषेक मैत्रेय "शुभ"
Friday, 2 October 2026
Saturday, 19 September 2026
श्री मन्न नारायण नारायण - Part 4
नारायण नारायण श्री मन्न नारायण नारायण नारायण
अहम् शुन्य जिस दिन, ये वृत्ति बनेगी
प्रभु से मिलन की, ये युक्ति मिलेगी
ना अपना है कोई, ना कोई पराया
सबके सुमंगल की दृष्टि बनेगी
सद्भाव मन में सदा "शुभ" रखना
वाणी का संयम सदा "शुभ" रखना
सदाचार का मार्ग, निश्चित कठिन है
प्रभु हाथ मेरा सदा थाम रखना
अहम् शुन्य जिस दिन, ये वृत्ति बनेगी
प्रभु से मिलन की, ये युक्ति मिलेगी
ना अपना है कोई, ना कोई पराया
सबके सुमंगल की दृष्टि बनेगी
सद्भाव मन में सदा "शुभ" रखना
वाणी का संयम सदा "शुभ" रखना
सदाचार का मार्ग, निश्चित कठिन है
प्रभु हाथ मेरा सदा थाम रखना
ना मान की चिंता, ना अभिमान का डर
मिले जिस तरह से भी, भक्ति का अवसर
प्रभु प्रार्थना लेके, आया तेरे दर
याचक की विनती सुन लो कृपाकर
रचयिता : अभिषेक मैत्रेय "शुभ"
Thursday, 6 August 2026
सुन लो अरज हमारी, मेरे भोले भंडारी
सुन लो अरज हमारी, मेरे भोले भंडारी
करो कृपा त्रिपुरारी, मेरे भोले भंडारीभोले भंडारी, हे त्रिपुरारी
भोले भंडारी, हे त्रिपुरारी
बलि बलि जाऊँ बलिहारी, मेरे भोले भंडारी
हे भोले तेरे शीश पे चंदा
जटा से बहती पावन गंगा
छवि लगती अति प्यारी , मेरे भोले भंडारी
बलि बलि जाऊँ बलिहारी, मेरे भोले भंडारी
गले में पहने, सर्पों की माला
हाथ सजे, त्रिशूल निराला
डमरू की धुन है प्यारी, मेरे भोले भंडारी
बलि बलि जाऊँ बलिहारी, मेरे भोले भंडारी
बाघम्बर तन पर है पहने
मुण्डमाल भोले तेरे गहने
पूजे दुनिया सारी, मेरे भोले भंडारी
बलि बलि जाऊँ बलिहारी, मेरे भोले भंडारी
काल का भी काल है भोले
रक्षा करें जो शिव शिव बोले
"शुभ" है शरण तुम्हारी, मेरे भोले भंडारी
बलि बलि जाऊँ बलिहारी, मेरे भोले भंडारी
रचनाकार - अभिषेक मैत्रेय "शुभ"
Wednesday, 5 August 2026
मेरी लागी रे लगन, भोले बाबा से
मेरी लागी रे लगन, भोले बाबा से
मेरी लागी रे लगन, भोले बाबा से
भोले बाबा से, शिव शंकर से,
मेरी लागी रे लगन, भोले बाबा से
"शुभ" दर्शन को, सोमनाथ आया
पंहुचा गुजरात, वहां ढोकला खाया
मेरा जुड़ गया मन, भोले बाबा से
मेरी लागी रे लगन, भोले बाबा से
"शुभ" दर्शन को, त्रयंबकेश्वर आया
पहुंचा महाराष्ट्र, मिसल पाव खाया
मेरा जुड़ गया मन, भोले बाबा से
मेरी लागी रे लगन, भोले बाबा से
"शुभ" दर्शन को, काशी धाम आया
पंहुचा यू पी , कचौड़ी चाट खाया
देख हो गया मगन, भोले बाबा से
मेरी लागी रे लगन, भोले बाबा से
"शुभ" दर्शन को, उज्जैन आया
पंहुचा एम पी, जलेबी पोहा खाया
मेरा जुड़ गया नाता, भोले बाबा से
मेरी लागी रे लगन, भोले बाबा से
रचनाकार -- अभिषेक मैत्रेय "शुभ"
मेरी लागी रे लगन, भोले बाबा से
भोले बाबा से, शिव शंकर से,
मेरी लागी रे लगन, भोले बाबा से
"शुभ" दर्शन को, सोमनाथ आया
पंहुचा गुजरात, वहां ढोकला खाया
मेरा जुड़ गया मन, भोले बाबा से
मेरी लागी रे लगन, भोले बाबा से
"शुभ" दर्शन को, त्रयंबकेश्वर आया
पहुंचा महाराष्ट्र, मिसल पाव खाया
मेरा जुड़ गया मन, भोले बाबा से
मेरी लागी रे लगन, भोले बाबा से
"शुभ" दर्शन को, काशी धाम आया
पंहुचा यू पी , कचौड़ी चाट खाया
देख हो गया मगन, भोले बाबा से
मेरी लागी रे लगन, भोले बाबा से
"शुभ" दर्शन को, उज्जैन आया
पंहुचा एम पी, जलेबी पोहा खाया
मेरा जुड़ गया नाता, भोले बाबा से
मेरी लागी रे लगन, भोले बाबा से
रचनाकार -- अभिषेक मैत्रेय "शुभ"
Saturday, 1 August 2026
भोले की फौज करती है मौज
भोले की फौज...! करती है मौज...!
बाबा के दीवानों की, मौज हर रोज़...!
बम-बम गूँजे जयकारे, झूमे सारी फौज।
भोले की फौज... करती है मौज।।
भगवा रंग में रंगी है टोली,
बम-बम बोले भोला-भोली।
कदम-कदम पर लगे भंडारे,
सेवा करती भक्तों की टोली।।
बम-बम गूँजे जयकारे, झूमे सारी फौज।
भोले की फौज... करती है मौज।।
सिर पर कांवड़, दिल में श्रद्धा,
चेहरे पर चमक निराली
पैर थकें तो थकने देना,
भोले भरेंगे सबकी झोली
बम-बम गूँजे जयकारे, झूमे सारी फौज।
भोले की फौज... करती है मौज।।
डम-डम बोले शिव का डमरू,
धम धम बजे ढोल
आगे-आगे नंदी बाबा
भक्त रहे हैं बोल
बम-बम गूँजे जयकारे, झूमे सारी फौज
भोले की फौज... करती है मौज
भक्ति का रंग चढ़ा निराला,
मन हुआ है मतवाला
महाकाल के प्रेम में डूबा,
कांवड़िया किस्मत वाला
काँधे पर "शुभ" कांवड़ रख ले ,
जपले शंभू का नाम
कठिन डगर भी सरल बनेगी,
बनेंगे बिगड़े काम
भोले की फौज...! करती है मौज...!
बम-बम गूँजे जयकारे, झूमे सारी फौज।
भोले की फौज... करती है मौज।।
रचयिता - अभिषेक मैत्रेय "शुभ"
बाबा के दीवानों की, मौज हर रोज़...!
बम-बम गूँजे जयकारे, झूमे सारी फौज।
भोले की फौज... करती है मौज।।
भगवा रंग में रंगी है टोली,
बम-बम बोले भोला-भोली।
कदम-कदम पर लगे भंडारे,
सेवा करती भक्तों की टोली।।
बम-बम गूँजे जयकारे, झूमे सारी फौज।
भोले की फौज... करती है मौज।।
सिर पर कांवड़, दिल में श्रद्धा,
चेहरे पर चमक निराली
पैर थकें तो थकने देना,
भोले भरेंगे सबकी झोली
बम-बम गूँजे जयकारे, झूमे सारी फौज।
भोले की फौज... करती है मौज।।
डम-डम बोले शिव का डमरू,
धम धम बजे ढोल
आगे-आगे नंदी बाबा
भक्त रहे हैं बोल
बम-बम गूँजे जयकारे, झूमे सारी फौज
भोले की फौज... करती है मौज
भक्ति का रंग चढ़ा निराला,
मन हुआ है मतवाला
महाकाल के प्रेम में डूबा,
कांवड़िया किस्मत वाला
काँधे पर "शुभ" कांवड़ रख ले ,
जपले शंभू का नाम
कठिन डगर भी सरल बनेगी,
बनेंगे बिगड़े काम
भोले की फौज...! करती है मौज...!
बम-बम गूँजे जयकारे, झूमे सारी फौज।
भोले की फौज... करती है मौज।।
रचयिता - अभिषेक मैत्रेय "शुभ"
Friday, 24 July 2026
प्रेम से जपे नाम, गुरु प्यारा कोई रे
प्रेम से जपे नाम, गुरु प्यारा कोई रे
प्रेम से जपे नाम, गुरु प्यारा कोई रे
राम प्यारा कोई रे, प्रभु प्यारा कोई रे
प्रेम से जपे नाम, गुरु प्यारा कोई रे
जब से मैने तुमको पाया
तुमने अपने गले से लगाया
तेरे जैसा मान बढ़ाया नहीं कोई रे
प्रेम से जपे नाम, गुरु प्यारा कोई रे
तू मुझको प्राणों से प्यारा
मैने सबकुछ तुमको वारा
तेरे जैसा लाड़ लड़ाया नहीं कोई रे
प्रेम से जपे नाम, गुरु प्यारा कोई रे
प्रेम से जपे नाम, गुरु प्यारा कोई रे
राम प्यारा कोई रे, प्रभु प्यारा कोई रे
प्रेम से जपे नाम, गुरु प्यारा कोई रे
जब से मैने तुमको पाया
तुमने अपने गले से लगाया
तेरे जैसा मान बढ़ाया नहीं कोई रे
प्रेम से जपे नाम, गुरु प्यारा कोई रे
तू मुझको प्राणों से प्यारा
मैने सबकुछ तुमको वारा
तेरे जैसा लाड़ लड़ाया नहीं कोई रे
प्रेम से जपे नाम, गुरु प्यारा कोई रे
घर घर तेरा नाम जपाऊं
तेरी महिमा सबको सुनाऊँ
तेरे जैसा साथ निभाया नहीं कोई रे
प्रेम से जपे नाम, गुरु प्यारा कोई रे
शिवजी महिमा जिनकी गाते
गुरुगीता में वचन सुनाते
भक्तों सा उन्हें प्यारा नहीं कोई रे
प्रेम से जपे नाम, गुरु प्यारा कोई रे
"शुभ" दर्शन दे दो मेरे गुरुवर
हमको मिल जाये सेवा का अवसर
तुम सम दीन दयाला नहीं कोई रे
प्रेम से जपे नाम, राम प्यारा कोई रे
रचयिता - अभिषेक मैत्रेय "शुभ"
तेरी महिमा सबको सुनाऊँ
तेरे जैसा साथ निभाया नहीं कोई रे
प्रेम से जपे नाम, गुरु प्यारा कोई रे
शिवजी महिमा जिनकी गाते
गुरुगीता में वचन सुनाते
भक्तों सा उन्हें प्यारा नहीं कोई रे
प्रेम से जपे नाम, गुरु प्यारा कोई रे
"शुभ" दर्शन दे दो मेरे गुरुवर
हमको मिल जाये सेवा का अवसर
तुम सम दीन दयाला नहीं कोई रे
प्रेम से जपे नाम, राम प्यारा कोई रे
रचयिता - अभिषेक मैत्रेय "शुभ"
प्रेम से जपे नाम, राम प्यारा कोई रे
प्रेम से जपे नाम, राम प्यारा कोई रे
प्रेम से जपे नाम, राम प्यारा कोई रे
राम प्यारा कोई रे, घनश्याम प्यारा कोई रे
प्रेम से जपे नाम, राम प्यारा कोई रे
प्रेम से जपे नाम, राम प्यारा कोई रे
राम प्यारा कोई रे, घनश्याम प्यारा कोई रे
प्रेम से जपे नाम, राम प्यारा कोई रे
जब से मैने तुमको पाया
तुमने अपने गले से लगाया
तेरे जैसा मान बढ़ाया नहीं कोई रे
प्रेम से जपे नाम, राम प्यारा कोई रे
तू मुझको प्राणों से प्यारा
मैने सबकुछ तुमको वारा
तेरे जैसा लाड़ लड़ाया नहीं कोई रे
प्रेम से जपे नाम, राम प्यारा कोई रे
घर घर तेरा नाम जपाऊं
तेरी महिमा सबको सुनाऊँ
तेरे जैसा साथ निभाया नहीं कोई रे
प्रेम से जपे नाम, राम प्यारा कोई रे
शिवजी महिमा जिनकी गाते
कागभुशुण्डि जी कथा सुनाते
हनुमत सा उन्हें प्यारा नहीं कोई रे
प्रेम से जपे नाम, राम प्यारा कोई रे
"शुभ" दर्शन दे दो रघुनंदन
हाथ जोड़ करूँ चरणों में वंदन
तुम सम दीन दयाला नहीं कोई रे
प्रेम से जपे नाम, राम प्यारा कोई रे
रचयिता - अभिषेक मैत्रेय "शुभ"
तुमने अपने गले से लगाया
तेरे जैसा मान बढ़ाया नहीं कोई रे
प्रेम से जपे नाम, राम प्यारा कोई रे
तू मुझको प्राणों से प्यारा
मैने सबकुछ तुमको वारा
तेरे जैसा लाड़ लड़ाया नहीं कोई रे
प्रेम से जपे नाम, राम प्यारा कोई रे
घर घर तेरा नाम जपाऊं
तेरी महिमा सबको सुनाऊँ
तेरे जैसा साथ निभाया नहीं कोई रे
प्रेम से जपे नाम, राम प्यारा कोई रे
शिवजी महिमा जिनकी गाते
कागभुशुण्डि जी कथा सुनाते
हनुमत सा उन्हें प्यारा नहीं कोई रे
प्रेम से जपे नाम, राम प्यारा कोई रे
"शुभ" दर्शन दे दो रघुनंदन
हाथ जोड़ करूँ चरणों में वंदन
तुम सम दीन दयाला नहीं कोई रे
प्रेम से जपे नाम, राम प्यारा कोई रे
रचयिता - अभिषेक मैत्रेय "शुभ"
Tuesday, 21 July 2026
गुरुदेवा रे! आया मैं तेरे द्वार रे
गुरुदेवा रे! आया मैं तेरे द्वार रे, प्रभु कर देना उद्धार रे
मन को बहुत मनाया मैंने, पर ये मुझसे ना माने
जग है सपना ना कोई अपना , इतनी बात ना जाने
"शुभ" मेरे कर दो विचार रे
गुरुदेवा रे! आया मैं तेरे द्वार रे, प्रभु कर देना उद्धार रे ....
लगन लगे तुमसे मेरे दाता, ऐसी कृपा कर देना
व्यसनों से रहूँ दूर हमेशा, भक्ति रस भर देना
तेरी दया पे मुझे विश्वास रे
गुरुदेवा रे! आया मैं तेरे द्वार रे, प्रभु कर देना उद्धार रे ....
जन्म मरण के साथी मेरे, साथ निभाते रहना
जब राहों में भटक मैं जाऊं, सही राह पर करना
मुझे तुझपे भरोसा अपार रे
गुरुदेवा रे! आया मैं तेरे द्वार रे, प्रभु कर देना उद्धार रे
रचयिता : अभिषेक मैत्रेय "शुभ"
मन को बहुत मनाया मैंने, पर ये मुझसे ना माने
जग है सपना ना कोई अपना , इतनी बात ना जाने
"शुभ" मेरे कर दो विचार रे
गुरुदेवा रे! आया मैं तेरे द्वार रे, प्रभु कर देना उद्धार रे ....
लगन लगे तुमसे मेरे दाता, ऐसी कृपा कर देना
व्यसनों से रहूँ दूर हमेशा, भक्ति रस भर देना
तेरी दया पे मुझे विश्वास रे
गुरुदेवा रे! आया मैं तेरे द्वार रे, प्रभु कर देना उद्धार रे ....
जन्म मरण के साथी मेरे, साथ निभाते रहना
जब राहों में भटक मैं जाऊं, सही राह पर करना
मुझे तुझपे भरोसा अपार रे
गुरुदेवा रे! आया मैं तेरे द्वार रे, प्रभु कर देना उद्धार रे
रचयिता : अभिषेक मैत्रेय "शुभ"
तुम भक्तों के हो भगवान्
तुम भक्तों के हो भगवान्, मेरे सतगुरु आशाराम
तेरे चरणों में चारों धाम, मेरे सतगुरु आशाराम
तुम्हें पूजूं में आठों याम, मेरे सतगुरु आशाराम
ज्योत ज्ञान की तुम हो जगाते, अज्ञान सब दूर भगाते
तेरे मार्ग पर चलते रहें हम, अब तो करो कल्याण
तुम भक्तों के हो भगवान्....
तुम्हें पूजूं में आठों याम, मेरे सतगुरु आशाराम .......
काम क्रोध मद लोभ छुडाते, भोग वासना से हमें बचाते
तेरी भक्ति में लीन रहें हम, दे दो ये वरदान
तुम भक्तों के हो भगवान्....
तुम्हें पूजूं में आठों याम, मेरे सतगुरु आशाराम .......
गुरु शरण में जो आ जाते, भव बंधन से वो तर जाते
"सेवक" आये शरण तिहारी, कृपा करो भगवान्
तुम भक्तों के हो भगवान्....
तुम्हें पूजूं में आठों याम, मेरे सतगुरु आशाराम .......
महिमा तुम्हारी कैसे गाऊं?, लीला का मैं पार ना पाऊं
वाणी मेरी टूटी-फूटी, कर ना सकूं गुणगान
तुम भक्तों के हो भगवान्....
तुम्हें पूजूं में आठों याम, मेरे सतगुरु आशाराम .......
"शुभ" दर्शन बिन रहा ना जाये, याद प्रभु की निशदिन आये
नयनों से मेरे नीर छलकता, कैसे लूं इनको थाम?
तुम भक्तों के हो भगवान्....
तुम्हें पूजूं में आठों याम, मेरे सतगुरु आशाराम .......
ब्रह्मज्ञान का अमृत पाया, पाकर सारे जग में लुटाया
हमको भी मिल गए हैं छींटे, पाकर हुए निहाल
तुम भक्तों के हो भगवान्....
तुम्हें पूजूं में आठों याम, मेरे सतगुरु आशाराम .......
रचयिता : अभिषेक मैत्रेय "शुभ" एवं रामबीर चौधरी
तेरे चरणों में चारों धाम, मेरे सतगुरु आशाराम
तुम्हें पूजूं में आठों याम, मेरे सतगुरु आशाराम
ज्योत ज्ञान की तुम हो जगाते, अज्ञान सब दूर भगाते
तेरे मार्ग पर चलते रहें हम, अब तो करो कल्याण
तुम भक्तों के हो भगवान्....
तुम्हें पूजूं में आठों याम, मेरे सतगुरु आशाराम .......
काम क्रोध मद लोभ छुडाते, भोग वासना से हमें बचाते
तेरी भक्ति में लीन रहें हम, दे दो ये वरदान
तुम भक्तों के हो भगवान्....
तुम्हें पूजूं में आठों याम, मेरे सतगुरु आशाराम .......
गुरु शरण में जो आ जाते, भव बंधन से वो तर जाते
"सेवक" आये शरण तिहारी, कृपा करो भगवान्
तुम भक्तों के हो भगवान्....
तुम्हें पूजूं में आठों याम, मेरे सतगुरु आशाराम .......
महिमा तुम्हारी कैसे गाऊं?, लीला का मैं पार ना पाऊं
वाणी मेरी टूटी-फूटी, कर ना सकूं गुणगान
तुम भक्तों के हो भगवान्....
तुम्हें पूजूं में आठों याम, मेरे सतगुरु आशाराम .......
"शुभ" दर्शन बिन रहा ना जाये, याद प्रभु की निशदिन आये
नयनों से मेरे नीर छलकता, कैसे लूं इनको थाम?
तुम भक्तों के हो भगवान्....
तुम्हें पूजूं में आठों याम, मेरे सतगुरु आशाराम .......
ब्रह्मज्ञान का अमृत पाया, पाकर सारे जग में लुटाया
हमको भी मिल गए हैं छींटे, पाकर हुए निहाल
तुम भक्तों के हो भगवान्....
तुम्हें पूजूं में आठों याम, मेरे सतगुरु आशाराम .......
रचयिता : अभिषेक मैत्रेय "शुभ" एवं रामबीर चौधरी
आरती बड दादा की कीजे
आरती बड दादा की कीजे,
अपने मनोरथ पूरण कीजे ....
वृक्ष अनुपम तुम हो बाबा,
वृक्ष अनुपम तुम हो बाबा,
चमत्कार परिपूर्ण हो बाबा
प्रेम से जो परिकम्मा कीजे,
प्रेम से जो परिकम्मा कीजे,
अपने मनोरथ पूरण कीजे ....
गुरु कृपा तुम पर बरसी है,
गुरु कृपा तुम पर बरसी है,
शक्ति विलक्षण तुमको दी है
बिगड़े काज बना तुम दीजे,
बिगड़े काज बना तुम दीजे,
अपने मनोरथ पूरण कीजे ....
"शुभ" दर्शन जो तुम्हरे पाता,
"शुभ" दर्शन जो तुम्हरे पाता,
कर परिकम्मा ध्यान लगाता
गुरु कृपा से पूरा भीजे,
गुरु कृपा से पूरा भीजे,
अपने मनोरथ पूरण कीजे ....
रचयिता - अभिषेक मैत्रेय "शुभ"
रचयिता - अभिषेक मैत्रेय "शुभ"
Sunday, 12 July 2026
गुरुदेव कृपा कीजिए
गुरुदेव कृपा कीजिए -2
मुझे शरण बिठा लीजिए -2
मुझमें तो अभिमान भरा है
सब रोगों में ये रोग बड़ा है
मेरा अहम मिटा दीजिए
गुरुदेव कृपा कीजिए....
मैने सुना तुम दीनदयालु हो
भक्तजनों पर सदा कृपालु हो
मुझे दास बना लीजिए
गुरुदेव कृपा कीजिए....
रिश्ते नाते सब छूट जाते
अंत समय यमदूत जो आते
निज धाम बुला लीजिए
गुरुदेव कृपा कीजिए....
याद तुम्हारी हर पल आए
ऐसा "शुभ" अवसर बन जाये
ऐसा योग्य बना दीजिए
गुरुदेव कृपा कीजिए....
ॐ रं रं रामाय नमः
ॐ हुं हुं हनुमते नमः
गुरुदेव कृपा कीजिए....
रचयिता - अभिषेक मैत्रेय "शुभ"
मुझे शरण बिठा लीजिए -2
मुझमें तो अभिमान भरा है
सब रोगों में ये रोग बड़ा है
मेरा अहम मिटा दीजिए
गुरुदेव कृपा कीजिए....
मैने सुना तुम दीनदयालु हो
भक्तजनों पर सदा कृपालु हो
मुझे दास बना लीजिए
गुरुदेव कृपा कीजिए....
रिश्ते नाते सब छूट जाते
अंत समय यमदूत जो आते
निज धाम बुला लीजिए
गुरुदेव कृपा कीजिए....
याद तुम्हारी हर पल आए
ऐसा "शुभ" अवसर बन जाये
ऐसा योग्य बना दीजिए
गुरुदेव कृपा कीजिए....
ॐ रं रं रामाय नमः
ॐ हुं हुं हनुमते नमः
गुरुदेव कृपा कीजिए....
रचयिता - अभिषेक मैत्रेय "शुभ"
सदगुरु प्यारे, देव निराले
सदगुरु प्यारे, देव निराले
तुम बिन मेरा कौन सहारा....
मुझको तू अपनाले
सदगुरु प्यारे, देव निराले
कभी सुख की सुबह होती
कभी दुख की शाम घनेरी
तेरा द्वारा मिला है जबसे
बदली किस्मत मेरी
डगमग होती जीवन नैय्या
तुम बिन कौन संभाले....
सदगुरु प्यारे, देव निराले....
माया का बंधन था गहरा
सदा रहा मैं जकड़ा
छूट गए सारे बंधन जबसे
तूने हाथ है पकड़ा
तुझमें "शुभ" विश्वास अटल
मेरे बंधन काटने वाले
सदगुरु प्यारे, देव निराले....
दर्शन को तेरे आती दुनिया
लाभ वही ले पाता
सच्चे मन से ध्यान धरे
"शुभ" मन से है बुलाता
मैं भी तेरा याचक हूँ
मुझको भी दर पे बुला ले
सदगुरु प्यारे, देव निराले .....
रचयिता - अभिषेक मैत्रेय "शुभ"
तुम बिन मेरा कौन सहारा....
मुझको तू अपनाले
सदगुरु प्यारे, देव निराले
कभी सुख की सुबह होती
कभी दुख की शाम घनेरी
तेरा द्वारा मिला है जबसे
बदली किस्मत मेरी
डगमग होती जीवन नैय्या
तुम बिन कौन संभाले....
सदगुरु प्यारे, देव निराले....
माया का बंधन था गहरा
सदा रहा मैं जकड़ा
छूट गए सारे बंधन जबसे
तूने हाथ है पकड़ा
तुझमें "शुभ" विश्वास अटल
मेरे बंधन काटने वाले
सदगुरु प्यारे, देव निराले....
दर्शन को तेरे आती दुनिया
लाभ वही ले पाता
सच्चे मन से ध्यान धरे
"शुभ" मन से है बुलाता
मैं भी तेरा याचक हूँ
मुझको भी दर पे बुला ले
सदगुरु प्यारे, देव निराले .....
रचयिता - अभिषेक मैत्रेय "शुभ"
Saturday, 11 July 2026
हम आए गुरु जी के द्वार
हम आए गुरु जी के द्वार, जहाँ सत्संग की बहती बयार
बड़ा पावन द्वारा है ये, सद्ज्ञान का होता प्रसार
गुरुद्वार की महिमा स्वयं, भगवान सुनाते हैं
हमें मिला है "शुभ" अवसर, चलो मिलकर गाते हैं
जप तप नित करते रहो, होगा निश्चित उद्धार
बड़ा पावन द्वारा है ये, सद्ज्ञान का होता प्रसार
चिंता यदि है मन में, उसे त्याग के चिंतन कर
जब ब्रह्मज्ञानी हैं संग में, फिर काहे को लागे डर
ऐसे सदगुरु मिले हमको, जो हैं करुणा के भण्डार
बड़ा पावन द्वारा है ये, सद्ज्ञान का होता प्रसार
बड़ा पावन द्वारा है ये, सद्ज्ञान का होता प्रसार
गुरुद्वार की महिमा स्वयं, भगवान सुनाते हैं
हमें मिला है "शुभ" अवसर, चलो मिलकर गाते हैं
जप तप नित करते रहो, होगा निश्चित उद्धार
बड़ा पावन द्वारा है ये, सद्ज्ञान का होता प्रसार
चिंता यदि है मन में, उसे त्याग के चिंतन कर
जब ब्रह्मज्ञानी हैं संग में, फिर काहे को लागे डर
ऐसे सदगुरु मिले हमको, जो हैं करुणा के भण्डार
बड़ा पावन द्वारा है ये, सद्ज्ञान का होता प्रसार
यहाँ सत्संग में मिलता हमें, संयम सदाचार का ज्ञान
सेवा सत्कर्मों से, मिट जाता है अभिमान
पकड़ के हाथ हमारा, सदगुरु करें भव पार
बड़ा पावन द्वारा है ये, सद्ज्ञान का होता प्रसार
रचयिता - अभिषेक मैत्रेय "शुभ"
सेवा सत्कर्मों से, मिट जाता है अभिमान
पकड़ के हाथ हमारा, सदगुरु करें भव पार
बड़ा पावन द्वारा है ये, सद्ज्ञान का होता प्रसार
रचयिता - अभिषेक मैत्रेय "शुभ"
मेरे सद्गुरु , अब आ जाओ
तर्ज: मेरे नयना सावन भादों, फिर भी मेरा मन प्यासा
तुम बिन कौन सहारा --- २
तेरे बिन जीवन है अधूरा
दिल से तुम्हें पुकारा
तुम बिन कौन सहारा --- २
जब मन तमस है छाया , तुमने दीप जलाया
भटके हुए मेरे इस जीवन को, सच्चा मार्ग दिखाया
मैं ही समझ ना पाया .......
तेरी वाणी अमृत जैसी, भव से करे किनारा
तुम बिन कौन सहारा
तू ही ब्रह्मा तू ही विष्णु, तू ही है महादेवा
तेरे द्वारे देव पधारें, करते नित "शुभ" सेवा
ओ प्यारे गुरुदेवा ........
तुमसे है कण कण में जीवन, तुमसे जगत पसारा
तुम बिन कौन सहारा
तेरे लिए वैकुण्ठ भी क्या है, क्या बंधन संसारा
जहाँ करुणा की दृष्टि तू डाले, वही बसे सुख सारा
सब विधि खेल तुम्हारा .......
तेरे जैसा कोई दयालु, ढूंढ लिया जग सारा
तुम बिन कौन सहारा
रचयिता : अभिषेक मैत्रेय "शुभ"
Thursday, 9 July 2026
कांवड़िया क्या हाल है
भोले तेरा क्या हाल है, कांवड़िया क्या हाल है
गंगाजल काँधे पे उठाकर -2, हुआ तू मालामाल है .....
भोले तेरा क्या हाल है, कांवड़िया क्या हाल है
चिंता क्यों तुझे करनी है, बाबा में श्रद्धा रखनी है
भक्त तू महाकाल का है -2, जग में जो बेमिसाल है
भोले तेरा क्या हाल है, कांवड़िया क्या हाल है
मंजिल कितनी भी दूर सही, बाबा से तू दूर नहीं
"शुभ" इच्छा से नाम जपे जा -2, मेला ये हर साल है
गंगाजल काँधे पे उठाकर -2, हुआ तू मालामाल है .....
भोले तेरा क्या हाल है, कांवड़िया क्या हाल है
चिंता क्यों तुझे करनी है, बाबा में श्रद्धा रखनी है
भक्त तू महाकाल का है -2, जग में जो बेमिसाल है
भोले तेरा क्या हाल है, कांवड़िया क्या हाल है
मंजिल कितनी भी दूर सही, बाबा से तू दूर नहीं
"शुभ" इच्छा से नाम जपे जा -2, मेला ये हर साल है
भोले तेरा क्या हाल है, कांवड़िया क्या हाल है
पैरों के छाले देख ना रुकना, देख के दूरी तू ना थकना
बम बम भोले जपते जाना -2, मिट जाये सारे बबाल हैं
भोले तेरा क्या हाल है, कांवड़िया क्या हाल है
रचयिता : अभिषेक मैत्रेय "शुभ"
पैरों के छाले देख ना रुकना, देख के दूरी तू ना थकना
बम बम भोले जपते जाना -2, मिट जाये सारे बबाल हैं
भोले तेरा क्या हाल है, कांवड़िया क्या हाल है
रचयिता : अभिषेक मैत्रेय "शुभ"
Wednesday, 8 July 2026
सिया बनी दुल्हन, दूल्हे रघुराई
सिया बनी दुल्हन, दूल्हे रघुराई
दूल्हे रघुराई जी दूल्हे रघुराई
आज जनकपुर बाजै बधाई
सिया बनी दुल्हन, दूल्हे रघुराई
चहुँ दिशा आनंद है छाया
जनकपुर ने उत्सव मनाया
अवधपुरी ने उत्सव मनाया
भूल गए सब कोई चतुराई
सिया बनी दुल्हन, दूल्हे रघुराई
खुशियों की कोई सीमा नहीं है
कोई छोटा कोई बड़ा नहीं है
दूल्हे रघुराई जी दूल्हे रघुराई
आज जनकपुर बाजै बधाई
सिया बनी दुल्हन, दूल्हे रघुराई
चहुँ दिशा आनंद है छाया
जनकपुर ने उत्सव मनाया
अवधपुरी ने उत्सव मनाया
भूल गए सब कोई चतुराई
सिया बनी दुल्हन, दूल्हे रघुराई
खुशियों की कोई सीमा नहीं है
कोई छोटा कोई बड़ा नहीं है
कोई निर्धन धनवान नहीं है
सब मिलकर के बांटे मिठाई
सिया बनी दुल्हन, दूल्हे रघुराई
ऋषि-मुनि देव सभी हरषाए
ब्रह्मा विष्णु शंकर भी आए
मिलकर सबने पुष्प बरसाए
देवों ने जय-जयकार लगाई
सिया बनी दुल्हन, दूल्हे रघुराई
फूलों से सजी नगर की गलियाँ
झूम उठीं सखियाँ अलबेलियाँ
गूँज उठीं जयकारों से गलियाँ
हर मुख पर मुस्कान समाई
सिया बनी दुल्हन, दूल्हे रघुराई
'शुभ' गाए मंगल यह गाथा
राम-सिया का पावन नाता
जिसने प्रेम से नाम है गाया
उस पर कृपा करें रघुराई
सिया बनी दुल्हन, दूल्हे रघुराई
दूल्हे रघुराई जी, दूल्हे रघुराई
रचयिता : अभिषेक मैत्रेय "शुभ"
सब मिलकर के बांटे मिठाई
सिया बनी दुल्हन, दूल्हे रघुराई
ऋषि-मुनि देव सभी हरषाए
ब्रह्मा विष्णु शंकर भी आए
मिलकर सबने पुष्प बरसाए
देवों ने जय-जयकार लगाई
सिया बनी दुल्हन, दूल्हे रघुराई
फूलों से सजी नगर की गलियाँ
झूम उठीं सखियाँ अलबेलियाँ
गूँज उठीं जयकारों से गलियाँ
हर मुख पर मुस्कान समाई
सिया बनी दुल्हन, दूल्हे रघुराई
'शुभ' गाए मंगल यह गाथा
राम-सिया का पावन नाता
जिसने प्रेम से नाम है गाया
उस पर कृपा करें रघुराई
सिया बनी दुल्हन, दूल्हे रघुराई
दूल्हे रघुराई जी, दूल्हे रघुराई
रचयिता : अभिषेक मैत्रेय "शुभ"
भोलेनाथ सदाशिव मेरे
मेरा सब कुछ भरोसे तेरे
भोलेनाथ सदाशिव मेरे
मैं शरण पड़ा हूं तेरे
अपराध क्षमा करो मेरे
तुम अलख निरंजन भय भंजन
तेरे नाम से पापी करें क्रंदन
जपूं माला मैं शाम सवेरे
भोलेनाथ सदाशिव मेरे
मेरा सब कुछ भरोसे तेरे
भोलेनाथ सदाशिव मेरे
कण कण में सदाशिव तेरा वास है
तेरे भक्तों का तुझ में विश्वास है
रहें चरणों में सांझ सवेरे
भोलेनाथ सदाशिव मेरे
मेरा सब कुछ भरोसे तेरे
भोलेनाथ सदाशिव मेरे
"शुभ" दोनों हाथ फैला के खड़ा
मैं याचक तू है कृपालु बड़ा
रखो वरद हस्त सिर मेरे
भोलेनाथ सदाशिव मेरे
मेरा सब कुछ भरोसे तेरे
भोलेनाथ सदाशिव मेरे
भोलेनाथ सदाशिव मेरे
मैं शरण पड़ा हूं तेरे
अपराध क्षमा करो मेरे
तुम अलख निरंजन भय भंजन
तेरे नाम से पापी करें क्रंदन
जपूं माला मैं शाम सवेरे
भोलेनाथ सदाशिव मेरे
मेरा सब कुछ भरोसे तेरे
भोलेनाथ सदाशिव मेरे
कण कण में सदाशिव तेरा वास है
तेरे भक्तों का तुझ में विश्वास है
रहें चरणों में सांझ सवेरे
भोलेनाथ सदाशिव मेरे
मेरा सब कुछ भरोसे तेरे
भोलेनाथ सदाशिव मेरे
"शुभ" दोनों हाथ फैला के खड़ा
मैं याचक तू है कृपालु बड़ा
रखो वरद हस्त सिर मेरे
भोलेनाथ सदाशिव मेरे
मेरा सब कुछ भरोसे तेरे
भोलेनाथ सदाशिव मेरे
Thursday, 2 July 2026
डमरू वाला शिव डमरू वाला
जिसका आदि ना अंत, वो जग में अनंत
औघड़ दानी निराला .....
डमरू वाला शिव डमरू वाला
डमरू वाला शिव डमरू वाला
रूप भयंकर बना के रहता
भूतो के संग मस्त है रहता
जिसका कोई ना सानी, वो है महादानी
पीवे विष का प्याला .....
डमरू वाला शिव डमरू वाला
डमरू वाला शिव डमरू वाला
सावन की रुत आयी रे भैया
गंगाजल ले चले कावड़िया
"शुभ" द्वारे जोभी आये, गंगाजल से नहलाये
काटे कष्ट विकराला ......
डमरू वाला शिव डमरू वाला
डमरू वाला शिव डमरू वाला
कैलाश पर्वत पे उसका बसेरा
भस्म रमा जोगी डाले है डेरा
वो है गजब बैरागी, नहीं ऐसा कोई त्यागी
जग में देव निराला ......
डमरू वाला शिव डमरू वाला
डमरू वाला शिव डमरू वाला
गले में बाबा लिपटे भुजंगा
जटा से बहती पावन गंगा
नंदी सेवा में रहते, भक्त बोल बम कहते
"शुभ" जपे बंबं की माला
डमरू वाला शिव डमरू वाला
डमरू वाला शिव डमरू वाला
रचयिता : अभिषेक मैत्रेय "शुभ"
औघड़ दानी निराला .....
डमरू वाला शिव डमरू वाला
डमरू वाला शिव डमरू वाला
रूप भयंकर बना के रहता
भूतो के संग मस्त है रहता
जिसका कोई ना सानी, वो है महादानी
पीवे विष का प्याला .....
डमरू वाला शिव डमरू वाला
डमरू वाला शिव डमरू वाला
सावन की रुत आयी रे भैया
गंगाजल ले चले कावड़िया
"शुभ" द्वारे जोभी आये, गंगाजल से नहलाये
काटे कष्ट विकराला ......
डमरू वाला शिव डमरू वाला
डमरू वाला शिव डमरू वाला
कैलाश पर्वत पे उसका बसेरा
भस्म रमा जोगी डाले है डेरा
वो है गजब बैरागी, नहीं ऐसा कोई त्यागी
जग में देव निराला ......
डमरू वाला शिव डमरू वाला
डमरू वाला शिव डमरू वाला
गले में बाबा लिपटे भुजंगा
जटा से बहती पावन गंगा
नंदी सेवा में रहते, भक्त बोल बम कहते
"शुभ" जपे बंबं की माला
डमरू वाला शिव डमरू वाला
डमरू वाला शिव डमरू वाला
रचयिता : अभिषेक मैत्रेय "शुभ"
Wednesday, 1 July 2026
खाटू श्याम जाने को मन डोले
चला चला रे ड्राइवर, गाड़ी हौले हौले....
हौले हौले....
खाटू श्याम जाने को.... मन डोले....
खाटू श्याम जाने को.... मन डोले....
साँवरे का आया बुलावा .... साँवरे का आया बुलावा ....
हुआ बेकरार .....
दर्शन देने को मेरा बाबा, बैठा है तैयार ....
दर्शन देने को मेरा बाबा, बैठा है तैयार ....
चला चला रे ड्राइवर, गाड़ी हौले हौले....
हौले हौले....
खाटू श्याम जाने को.... मन डोले ....
हर पल "शुभ" याद सतावे.... हर पल "शुभ" याद सतावे....
जिया हुआ बेकरार ....
बन ठन कर है बैठा सांवरा, लेउं नजर उतार ....
बन ठन कर है बैठा सांवरा, लेउं नजर उतार ....
चला चला रे ड्राइवर, गाड़ी हौले हौले....
हौले हौले....
खाटू श्याम जाने को.... मन डोले ....
दानी बहुत हुए हैं जग में.... दानी बहुत हुए हैं जग में ....
तेरा दान निराला .....
होकर राजी कन्हैया ने, श्याम नाम दे डाला ....
होकर राजी कन्हैया ने, श्याम नाम दे डाला ....
चला चला रे ड्राइवर, गाड़ी हौले हौले....
हौले हौले....
खाटू श्याम जाने को.... मन डोले....
हौले हौले....
खाटू श्याम जाने को.... मन डोले....
खाटू श्याम जाने को.... मन डोले....
साँवरे का आया बुलावा .... साँवरे का आया बुलावा ....
हुआ बेकरार .....
दर्शन देने को मेरा बाबा, बैठा है तैयार ....
दर्शन देने को मेरा बाबा, बैठा है तैयार ....
चला चला रे ड्राइवर, गाड़ी हौले हौले....
हौले हौले....
खाटू श्याम जाने को.... मन डोले ....
हर पल "शुभ" याद सतावे.... हर पल "शुभ" याद सतावे....
जिया हुआ बेकरार ....
बन ठन कर है बैठा सांवरा, लेउं नजर उतार ....
बन ठन कर है बैठा सांवरा, लेउं नजर उतार ....
चला चला रे ड्राइवर, गाड़ी हौले हौले....
हौले हौले....
खाटू श्याम जाने को.... मन डोले ....
दानी बहुत हुए हैं जग में.... दानी बहुत हुए हैं जग में ....
तेरा दान निराला .....
होकर राजी कन्हैया ने, श्याम नाम दे डाला ....
होकर राजी कन्हैया ने, श्याम नाम दे डाला ....
चला चला रे ड्राइवर, गाड़ी हौले हौले....
हौले हौले....
खाटू श्याम जाने को.... मन डोले....
रचयिता : अभिषेक मैत्रेय "शुभ"
Monday, 29 June 2026
खाटू वाले तू संग मेरे चल
खाटू वाले तू संग मेरे चल
मुश्किलों में भी मिलता है हल
मेरे दिल में ये आस जगी
थम जाएगी तब हलचल
जब भी मेरा मन घबराता
दर्शन को तेरे दौड़ा आता
खाटू वाले तू संग मेरे चल
मुश्किलों में भी मिलता है हल
श्याम धणी है हारे का सहारा
चिंता मिटाये लगाए किनारा
खाटू वाले तू संग मेरे चल
मुश्किलों में भी मिलता है हल
ज्योत जगाय जो कीर्तन कराये
बाहर पकड़ ले और पार लगाए
खाटू वाले तू संग मेरे चल
मुश्किलों में भी मिलता है हल
"शुभ" तेरे द्वार का सेवक हुआ है
श्रद्धा बढ़ी है निर्मल हुआ है
खाटू वाले तू संग मेरे चल
मुश्किलों में भी मिलता है हल
मेरे दिल में ये आस जगी
थम जाएगी तब हलचल
मुश्किलों में भी मिलता है हल
मेरे दिल में ये आस जगी
थम जाएगी तब हलचल
जब भी मेरा मन घबराता
दर्शन को तेरे दौड़ा आता
खाटू वाले तू संग मेरे चल
मुश्किलों में भी मिलता है हल
श्याम धणी है हारे का सहारा
चिंता मिटाये लगाए किनारा
खाटू वाले तू संग मेरे चल
मुश्किलों में भी मिलता है हल
ज्योत जगाय जो कीर्तन कराये
बाहर पकड़ ले और पार लगाए
खाटू वाले तू संग मेरे चल
मुश्किलों में भी मिलता है हल
"शुभ" तेरे द्वार का सेवक हुआ है
श्रद्धा बढ़ी है निर्मल हुआ है
खाटू वाले तू संग मेरे चल
मुश्किलों में भी मिलता है हल
मेरे दिल में ये आस जगी
थम जाएगी तब हलचल
रचयिता: अभिषेक मैत्रेय "शुभ"
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